सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातकोत्तर (नीट-पीजी 2026) की दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पेश की गई है. यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच के सामने रखा गया है. वकील ने बेंच को बताया कि दोबारा परीक्षा शीर्ष अदालत के पहले के आदेश का उल्लंघन है और उन्होंने तत्काल सुनवाई की मांग की. यह फैसला उन 2,445 उम्मीदवारों से जुड़ा है, जो तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा नहीं दे पाए थे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NEET से जुड़े सभी मामले जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने हैं.
बेंच ने कहा, "NEET से जुड़े सभी मामले जस्टिस नरसिम्हा की अगुवाई वाली बेंच के सामने हैं. आप उस बेंच के सामने जाकर इस मामले का जिक्र करें. इन मामलों में कई घटनाक्रम होते रहते हैं."
क्या है पूरा मामला
बता दें कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज की ओर से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET PG) 2026 एग्जाम आयोजित किया जाता है. इस साल NEET PG 2026 परीक्षा पूरे देश में 30 अगस्त को आयोजित की गई थी. जयपुर के सीतापुरा में आयन डिजिटल जोन के दो केंद्रों पर नीट-यूजी परीक्षा बिजली की समस्या के कारण पूरी नहीं हो सकी थी.
उम्मीदवारों को एग्जाम के समय कई तरह की परेशानी आई थी. इन दो केंद्रों पर कुल 2,445 उम्मीदवीारों का एग्जाम था. वहीं अब इन उम्मीदवारों का एग्जाम दोबारा से लिया जाएगा. नीट-पीजी परीक्षा पांच सितंबर को दोपहर तीन बजे जयपुर में फिर से आयोजित की जाएगी.
आधिकारिक सूचना के अनुसार, नीट-पीजी परीक्षा 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 339 शहरों में 1,111 परीक्षा केंद्रों पर 2,73,096 उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई थी. नीट-पीजी में कुल 2,65,980 उम्मीदवार शामिल हुए और लगभग 2,63,535 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक परीक्षा दी.
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