- डॉ. बुशरा बानो ने दो बच्चों की मां होते हुए भी यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर समाज के तानों को चुनौती दी
- सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर पति के साथ भारत आकर उन्होंने यूपीएससी में मेहनत जारी रखी
- बुशरा बानो उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी पास कर चुकी हैं.
IPS Bushara Bano: ‘दो बच्चों की अम्मी बनने के बाद सपने पीछे छूट जाते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं हो पाती है. यूपीएससी सीएसई जैसी कठिन परीक्षा पास करना तो बहुत मुश्किल है...' समाज के इन घिसे-पिटे तानों को अगर किसी महिला ने अपनी मुट्ठी में भींचकर कचरे के डिब्बे में फेंका है, तो वह हैं भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी डॉ. बुशरा बानो.

बुशरा बानो सऊदी अरब की एक नामी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रहीं. Photo Credit: busahra bano Instagram
आईपीएस बुशरा बानो की सक्सेस स्टोरी
सऊदी अरब की एक नामी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी, एक सेटल लाइफ और दो छोटे बच्चे. अमूमन लोग इतने में जिंदगी का ठहराव तलाश लेते हैं. लेकिन बुशरा के भीतर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का जो जुनून उबल रहा था, उसने उन्हें सुकून से बैठने नहीं दिया. आईपीएस बुशरा बानो की सक्सेस स्टोरी में सबसे खास बात यह रही कि जहां अक्सर कहा जाता है कि ‘सफल पुरुष के पीछे महिला का हाथ होता है', वहीं बुशरा के मामले में उनके पति ढाल बनकर खड़े रहे. पत्नी के सपने को पूरा करने के लिए पति ने भी 2016 में सऊदी की नौकरी छोड़ दी और दोनों भारत लौट आए.

बुशरा बानो के पास PhD, MBA, MA और NET-JRF जैसी कई डिग्रियां हैं. एसडीएम भी रह चुकी हैं. Photo Credit: busahra bano Instagram
बुशरा बानो का यूपीएससी सफर व शिक्षा
2018 में जब बुशरा दूसरी बार मां बनने वाली थीं, तब रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने मान लिया था कि अब किताबों से नाता टूट जाएगा. लेकिन बुशरा ने उसी दौर में दिन-रात मेहनत करके संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 277वीं रैंक हासिल की. इसके तहत उन्हें भारतीय रेल यातायात सेवा कैडर अलॉट हुआ, मगर बुशरा का सपना भारतीय पुलिस सेवा में जाने का था. ऐसे में उन्होंने फिर से यूपीएससी में भाग्य आजमाया और इस बार 234वीं रैंक लाकर पश्चिम बंगाल कैडर में आईपीएस बनीं. उनके पास PhD, MBA, MA और NET-JRF जैसी कई डिग्रियां हैं. वह यूपी सरकार में एसडीएम भी रह चुकी हैं.

बुशरा बनो दूसरी बार में AIR-23 लाकर पश्चिम बंगाल कैडर में आईपीएस बनीं. Photo Credit: busahra bano
अब मैदान-ए-जंग में उतरकर कस रही हैं नकेल
पश्चिम बंगाल कैडर की 2021 बैच की यह धाकड़ अफसर वर्तमान में खड़गपुर में एडिशनल एसपी के रूप में अपराध पर लगाम कसने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. हाल ही में उन्होंने रश्मि ग्रुप, खड़गपुर में आयोजित 'राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम' में शिरकत की. 6 सितंबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं.
ये भी पढ़ें: Fake IAS IPS: किसी ने बेची चाय, कोई बना 100 करोड़ का मालिक, फर्जी आईएएस आईपीएस की कहानी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं