- दिल्ली के मंडावली में एक 13 साल का लड़का खेलते-खलते तालाब में डूब गया
- बच्चा जिस तालाब में डूबा उसे छठ पूजा के लिए बनाया गया था. उसके बाहर प्रवेश निषेध वाले बोर्ड भी लगे थे
- परिवार ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए पूछा कि छठ पूजा तालाब में पूरे साल पानी क्यों भरा रहता है
दिल्ली के एक तालाब में 13 साल का बच्चा नहाने गया और डूबने से उसकी मौत हो गई. घटना मंडावली इलाके में गुरुवार को हुई. जानकारी के मुताबिक, ये तालाब नगर निगम के पार्क में छठ पूजा के लिए बनाया गया था. इसी तालाब में नहाने उतरा 13 साल का रोशन चौहान बाहर नहीं निकल पाया. पटपड़गंज का रहने वाला रोशन चौहान परिवार को बिना बताए चोरी-छिपे तालाब में नहाने चला गया था. जबकि उस तालाब में जाने पर प्रतिबंध था. वहां बड़े-बड़े एंट्री बैन वाले बोर्ड भी लगाए गए थे. लेकिन फिर भी रोशन को किसी ने नहीं रोका. उसके पकड़े और चप्पल तालाब के बाहर रखे हुए थे. परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
रोशन बीमार रहता था, स्कूल भी नहीं जाता था
परिवार के मुताबिक, रोशन अक्सर बीमार रहता था. उसके दौरे भी आते थे. इस वजह से वह स्कूल नहीं जाता था. घटना वाले दिन वह खेलने के लिए घर से निकला था और वापस भी नहीं लौटा. शाम के 5 बज गए तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की.जब वे लोग नगर निगम के पार्क में पहुंचे तो वहां रोशन के कपड़े और चप्पल रखे थे. जिसके बाद उन्होंने तालाब के भीतर उसकी तलाश शुरू की.
तालाब में पूरे साल पानी भरा रहता है
रोशन के परिवार वाले इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि छठ पूजा के लिए बनाए गए तालाब में पूरे साल पानी भरा रहता है. बच्चे घरवालों से छिपकर पार्क में बने तालाब में नहाने चले जाते हैं. अगर उसमें पानी नहीं भरा होता तो शायद रोशन की जान बच सकती थी. उनका कहना है कि पार्क के भीतर गार्ड तैनात होने के बाद भी बच्चों को तालाब में जाने से नहीं रोका जाता है.
प्रतिबंधित तालाब में रोशन घुसा कैसे?
पुलिस का कहना है कि तालाब के चारों तरफ जाल का घेरा बनाया गया है. वहां प्रति प्रतिबंधित वाले साइन बोर्ड भी लगे हैं. लेकिन बच्चे जाली के नीचे से तालाब में चले जाते हैं. घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि उनको पटपड़गंज के मैक्स अस्पताल से खबर मिली कि तालाब से कुछ लोगों ने एक लड़के को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया था. जिसकी मौत हो गई. उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल की मॉर्चरी भेजा गया है.
तालाब के बाहर लगे 'प्रवेश निषेध' वाले बोर्ड
हालांकि बच्चे के परिवार को इस हादसे में किसी तरह की साजिश का कोई शक नहीं है. वहीं पुलिस जब मौके पर जांच करने पहुंची तो पता चला कि तालाब के चारों तरफ जाल का घेरा लगा है. वहां पर प्रवेश निषेध की चेतावनी वाले बोर्ड भी लगे हैं.
CCTV से होगी मामले की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, लड़का शायद तैरने की इच्छा से चारदीवारी फांदकर तालाब में उतर गया होगा. जांच से पता चला है कि उसकी मौत पानी में डूबने की वजह से हुई है. पुलिस अब वहां लगे सीसीटीवी के आधार पर मामले की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, मंडावली इलाके में इस अस्थाई तालाब को छठ पूजा के लिए बनाया गया था. बच्चा शायद तैरने के लिए उसके भीतर चला गया. परिजनों को रोशन के कपड़े तालाब के किनारे मिले. जिसके बाद उनको उसके डूबने का शक हुआ. बाद में उन्होंने तलाश की तो उसका शव पानी के भीतर मिला.
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