उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. इन कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के साथ ही सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) की शुरुआत की है. इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगीं और सीधे नौकरी से नहीं निकाला जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता सिर्फ वेतन और काम का नहीं हो सकता है, वो एक विश्वास और जिम्मेदारी का रिश्ता होता है. इसी विश्वास को बनाए रखने के लिए कर्मचारी का जीवन कागजों और कार्यालयों के चक्कर में ना बीते, उसका समय अपने कर्तव्य और परिवार के लिए बीते.
कर्मचारियों का हित जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, लगभग 3.5 लाख से ज्यादा कर्मियों के हितों से जुड़ी हुए इस निगम के शुभारंभ पर मैं सभी को बधाई देता हूं. कर्मचारियों के हितों को लेकर उन्होंने कहा, कर्मचारियों को हमेशा ये पता होना चाहिए कि उनके अच्छे काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है, उसके अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है, उसकी समस्या को सुनने का एक तंत्र है और वो अकेला नहीं है. कर्मचारी को उसका वेतन समय से मिले, उसकी भविष्य निधि और बीमा से जुड़े अधिकार सुरक्षित रहें. हर आउटसोर्स कर्मी को उसकी मेहनत के हिसाब से सैलरी मिले.
कितनी बढ़ी सैलरी?
- इस बढ़ोतरी का लाभ परिवहन निगम में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटर के 249 कार्मिकों को मिलेगा
- इनका मानदेय लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपए तक हो जाएगा
- लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों का मानदेय 20 हजार से 26 हजार रुपए तक हो जाएगा
- प्रोग्रामर पद पर काम कर रहे 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपए से बढ़कर 43,313 रुपए तक हो जाएगा
नौकरी से सीधे नहीं निकाल सकते
इस कार्यक्रम के दौरान यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, अगर कोई बेटा या बेटी यूपी में आउट सोर्सिंग के जरिए काम करना चाहता है तो उससे अगर कोई वसूली की जाएगी तो आपकी आउट सोर्सिंग कंपनी तो ब्लैकलिस्ट हो ही जाएगी, लेकिन आपको भी जेल की हवा खानी पड़ेगी. डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी गलती करता है तो उसे सीधे नौकरी से नहीं निकाला जाता है, उसकी एक प्रक्रिया होती है. अगर उस पर लगे आरोप सिद्ध होते हैं तो उसे नौकरी से बर्खास्त किया जाता है. इसी तरह अब आउट सोर्सिंग वालों के लिए स्थिति हो गई, यानी उन्हें सीधे नहीं निकाला जा सकता है. अगर कोई आरोप लगेगा तो उसकी जांच होगी और इसके बाद ही फैसला लिया जाएगा.
आउटसोर्स कर्मियों के लिए क्या बदला?
- कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस और कटौती को एक ही जगह देख पाएंगे
- पोर्टल पर ही कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं और यहीं इसका स्टेटस दिखेगा
- EPF, ESIC जैसी सुविधाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी
- सभी कर्मचारियों के लिए 50 लाख का दुर्घटना बीमा
- करीब तीन लाख कर्मचारियों को भर्ती में नियमों के अनुसार आरक्षण भी दिया जाएगा
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