दक्षिणी दिल्ली को जाम से निजात दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने अब यहां एक एलीवेटेड रोड बनाने का फैसला लिया है. दिल्ली सरकार की फाइनेंस कमेटी में एलीवेटेड रोड को बनाने के लिए 1400 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है. साकेत के G ब्लॉक से पुल प्रह्लाद तक एलीवेटेड रोड बनेगा.
दक्षिणी दिल्ली में साकेत की ओर जाने जाने वाली सड़कों पर शाम को भंयकर जाम लगता है. इसी के चलते पुल प्रह्लाद यानी फरीदाबाद से आने वाले वाहनों के लिए G ब्लॉक से लेकर पुल प्रह्लादपुर तक करीब 5 किमी लंबी एलीवेटेड रोड को बनाने का फैसला लिया गया है. इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बनने से महरौली बदर पुर रोड का ट्रैफिक कम होगा इससे साकेत, मदनगीर, दक्षिणपूरी, खानपुर, तुगलकाबाद, जैसे इलाक़ों को सूरजपुर, फरीदाबाद और नोएडा से आने वाले वाहनों को सहूलियत मिलेगी.
दिल्ली में सबसे ज्यादा साउथ-वेस्ट से आती हैं गाड़ियां
दिल्ली में हालिया के एक सर्वे में साफ हुआ है कि साउथ वेस्ट दिल्ली से सबसे ज्यादा 56 फीसदी गाड़ियां आती हैं, इसके बाद उत्तरी पश्चिमी दिल्ली से करीब 18 फीसदी गाड़ियां आती हैं. सरकार ने इसके अलावा मूनक नहर से इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन तक करीब 20 किमी लंबा एलीवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव है, जो मूनक नहर के किनारे बनेगा.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना में निवेश से दक्षिण दिल्ली की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा. एमबी रोड पर लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी, वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और लाखों यात्रियों का समय बचेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास राजधानी को आधुनिक, सुगम और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है. करीब पांच किलोमीटर लंबी यह परियोजना दो भागों में बनेगी. पहला एलिवेटेड रोड साकेत जी ब्लॉक से संगम विहार तक होगा। इसकी लंबाई 2.42 किलोमीटर होगी, दूसरा मां आनंदमाई मार्ग से पुल प्रह्लादपुर तक बनेगा। इसकी लंबाई करीब 2.48 किलोमीटर होगी.
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