- मनीष सिसोदिया और हरदीप पुरी के बीच बहस
- दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने पर बहस
- दोनोंं नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर साधा निशाना
सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बीच दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने को लेकर जमकर बहस हुई. इस मामले पर दोनों नेताओं ने ट्वीट के जरिए एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा. दरअसल, मनीष सिसोदिया ने बीजेपी पर हमलावर होते हुए कहा था, 'अनधिकृत कालोनियों के बारे में बीजेपी ने झूठ बोला. हरदीप पुरी जी ने खोली भाजपा की पोल. डीडीए की वेबसाइट पर लिखा- नहीं, या न तो अनधिकृत कालोनियों का और न ही वहाँ निर्मित क्षेत्र का नियमितिकरण है. अभी तक हरदीप पूरी सर का जवाब नही आया. सर आप अपनी वेबसाइट पर कह रहे हैं कि ' यह अवैध कालोनियां या उनकी सम्पत्तियों का नियमितिकरण नहीं है' ये बात सच है या झूठ. कालोनियां नियमित होंगी या नही? हाँ या ना? बस इतना बता दीजिए!"
अभी तक हरदीप पूरी @HardeepSPuri सर का जवाब नही आया.
— Manish Sisodia (@msisodia) December 30, 2019
सर आप सरकारी डॉक्युमेंट में अपनी वेबसाइट पर कह रहे हैं कि ' यह अवैध कालोनियाँ या उनकी सम्पत्तियों का नियमितिकरण नहीं है'
ये बात सच है या झूँठ..
कालोनियाँ नियमित होंगी या नही? हाँ या ना?
बस इतना बता दीजिए! https://t.co/fzcQYGbXkQ
इसके जवाब में हरदीप पुरी ने ट्वीट किया, "यह काम हो चुका है. आप बस शब्दों के जाल में उलझे हुए हैं. अगर आपने 5 साल ख़राब नहीं किये होते तो यह बहुत पहले हो गया होता. वैसे ले-आउट प्लान के लिए फ़ायर क्लियरेंस ज़रूरी है. वो देने में आपको कितने साल लगेंगे? नक्शे तो आप 5 साल में नहीं बना पाए. सीधा जवाब दीजियेगा."
यह काम हो चुका है।
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 30, 2019
आप बस शब्दों के जाल में उलझे हुए हैं।
अगर आपने 5 साल ख़राब नहीं किये होते तो यह बहुत पहले हो गया होता।
वैसे ले-आउट प्लान के लिए फ़ायर क्लेयरंस ज़रूरी है।
वो देने में आपको कितने साल लगेंगे?
नक्शे तो आप 5 साल में नहीं बना पाए।
सीधा जवाब दीजियेगा। pic.twitter.com/zIth1X1CDQ
इसके बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा, "सर! मेरा आपसे सीधा सा सवाल है - क्या दिल्ली की unauthorized colonies और उनके मकान नियमित हो रहे हैं या नहीं? हां या ना? (सीधा सवाल है , सीधा जवाब दे दीजिए - हां या ना?. शब्दों में इधर उधर मत करिएगा)."
कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर AAP ने DDA से पूछा सवाल? मिला यह जवाब....
सिसोदिया को जवाब देते हुए पुरी ने कहा , "वैसे क्या आपको यह नहीं मालूम कि मालिकाना हक देने के लिए जो अधिसूचना है, उसमें कॉलोनी का नियमित होना ज़रूरी नहीं है? मुझे आशा थी कि आपको इतना तो पता होगा. अब आप लोगों को भटकाना बंद कर दीजिए. लोगों के घर की रजिस्ट्री के रास्ते में अब आप कोई और रोड़ा नहीं अटका सकते. "
वैसे क्या आपको यह नहीं मालूम कि मालिकाना हक देने के लिए जो अधिसूचना है, उसमें कॉलोनी का नियमित होना ज़रूरी नहीं है? मुझे आशा थी कि आपको इतना तो पता होगा। अब आप लोगों को भटकाना बंद कर दीजिए। लोगों के घर की रजिस्ट्री के रास्ते में अब आप कोई और रोड़ा नहीं अटका सकते।@msisodia
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 30, 2019
सिसोदिया ने जवाब दिया , " हरदीप पुरी जी! अब आप कह रहे हैं कि अवैध कालोनियां नियमित नहीं की जा रही हैं!!
