Hanuman Ji Ki Puja Kaise Karen: सनातन परंपरा में चिरंजीवी कहलाने वाले हनुमान जी के बारे में मान्यता है कि वे हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं और अपने भक्तों की पूजा-प्रार्थना पर उनका कल्याण करने के लिए दौड़े चले आते हैं. हनुमत उपासना के लिए जिस मंगलवार के दिन को अत्यंत ही शुभ माना जाता है, उसका महत्व तब और बढ़ जाता है, जब वह ज्येष्ठ मास में पड़ता है और बड़ा मंगल या फिर कहें बुढ़वा मंगल कहलाता है. यदि आप चाहते हैं कि आपकी बड़ा मंगल पर की जाने वाली हनुमत साधना सफल हो तो आपको इस लेख में बताए गये नियमों का पूरी तरह से पालन करना चाहिए.

हनुमान जी की पूजा के नियम
- हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी की पूजा के लिए विशेष मुहूर्त या फिर प्रात:काल अथवा संध्या के समय साधना करना शुभ माना गया हैं ऐसे में आप अपनी सुविधा के अनुसार आज हनुमत साधना का समय चुन सकते हैं.
- हनुमान पूजा में अधिक से अधिक लाल अथवा केसरिया रंग की चीजों का प्रयोग किया जाता है. आज बजरंग बली को पूजा में लाल रंग के पुष्प, लाल वस्त्र और लाल रंग के फल और मिष्ठान अर्पित करें. इसी प्रकार हनुमान जी को जलाए जाने वाली दीये की बाती भी लाल कलावा की रखें तथा लाल रंग के आसन पर बैठकर पूजा करें.

- हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी की साधना के लिए तन और मन से पवित्र होना बहुत जरूरी है. ऐसे में साधक को बड़ा मंगल के दिन उनकी पूजा करने से पहले स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए और पूरे दिन पवित्रता के साथ रहना चाहिए.
- बड़ा मंगल के दिन हनुमत साधना करने वाले साधक को भूलकर भी काले या नीले रंग के कपड़ों को नहीं धारण करना चाहिए. आज के दिन लाल, पीले अथवा सफेद रंग के वस्त्र धारण करें.
- हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं और इनकी पूजा में ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत जरूरी माना गया है. ऐसे में बड़ा मंगल या फिर कहें बुढ़वा मंगल की पूजा करने वाले साधक को पूरे दिन काम-क्रोध से दूर रहते हुए पूरी तरह ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
- तन और मन से शुद्ध रहने के साथ इस पावन दिन आहार को लेकर भी कुछेक सावधानी रखनी चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल के दिन हनुमत साधना और व्रत करने वाले साधक को सात्विक चीजों को ग्रहण करना चाहिए और मांस-मंदिरा आदि तामसिक चीजों से पूरी तरह दूरी बनाए रखना चाहिए.

- हिंदू मान्यता के अनुसार महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा का स्पर्श नहीं करना चाहिए. उन्हें हनुमान जी की साधना और आराधना बगैर हनुमान जी की प्रतिमा को स्पर्श किए बगैर करना चाहिए. हनुमान जी की पूजा के लिए महिलाएं किसी पुजारी या घर के किसी पुरुष सदस्य की मदद ले सकती हैं.
- हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी की पूजा तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक उनके आराध्य यानि भगवान श्री राम के नाम का कीर्तन या फिर उनके मंत्र का जप न किया जाए. ऐसे में आज हनुमत साधना के साथ प्रभु श्री राम की पूजा एवं उनके मंत्र का जप अवश्य करें. साथ ही साथ माता अंजनी और माता सीता की भी पूजा करें.
- हनुमान जी की पूजा में भोग लगाने के लिए आप आज गुड़-चना, मोतीचूर या फिर कहें बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू, चूरमा औ फल आदि अर्पित कर सकते हैं, लेकिन इन सभी के साथ तुलसी दल और मीठा पान अर्पित करना बिल्कुल न भूलें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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