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This Article is From Jul 27, 2020

महंगी कार में घूमने वाला ठग गिरफ्तार, आगे पीछे एस्कॉर्ट करती थीं बाउंसरों से भरी जिप्सियां

गैंग का सरगना खुद को सरकारी अफसर बताकर महंगी कार में चलता था. उसके आगे पीछे 2 जिप्सियां उसे एस्कॉर्ट करती थीं, जिनमें बाउंसर होते थे.

महंगी कार में घूमने वाला ठग गिरफ्तार, आगे पीछे एस्कॉर्ट करती थीं बाउंसरों से भरी जिप्सियां
मामले में कांग्रेस दफ्तर के एक कर्मचारी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो लोगों को लोन दिलाने के नाम पर उनसे पैसे ठग लिया करता था. इस मामले में कांग्रेस दफ्तर के एक कर्मचारी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गैंग का सरगना खुद को सरकारी अफसर बताकर महंगी कार में चलता था. उसके आगे पीछे 2 जिप्सियां उसे एस्कॉर्ट करती थीं, जिनमें बाउंसर होते थे. दिल्ली पुलिस को एक शिकायत मिली कि रितेश तिवारी नाम का एक व्यक्ति जो अपने आप को गृहमंत्री के पीएस का करीबी बताता है और उसने कई लोगों को झांसे दिए कि वह उनका रुका हुआ काम करवा देगा. जब इस सूचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई तो दो और शिकायतें मिलीं, जिसमें यह बताया गया कि रितेश तिवारी अपने कुछ गैंग मेंबर्स की सहायता से लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी का काम कर रहा है.

एक व्यक्ति जिसे उसने 25 करोड़ रुपये का लोन दिलाने का वादा किया था और स्टाम्प पेपर के खर्चे के नाम पर 12 लाख रुपए ठग लिए, उसने दिल्ली पुलिस को इस मामले में एक शिकायत दी. इसी तरह एक व्यक्ति ने यह शिकायत दी कि इसी गैंग के सदस्यों ने उन्हें भी 50 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 32 लाख रुपए ठग लिए. जांच में पता चला कि रितेश तिवारी जोकि सिविल लाइंस इलाके का निवासी है, अपने कुछ मित्रों की मदद से ठगी का काम कर रहा है.

इस गैंग ने एक फार्म हाउस किराये पर लेकर वहां एक सेटअप तैयार किया जहां बाउंसर्स रखे गए और लोगों की तलाशी के इंतजाम किए गए. जो लोग वहां लाए जाते थे उनको यह झांसा दिया जाता था कि यह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति का निवास स्थान है और शिकायत कर्ताओं की लोन संबंधी बातें कर ली गई हैं. उसके बाद स्टाम्प पेपर खरीदने के नाम पर उनसे पैसे ठग लिए जाते थे. दिल्ली पुलिस ने रितेश तिवारी समेत इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. रितेश तिवारी इस गैंग का सरगना है और क्लब रोड, सिविल लाइंस इलाके में रहता है.

वो खुद को बड़ा अफसर बताता था. ठगी के लिए और लोगों में रुतबा दिखाने के लिए वो खुद फॉर्च्यूनर गाड़ी में चलता था. उसके साथ में दो जिप्सी जिसमें बाउंसर पायलट उसे एस्कॉर्ट कर चलते थे. अजय जैन जो इसका साथी है, वह किसी वित्तीय संस्था में काम करता है और पिछले कुछ समय से राकेश तिवारी के साथ काम कर रहा है. भास्कर नाथ एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी का बेटा है और पिछले कुछ दिनों से रितेश तिवारी के गैंग में काम कर रहा है.

अमन कश्यप एक प्रॉपर्टी डीलर है और पिछले 12 सालों से रितेश तिवारी से परिचित है, करीब 3 सालों से यह रितेश के साथ इस कार्य में जुड़ा हुआ है. भीम पंडित कांग्रेस के 24 अकबर रोड स्थित कार्यालय में एक क्लर्क का काम करता है और अपने आप को कई वरिष्ठ नेताओं का करीबी बताता है. इस गैंग के कुछ अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाना बाकी है. अब तक इनसे एक फॉर्च्यूनर कार, दो जिप्सी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

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