विज्ञापन
This Article is From Dec 22, 2016

विराट कोहली की मौजूदा टेस्‍ट टीम अजहर और गांगुली के दौर की टीम जितनी ही शानदार : MSK प्रसाद

विराट कोहली की मौजूदा टेस्‍ट टीम अजहर और गांगुली के दौर की टीम जितनी ही शानदार : MSK प्रसाद
विराट कोहली की कप्‍तानी में खेल रही टीम लगातार 18 टेस्‍ट मैचों में अजेय है (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा कि उनकी समिति को करुण नायर और जयंत यादव की काबिलियत पर पूरा भरोसा था. प्रसाद ने इन दोनों खिलाड़ि‍यों को बीसीसीआई की  सफल ‘ए’ टीम प्रणाली से निकला बेहतरीन खिलाड़ी करार दिया. बीसीसीआई की चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद ने कहा कि विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली मौजूदा भारतीय टेस्‍ट टीम वर्ष 1993 के दौर की मोहम्‍मद अजहरुद्दीन और वर्ष 2000 के दौर की सौरव गांगुली की टीम की तरह का 'प्रेरणादायी' क्रिकेट खेलती है.

प्रसाद ने कहा, ‘भारत की ‘ए’ प्रणाली के बेहतरीन खिलाड़ी करुण नायर और जयंत यादव हैं. मेरा मानना है कि बीसीसीआई द्वारा ‘ए’ दौरे पर जोर दिए जाने से ही हमें करुण और जयंत जैसे खिलाड़ी मिल रहे हैं और वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं.’ उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई अध्यक्ष (अनुराग ठाकुर) और सचिव (अजय शिर्के) ने 'ए' दौरों पर काफी जोर दिया था और जब राहुल द्रविड़ जैसा शानदार खिलाड़ी उनका मार्गदर्शन कर रहा हो तो आप इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं कर सकते.’ प्रसाद ने कहा, ‘देखिए, भारत 'ए' के ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर करुण ने ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी केन रिचर्डसन का सामना किया था जबकि जयंत ने मौजूदा टेस्ट खिलाड़ी निक मैडिनसन और पीटर हैंड्सकोंब को गेंदबाजी की थी. इसलिये ये दोनों तब टेस्ट टीम के लिये तैयार थे. इसलिये इस प्रणाली की प्रशंसा की जानी चाहिए.’ चयनकर्ताओं के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह करुण के तिहरे शतक ने उन्हें जरा भी हैरान नहीं थे क्योंकि 'थिंक टैंक' इस युवा की प्रतिभा को जानता था.

 प्रसाद ने कहा, ‘हमें मैच विजेता के रूप में करुण की काबिलियत पर पूरा भरोसा था. यह समिति युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में पूरा विश्वास करती है. चयन समिति का काम करने का तरीका सरल है. पहले हमें (चयनकर्ताओं) एक युवा की काबिलियत के बारे में निश्चित होना जरूरी है. हमें यह महसूस करने की जरूरत है कि लड़का टीम में शामिल होने का हकदार है और यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा खिलाड़ी बन सकता है.’ भारत के पूर्व विकेटकीपर ने कहा, ‘अगर हमें भरोसा हो जाता है कि एक युवा खिलाड़ी मैच विजेता बन सकता है तो यह सिर्फ समय की बात होती है और उसे मौका मिल जाता है.’इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम मैच में नायर ने नाबाद 303 रन की पारी खेली जिससे वह टेस्ट में तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय बन गए.

प्रसाद ने भले ही छह टेस्ट और 17 वनडे खेले हों लेकिन इस 41 वर्षीय की राय थी कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को सही मौका दिये बिना टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘कुछ असफलताएं होती हैं. किसी से भी यह उम्मीद करना कि क्रीज पर जाकर पहले दिन से ही परिणाम हासिल कर दे, ऐसा नहीं होता. ऐसा नहीं है कि आप खिलाड़ी को चुनते हो और फिर बाहर कर देते हो. किसी भी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास के लिये यह अच्छा नहीं होता. एक टीम खिलाड़ियों का संयोजन होती है और अच्छा प्रदर्शन तभी होता है जब हर कोई विश्वास से भरा हो.’

बीसीसीआई की चयन समिति के प्रमुख एमएसके प्रसाद ने कहा कि विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली मौजूदा भारतीय टेस्‍ट टीम वर्ष 1993 के दौर की मोहम्‍मद अजहरुद्दीन और वर्ष 2000 के दौर की सौरव गांगुली की टीम की तरह का क्रिकेट खेलती है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
एमएसके प्रसाद, करुण नायर, भारत 'ए' दौरा, मो. अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली, विराट कोहली, MSK Prasad, Karun Nair, जयंत यादव, Jayant Yadav, Mohammad Azharuddin, Saurav Ganguly, Virat Kohli, India A Team Tour