IAS या IPS अधिकारी बनने के बाद सबसे पहली इच्छा होम कैडर की होती है. ज्यादातर लोग अधिकारी बनने के बाद अपने ही राज्य में सेवाएं देना पसंद करते हैं, लेकिन गिने-चुने अधिकारियों को ही ये सुनहरा मौका मिल पाता है. आमतौर पर यूपीएससी टॉप करने वालों को आसानी से होम कैडर मिल जाता है, लेकिन इसमें भी कई तरह के पेच हैं. इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं और एक छोटी सी गलती टॉपर को भी होम स्टेट से दूर रख सकती है. वहीं कुछ लोग ये भी मानते हैं कि कोई IAS-IPS आपस में शादी कर लें तो उनमें से किसी एक को होम कैडर मिल सकता है, लेकिन ये भी एक गलतफहमी है.
होम कैडर के लिए क्या है जरूरी?
यूपीएससी परीक्षा देने वाले ज्यादातर उम्मीदवार अक्सर होम स्टेट ही भरते हैं. क्योंकि वो अपने ही राज्य में नौकरी करना चाहते हैं. UPSC में टॉप करने वाले लोगों को आमतौर पर उनका चुना गया कैडर मिल जाता है. हालांकि ये कई चीजों पर निर्भर करता है. हो सकता है कि जिस राज्य में आपने कैडर प्रायोरिटी भरी है, वहां उस कैटेगरी की वैकेंसी ही ना हो.
यानी आप अगर राजस्थान कैडर चुनते हैं और जनरल कैटेगरी से आते हैं तो उस साल राज्य में इसकी वैकेंसी होना जरूरी है. इसके बाद हो सकता है कि राजस्थान को होम कैडर चुनने वाले कई लोग हों, ऐसे में सबसे अच्छी रैंक वाले को ही वो सीट या कैडर मिलेगा. हालांकि डेप्यूटेशन के रास्ते करीब 7 साल के लिए होम कैडर में जा सकते हैं, लेकिन ये मौका भी चुनिंदा अफसरों को मिलता है.
छोटे राज्यों में बड़ा मौका
अगर आप यूपी, बिहार या फिर राजस्थान जैसे राज्यों से आते हैं और होम कैडर का सपना देख रहे हैं तो ये काफी मुश्किल हो सकता है. क्योंकि इन राज्यों से कई लोग परीक्षा में पास हुए होंगे और होम कैडर की रेस में आगे वही जाएगा, जिसकी रैंक बेहतर है. वहीं अगर आप सिक्किम, नागालैंड या फिर असम से आते हैं और होम कैडर चुनते हैं तो इसके मिलने के चांस ज्यादा होते हैं. क्योंकि आपके साथ इस रेस में एक या दो ही लोग होंगे.
ये गलती करने पर नहीं मिलता होम कैडर
विकास दिव्यकीर्ति ने अपने एक वीडियो में बताया था कि कौन सी गलती से होम कैडर बिल्कुल भी नहीं मिलता है. जो उम्मीदवार 1:1 में अपना कैडर नहीं चुनते हैं, उन्हें होम कैडर नहीं मिल सकता है. यानी जोन और स्टेट चॉइस एक ही होनी चाहिए. कुछ लोग ये गलती कर देते हैं कि नंबर-1 पर अपना जोन और स्टेट दोनों को नहीं चुनते हैं. ऐसे में नियम के हिसाब से उन्हें होम कैडर नहीं दिया जाता है.
शादी के बाद मिलता है होम कैडर?
IAS या IPS जब एक दूसरे से शादी करते हैं तो उन्हें एक ही कैडर अलॉट हो जाता है. कई लोगों को लगता है कि शादी करने के बाद होम कैडर मिल सकता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अगर कोई हरियाणा का रहने वाला अधिकारी राजस्थान की अधिकारी से शादी करता है तो दोनों को एक दूसरे का होम कैडर नहीं मिलेगा, उन्हें कोई तीसरा राज्य दिया जाएगा. यानी शादी के भरोसे रहकर भी होम कैडर नहीं मिल सकता है.
यह भी पढ़ें | यूपी पुलिस कांस्टेबल की मेरिट लिस्ट में आया है नाम? ज्वाइनिंग से पहले ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
यह भी पढ़ें | नायक फिल्म की तरह यूपी में एक दिन की DM बनी 7वीं की छात्रा, सुनी लोगों की शिकायतें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं