प्रतीकात्मक फोटो.
नई दिल्ली:
दिल्ली हाई कोर्ट ने आप सरकार और नगर निगमों से सोमवार को पूछा कि अगर आप अपने स्कूलों से कचरा नहीं हटा सकते तो आप किस तरह की शिक्षा देंगे.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने कहा, ‘‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कचरे को एकत्रित करने, उसे हटाने और उसका निस्तारण करने की जिम्मेदारी दिल्ली के नगर निगम की है जो एमसीडी अधिनियम के तहत कार्य करती है.’’ पीठ में न्यायमूर्ति सी हरि शंकर भी शामिल थे. पीठ ने नगर निगमों को डांट लगाते हुए कहा कि निराशाजनक रूप से वे अपने काम को करने में असमर्थ हैं.
VIDEO : जीवाजी विश्वविद्यालय की पहल
पीठ ने कहा, ‘‘शहर में साफ-सफाई रखना आपका मुख्य काम है. अगर आप यह करने में सक्षम नहीं है तो आप किस तरह की शिक्षा देंगे. यह दुखद है कि आप अपने स्कूलों से कचरा हटाने में समर्थ नहीं हैं.’’
(इनपुट भाषा से)
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गीता मित्तल ने कहा, ‘‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कचरे को एकत्रित करने, उसे हटाने और उसका निस्तारण करने की जिम्मेदारी दिल्ली के नगर निगम की है जो एमसीडी अधिनियम के तहत कार्य करती है.’’ पीठ में न्यायमूर्ति सी हरि शंकर भी शामिल थे. पीठ ने नगर निगमों को डांट लगाते हुए कहा कि निराशाजनक रूप से वे अपने काम को करने में असमर्थ हैं.
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पीठ ने कहा, ‘‘शहर में साफ-सफाई रखना आपका मुख्य काम है. अगर आप यह करने में सक्षम नहीं है तो आप किस तरह की शिक्षा देंगे. यह दुखद है कि आप अपने स्कूलों से कचरा हटाने में समर्थ नहीं हैं.’’
(इनपुट भाषा से)
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