अरुण जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में अरविंद केजरीवाल के लिए राम जेठमलानी कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं
- डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बिलों पर साइन कर उपराज्यपाल के पास भेजा
- केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ले रहे हैं मोटी फीस
- आप नेताओं का दावा- जेठमलानी ने शुरू में मुफ्त में केस लड़ने की बात कही थी
नई दिल्ली:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चाहते हैं कि वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में खर्च हुए 3.8 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान करदाताओं के पैसे से किया जाए. केजरीवाल ने अपने लिए वकीलों की पूरी फौज खड़ी कर दी, जिसमें देश के सबसे महंगे वकीलों में शुमार राम जेठमलानी भी शामिल हैं.
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मुकदमे के खर्च से जुड़े बिलों पर दस्तखत कर उसे पास करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को भेज दिया है. उपराज्यपाल ने विशेषज्ञों की राय मांगी है कि इस पर कैसे आगे बढ़ाया जाए. केजरीवाल के खिलाफ जेटली द्वारा दायर मामले में उनका केस लड़ रहे रामजेठमलानी ने कथित तौर पर रिटेनरशिप के रूप में 1 करोड़ रुपये का बिल और कोर्ट में हर पेशी के लिए 22 लाख रुपये का बिल भेजा है.
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने अरुण जेटली के दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन यानी डीडीसीए के अध्यक्ष रहने के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे. जेटली जो कि खुद एक प्रसिद्ध वकील हैं, उन्होंने साल 2015 में केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा ठोका था.
आप के वरिष्ठ नेताओं ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल के पास 3.8 करोड़ रुपये के बिल भेजे हैं. केजरीवाल इन बिलों का भुगतान दिल्ली सरकार से क्यों चाहती है, इस बारे में आप के एक नेता ने कहा ' मुख्यमंत्री के दफ्तर पर छापा मारा गया था और उसके बाद उनका बयान (जेटली के खिलाफ) आया. यह दिल्ली के मुख्यमंत्री पर एक हमला था'
आप के नेताओं ने यह दावा भी किया कि राम जेठमलानी ने शुरू में केजरीवाल के लिए मुफ्त में केस लड़ने की बात कही थी, लेकिन केस हाथ में लेने के करीब 9 महीने बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को बिल भेजने शुरू कर दिए.
बीजेपी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सोमवार शाम को ट्वीट किया
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने मुकदमे के खर्च से जुड़े बिलों पर दस्तखत कर उसे पास करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल को भेज दिया है. उपराज्यपाल ने विशेषज्ञों की राय मांगी है कि इस पर कैसे आगे बढ़ाया जाए. केजरीवाल के खिलाफ जेटली द्वारा दायर मामले में उनका केस लड़ रहे रामजेठमलानी ने कथित तौर पर रिटेनरशिप के रूप में 1 करोड़ रुपये का बिल और कोर्ट में हर पेशी के लिए 22 लाख रुपये का बिल भेजा है.
उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने अरुण जेटली के दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन यानी डीडीसीए के अध्यक्ष रहने के दौरान वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए थे. जेटली जो कि खुद एक प्रसिद्ध वकील हैं, उन्होंने साल 2015 में केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा ठोका था.
आप के वरिष्ठ नेताओं ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर इस बात की पुष्टि की कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल के पास 3.8 करोड़ रुपये के बिल भेजे हैं. केजरीवाल इन बिलों का भुगतान दिल्ली सरकार से क्यों चाहती है, इस बारे में आप के एक नेता ने कहा ' मुख्यमंत्री के दफ्तर पर छापा मारा गया था और उसके बाद उनका बयान (जेटली के खिलाफ) आया. यह दिल्ली के मुख्यमंत्री पर एक हमला था'
आप के नेताओं ने यह दावा भी किया कि राम जेठमलानी ने शुरू में केजरीवाल के लिए मुफ्त में केस लड़ने की बात कही थी, लेकिन केस हाथ में लेने के करीब 9 महीने बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को बिल भेजने शुरू कर दिए.
बीजेपी की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने सोमवार शाम को ट्वीट किया
बता दें कि पिछले हफ्ते ही उपराज्यपाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिया था कि आप सरकार ने विज्ञापन में जिस तरह से केजरीवाल को प्रोजेक्ट किया, वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है, इसलिए इन विज्ञापनों में जो सरकारी पैसा खर्च हुआ उसकी भरपाई आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपये वसूल करके की जाए.Why @ArvindKejriwal ji is silent on this letters ? I challenge Kejriwal ji to debate with me on this issue. https://t.co/P9K3mIlBe3
— Tajinder Pal S Bagga (@TajinderBagga) April 3, 2017
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Arvind Kejriwal, Arun Jaitley Defamation Case, Ram Jethmalani, AAP Government