
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पार्टी के अपने वरिष्ठ कैबिनेट सहयोगियों के साथ विचार विमर्श किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक खत्म होने के तत्काल बाद प्रधानमंत्री ने वित्तमंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार, संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू और सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत के साथ विचार विमर्श किया। हालांकि इस बैठक में क्या बात हुई, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार ऐसे समय में हुई जब करीब एक पखवाड़े बाद 23 फरवरी को संसद का बजट सत्र शुरू होगा। इस दौरान विपक्षी दल दिल्ली की हार पर सरकार पर निशाना साध सकते हैं।
भाजपा नेताओं ने आज स्वीकार किया कि यह हार पार्टी के लिए झटका है लेकिन इस तरह की धारणाओं को खारिज कर दिया कि यह मोदी सरकार के कामकाज के खिलाफ जनादेश है।
कैबिनेट की बैठक से पहले अलग से बातचीत करते हुए जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा कि भारत में भाजपा के हर चुनाव जीतने की उम्मीद करना सामंती सोच की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में यह होता रहता है। अगर हम हर जगह जीत की बात सोचते हैं तो यह सामंती मानसिकता है। यह सामंती सोच है। लोकतांत्रिक सोच में ऐसा होता है। किसी भी राज्य में कोई भी सरकार बना सकता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में कहीं भी किसी को भी हराया जा सकता है और सभी को इसे बड़ी विनम्रता से स्वीकार कर लेना चाहिए।'
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार सभी के साथ समान व्यवहार करती है और राजनीतिक भेदभाव नहीं करती और ऐसा ही सिद्धांत दिल्ली में लागू होगा। उन्होंने कहा, 'हम सकारात्मक विपक्ष के रूप में काम करेंगे और जरूरत पड़ने पर विरोध करेंगे।'
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