अनिल कपूर की फिल्म नायक तो आपको याद ही होगी, जिसमें वो एक दिन के लिए सीएम बनते हैं और फिर अपने फैसलों से तमाम चीजें बदल देते हैं. ऐसा ही नजारा यूपी के हापुड़ में भी देखने को मिला, लेकिन यहां एक दिन का सीएम नहीं बल्कि डीएम बनाया गया. कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली छात्रा निधि एक दिन के लिए डीएम बनीं. मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्रा निधि को डीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई. इस दौरान उन्होंने डीएम ऑफिस में बैठकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझा, लोगों की शिकायतें सुनीं और समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया को करीब से जाना. इस पहल का मकसद बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है.
एक दिन के लिए मिली डीएम की कुर्सी
निधि को मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया. डीएम की कुर्सी पर बैठकर निधि ने प्रशासनिक कामकाज को समझा और जाना कि किस तरह अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनके समाधान के लिए काम करते हैं. इस दौरान छात्रा ने लोगों की शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया को समझा. साथ ही अपने विचार और सुझाव भी रखे. प्रशासन की इस पहल के जरिए छात्राओं और सरकारी व्यवस्था के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बेटियां अधिकारियों से संवाद कर सकें और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को करीब से जान सकें.
हापुड़ की डीएम ने क्या कहा?
हापुड़ जिलाधिकारी कविता मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत जनपद की बालिकाओं को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में एक दिन के लिए अधिकारी बनाया जाता है. इससे छात्राओं को सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली समझने, अधिकारियों से संवाद करने और अपने मन में उठने वाले सवाल पूछने का अवसर मिलता है. इस पहल से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित होंगी.
काफी खास रहा अनुभव
एक दिन के लिए डीएम बनने का छात्रा निधि के लिए ये अनुभव खास रहा. इस पहल से उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था को समझने और जिम्मेदारियों का अनुभव करने का अवसर मिला. मिशन शक्ति के तहत इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना है.फिलहाल, हापुड़ में मिशन शक्ति के तहत की गई यह पहल छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक प्रयास है. उम्मीद है कि निधि का यह अनुभव उनके सपनों को नई दिशा देगा और दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.
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