विज्ञापन
This Article is From Mar 31, 2018

'कुछ ऐसे' इरफान पठान ने लिया वसीम जाफर के पदचिह्नों पर चलने का फैसला

पिछले काफी लंबे समय से इरफान पठान दिक्कत में चल रहे हैं. और अब बहुत सोचने-विचारने और 33 साल की उम्र के पड़ाव पर पठान ने अलग रास्ता चुन लिया है

'कुछ ऐसे' इरफान पठान ने लिया वसीम जाफर के पदचिह्नों पर चलने का फैसला
इरफान पठान की फाइल फोटो
नई दिल्ली: टीम इंडिया से पिछले कई सालों से बिसरा दिए ऑलराउंडर इरफान पठान अब हाल ही में विदर्भ को रणजी के साथ-साथ ईरानी ट्रॉफी में चैंपियन बनाने वाले मुंबइया बल्लेबाज वसीम जाफर के पदचिह्नों पर चलेंगे. पठान के लिए पिछले कुछ साल बहुत ही ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले रहे. कभी चोट, तो कभी किसी और कारण उन्हें राज्य बड़ौदा टीम से भी बाहर रहना पड़ा.
  अब यह तो आप जानते ही हैं कि दुर्भाग्यपूर्ण भारत के लिए कम क्रिकेट खेलने वाले वसीम जाफर ने विदर्भ का बेड़ा पार कराने के लिए अपने आप को बुरी तरह से झोंक दिया. वसीम जाफर के समर्पण का पता इसी से चलता है कि वह ईरानी ट्रॉफी में जड़े शतक के साथ ही चालीस साल से ज्यादा की उम्र में दोहरा शतक बनाने वाले एशिया के पहले बल्लेबाज बन गए. जाहिर इरफान पठान से कुछ ऐसा करने की उम्मीदें पालना तो बेमानी ही होगा, लेकिन पठान वसीम जाफर के पदचिह्नों पर चलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 

यह भी पढ़े:  बॉल टेंपरिंग विवाद: रोते हुए डेविड वॉर्नर ने मांगी माफी, 'हो सकता है अब शायद मैं ऑस्ट्रेलिया के लिए कभी न खेल पाऊं'

आपको पहले तो हम यह बता दें कि इरफान पठान अब अपने घरेलू राज्य बड़ौदा के लिए नहीं खेलेंगे. इरफान पठान अब एक पेशेवर खिलाड़ी बन गए हैं और वह अब जम्मू-कश्मीर टीम को अगले सेशन से अपनी सेवाएं  देंगे. 33 साल के इरफान पठान ने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी टीम के लिए ही नहीं बल्कि राज्य में भी क्रिकेट के विकास में भूमिका अदा करूंगा. इसके तहत इरफान पठान के दिशा-निर्देस में राज्य में कोचिंग क्लीनिक भी लगाए जाएंगे. हालांकि, यह वह काम है, जिसका विदर्भ क्रिकेट एसोसिशन का वसीम जाफर के साथ करार नहीं है. पर इरफान की भूमिका जम्मू-कश्मीर रणजी टीम के लिए ठीक वसीम जाफर वाली ही होगी.

VIDEO: पिछले दिनों मोहम्मद शमी को तब बहुत राहत मिली, जब बीसीसीआई ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया.
आपको बता दें कि इरफान पठान जम्मू-कश्मीर रणजी टीम के साथ बतौर मेंटोर-कोच के रूप में जुड़ गए हैं. मतलब यह है कि वह खिलाड़ी के रूप में भी टीम को अपनी सेवाएं देंगे. और कोच की भूमिका निभाने के साथ ही स्ट्रेटेजी बनाने और अन्य बाकी बातों में भी अपना योगदान देंगे
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: