UPSC क्रैक कर पाना लाखों लोगों को सपना होता है, लेकिन जब आखिरी रिजल्ट जारी होता है तो इसमें महज कुछ नाम ही शामिल होते हैं. चुने गए अभ्यर्थियों में से कुछ को उनका होम स्टेट यानी होम कैडर दिया जाता है. आमतौर पर यूपीएससी टॉपर्स को ही ये सुविधा मिलती है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि रैंक अच्छी होने पर होम कैडर 100 प्रतिशत अलॉट होना तय है. इसके लिए नियम बनाए गए हैं, जिनका पूरी तरह से पालन किया जाना जरूरी होता है. इसके अलावा कुछ लोगों को लगता है कि IAS-IPS एक दूसरे से शादी करने के बाद अपने होम स्टेट आ सकते हैं. आज हम आपको इसी के नियम बताने जा रहे हैं.
होम कैडर के लिए क्या है जरूरी?
यूपीएससी परीक्षा देने वाले ज्यादातर उम्मीदवार अक्सर होम स्टेट ही भरते हैं. क्योंकि वो अपने ही राज्य में नौकरी करना चाहते हैं. UPSC में टॉप करने वाले लोगों को आमतौर पर उनका चुना गया कैडर मिल जाता है. हालांकि ये कई चीजों पर निर्भर करता है. हो सकता है कि जिस राज्य में आपने कैडर प्रायोरिटी भरी है, वहां उस कैटेगरी की वैकेंसी ही ना हो.
यानी आप अगर राजस्थान कैडर चुनते हैं और जनरल कैटेगरी से आते हैं तो उस साल राज्य में इसकी वैकेंसी होना जरूरी है. इसके बाद हो सकता है कि राजस्थान को होम कैडर चुनने वाले कई लोग हों, ऐसे में सबसे अच्छी रैंक वाले को ही वो सीट या कैडर मिलेगा. हालांकि डेप्यूटेशन के रास्ते करीब 7 साल के लिए होम कैडर में जा सकते हैं, लेकिन ये मौका भी चुनिंदा अफसरों को मिलता है.
छोटे राज्यों में बड़ा मौका
अगर आप यूपी, बिहार या फिर राजस्थान जैसे राज्यों से आते हैं और होम कैडर का सपना देख रहे हैं तो ये काफी मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इन राज्यों से कई लोग परीक्षा में पास हुए होंगे और होम कैडर की रेस में आगे वही जाएगा, जिसकी रैंक बेहतर है. वहीं अगर आप सिक्किम, नागालैंड या फिर असम से आते हैं और होम कैडर चुनते हैं तो इसके मिलने के चांस ज्यादा होते हैं. क्योंकि आपके साथ इस रेस में एक या दो ही लोग होंगे.
ये गलती करने पर नहीं मिलता होम कैडर
विकास दिव्यकीर्ति ने अपने एक वीडियो में बताया था कि कौन सी गलती से होम कैडर बिल्कुल भी नहीं मिलता है. जो उम्मीदवार 1:1 में अपना कैडर नहीं चुनते हैं, उन्हें होम कैडर नहीं मिल सकता है. यानी जोन और स्टेट चॉइस एक ही होनी चाहिए. कुछ लोग ये गलती कर देते हैं कि नंबर-1 पर अपना जोन और स्टेट दोनों को नहीं चुनते हैं. ऐसे में नियम के हिसाब से उन्हें होम कैडर नहीं दिया जाता है.
शादी के बाद मिलता है होम कैडर?
IAS या IPS जब एक दूसरे से शादी करते हैं तो उन्हें एक ही कैडर अलॉट हो जाता है. कई लोगों को लगता है कि शादी करने के बाद होम कैडर मिल सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अगर कोई हरियाणा का रहने वाला अधिकारी राजस्थान की अधिकारी से शादी करता है तो दोनों को एक दूसरे का होम कैडर नहीं मिलेगा, उन्हें कोई तीसरा राज्य दिया जाएगा. यानी शादी के भरोसे रहकर भी होम कैडर नहीं मिल सकता है.
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