यानि आप कह रहे हैं कि अनधिकृत कालोनियां नियमित करने की आपकी घोषणा और बीजेपी का पूरा प्रचार अभियान भी एक 'जुमला' ही था?"
सर! @HardeepSPuri जी! अब आप कह रहे हैं कि अवैद्य कालोनियाँ नियमित नही की जा रही हैं!!
— Manish Sisodia (@msisodia) December 31, 2019
यानि आप कह रहे हैं कि अनाधिकृत कालोनियाँ नियमित करने की आपकी घोषणा और बीजेपी का पूरा प्रचार अभियान भी एक 'जुमला' ही था? https://t.co/iyRk0Wtz7H pic.twitter.com/wpIvc7l2fT
पुरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "साफ़ दिख रहा है कि दिल्ली के माननीय उपमुख्यमंत्री अनुभव की कमी के कारण कुछ चीज़ें समझ नहीं पा रहे हैं और उन्हीं एक दो शब्दों के जाल में उलझे पड़े हैं जो उन्होंने सुन रखे हैं. DDA की जिस वेबसाइट की वो बार बार रट लगा रहे हैं उसमें भी उनको समझाने के लिए चीजें सरल कर दी गयी हैं."
साफ़ दिख रहा है कि दिल्ली के माननीय उपमुख्यमंत्री अनुभव की कमी के कारण कुछ चीज़ें समझ नहीं पा रहे हैं और उन्हीं एक दो शब्दों के जाल में उलझे पड़े हैं जो उन्होंने सुन रखे हैं।
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 31, 2019
DDA की जिस वेबसाइट की वो बार बार रट लगा रहे हैं उसमें भी उनको समझाने के लिए चीजें सरल कर दी गयी हैं। pic.twitter.com/TifW6SCQ0W
सिसोदिया ने ट्वीट किया, "इतने लम्बे जवाब के लिए धन्यवाद सर! मैं तो दो शब्दों में जानना चाह रहा हूँ कि आपकी ये उदय योजना अनधिकृत कालोनियों का नियमतीकरण है या नहीं? हाँ या ना? आपकी वेबसाइट पहले कह रही थी कि ये कालोनियों या मकानों नियमतीकरण नहीं है. इसका जवाब अब भी आप नहीं दे रहे हैं."
इतने लम्बे जवाब के लिए धन्यवाद @HardeepSPuri सर! मैं तो दो शब्दों में जानना चाह रहा हूँ कि आपकी ये उदय योजना अनाधिकृत कालोनियों का नियमतीकरण है या नहीं? हाँ या ना?
— Manish Sisodia (@msisodia) December 31, 2019
आपकी वेबसाइट पहले कह रही थी कि ये कालोनियों या मकानों नियमतीकरण नहीं है. इसका जवाब अब भी आप नहीं दे रहे हैं. https://t.co/lWRWJvxT9X
पुरी ने ट्वीट किया, "वैसे सिसोदिया जी और केजरीवाल जी यह बताएं कि अगर 1731 कॉलिनियों के लोगों को उनके घर का मालिकाना हक़ मिल रहा है और उनके घरों की रजिस्ट्री हो रही है तो उन्हें क्या तकलीफ़ है? शायद यह कि वो अब इस मामले में कोई नया रोड़ा नहीं अटका पाएंगे?"
वैसे सिसोदिया जी और केजरीवाल जी यह बताएं कि अगर 1731 कॉलिनियों के लोगों को उनके घर का मालिकाना हक़ मिल रहा है और उनके घरों की रजिस्ट्री हो रही है तो उन्हें क्या तकलीफ़ है?
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 31, 2019
शायद यह कि वो अब इस मामले में कोई नया रोड़ा नहीं अटका पाएंगे? pic.twitter.com/MMCE3QO16H
आगे केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट किया, "जब इन कॉलिनियों में रहने वालों को अपने घरों के लिए लोन मिल सकेंगे, वो मकानों के नक्शे पास करवा सकेंगे और इन कॉलिनियों में पुनर्विकास हो सकेगा तो उनको इतनी तकलीफ़ क्यों है? वैसे वो इस बात का जवाब दें कि क्या उन्हें अब लोगों से झूठ बोलकर उन्हें भटकाना बंद कर देना चाहिए या नहीं?"
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