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This Article is From Feb 22, 2020

Nirbhaya case: तिहाड़ जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को उनसे आखिरी बार मिलने के लिए लिखी चिट्ठी

Nirbhaya Case: निर्भया गैंगरेप मामले में हाल ही में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों का नया डेथ वारंट जारी किया था.

Nirbhaya case: तिहाड़ जेल प्रशासन ने दोषियों के परिजनों को उनसे आखिरी बार मिलने के लिए लिखी चिट्ठी
Nirbhaya case: निर्भया के दोषियों को 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी होगी. (फाइल फोटो)
  • निर्भया के दोषियों को 3 मार्च को होगी फांसी
  • तिहाड़ जेल प्रशासन ने परिजनों को लिखी चिट्ठी
  • दोषी पवन गुप्ता ने वकील से मिलने से किया इंकार
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नई दिल्ली:

Nirbhaya Case: निर्भया गैंगरेप मामले में हाल ही में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों का नया डेथ वारंट जारी किया था. नए डेथ वारंट के अनुसार, सभी दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी. इससे पहले दो बार दोषियों का डेथ वारंट जारी किया जा चुका है. सबसे पहले 22 जनवरी को फांसी की तारीख मुकर्रर हुई थी. दूसरी बार 1 फरवरी को फांसी की तारीख तय की गई थी. दोषियों के वकीलों ने कानूनी दांवपेंच लगाकर इन्हें रद्द करवा दिया था. फिलहाल नए डेथ वारंट को लेकर संशय बरकरार है क्योंकि दोषियों में से एक के पास अब भी कानूनी विकल्प बचे हुए हैं. दूसरी ओर तिहाड़ जेल (Tihar Jail) प्रशासन फांसी की तैयारी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर रहा है.

जेल प्रशासन ने निर्भया के दोषियों के परिवारों को उनसे मिलने के लिए चिट्ठी लिखी है. जेल मैनुअल के हिसाब से फांसी लगने के 14 दिन पहले दोषियों से मिलने के लिए चिट्ठी लिखी जाती है. मुकेश सिंह और पवन गुप्ता को बताया गया कि वह 1 फरवरी वाले डेथ वारंट से पहले ही अपने परिजनों से मिल चुके हैं. अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा से अब पूछा गया है कि वह अपने परिजनों से कब मिलना चाहते हैं.

निर्भया के दोषी विनय ने जेल में दीवार पर सिर मारकर खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, 3 मार्च को होनी है फांसी

फांसी की तारीख को नजदीक आता देख तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों की भूख-प्यास उड़ गई है. मिली जानकारी के अनुसार, चारों को अलग-अलग सेल में रखा गया है. वह एक समय खाना खा रहे हैं. सेल में वह अक्सर रोते हुए देखे जाते हैं. हाल ही में विनय शर्मा ने फांसी की सजा से बचने के लिए दीवार पर अपना सिर दे मारा था. उसकी कोशिश थी कि खुद को मानसिक तौर पर बीमार दिखाकर वह फांसी की सजा से बच जाएगा. जेल में ही उसका इलाज किया गया. चारों की सख्त निगरानी की जा रही है. मौत की सजा पाने वाले दोषियों में से एक पवन गुप्ता ने अपने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इंकार कर दिया. वह पवन गुप्ता ही है, जिसके पास अभी तक सारे कानूनी विकल्प बचे हुए हैं.

VIDEO: दिल्ली की अदालत ने दोषियों का नया डेथ वारंट किया जारी

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