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This Article is From Feb 25, 2020

दिल्ली हिंसा में मारे गए फुरकान के भाई ने कहा- वो तो बच्चों के लिए खाना लेने गया था

उपद्रवियों की चपेट में मोहम्मद फुरकान भी आ गया. फुरकान तो अपने बच्चों के लिए खाना लेने गया था लेकिन मासूमों को क्या पता था कि एक बार जो उनके पिता ने घर की दहलीज पार की तो वह फिर कभी नहीं लौटेंगे.

दिल्ली हिंसा में मारे गए फुरकान के भाई ने कहा- वो तो बच्चों के लिए खाना लेने गया था
फुरकान के भाई इमरान ने मीडिया से बात की.
  • दिल्ली हिंसा में 7 लोगों की मौत
  • पुलिसकर्मियों समेत 150 घायल
  • फुरकान की गोली लगने से मौत
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नई दिल्ली:

दिल्ली (Delhi CAA Clash) की कड़वी यादों में बीता सोमवार हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गया. दो पक्षों में टकराव के बाद एक पुलिस कांस्टेबल समेत 7 लोगों की मौत हो गई. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोधी और समर्थक आपस में इस कदर भिड़े कि दिल्ली की फिजा में पलभर में जहर घुल गया. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर, भजनपुरा, करावल नगर, बाबरपुर, ब्रह्मपुरी, गोकुलपुरी और चांदबाग इलाके में जमकर हिंसा हुई. उपद्रवियों की चपेट में मोहम्मद फुरकान भी आ गया. फुरकान तो अपने बच्चों के लिए खाना लेने गया था लेकिन मासूमों को क्या पता था कि एक बार जो उनके पिता ने घर की दहलीज पार की तो वह फिर कभी नहीं लौटेंगे. फुरकान की गोली मारकर हत्या कर दी गई. फुरकान के भाई मोहम्मद इमरान ने NDTV के साथ बातचीत में नम आंखों से बीती रात की आपबीती सुनाई.

फुरकान का परिवार जाफराबाद पुल के पास करदमपुरी इलाके में रहता है. बीते सोमवार इस इलाके में भी हिंसा भड़की थी. इमरान ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि अब उनका भाई कभी नहीं लौटेगा. उन्होंने कहा, 'मैं उससे करीब 2:30 बजे मिलने गया था. उस समय वो घर पर ही था. प्रदर्शन और हिंसा की वजह से मार्केट बंद होने लगे तो वो बच्चों के लिए खाना लेने घर से निकल गया. इसके बाद किसी ने मुझसे कहा कि तुम्हारे भाई के पैर में गोली लगी है. मुझे विश्वास नहीं हो सका. फिर मैंने उसे फोन लगाया लेकिन उसने नहीं उठाया. मुझे टेंशन होने लगी.'

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उन्होंने आगे कहा, 'अचानक मेरे पास कई लोगों के फोन आए और मुझे बताया कि मेरे भाई को गोली मार दी है और उसे जीटीबी अस्पताल ले गए हैं. मैं फौरन अस्पताल भागा लेकिन तब तक मेरे भाई की मौत हो गई थी. मैंने डॉक्टरों से गुहार लगाई कि उसे बचा लो. मैंने उनसे पूछा कि क्या किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने पर उसके बचने का कोई चांस है. उन्होंने मुझसे कहा कि कोई चांस नहीं है. अचानक मेरी दुनिया बिखर गई. कुछ नहीं बचा था. उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं, एक बेटी और एक बेटा.'

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इमरान ने बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, 'हर ओर प्रदर्शन हो रहे हैं. कपिल मिश्रा के ट्वीट की वजह से ऐसे हालात पैदा हुए हैं.'

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