शनिवार को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ बारिश से प्रभावित मुकबले में टीम इंडिया ने पहले वनडे में सात विकेट से रोमांचक जीत हासिल की, इस जीत में चार चांद लगाया उन खिलाड़ियों ने जो पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में अपने सपनों को संजोए भारत के लिए अपना डेब्यू मुकाबला खलेने उतर थे. टीम इंडिया के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम 25 ओवर के खेल में एक गेंद शेष रहते ही 194 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 13 गेंद शेष रहते 22.5 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया.
दुबे-बरार की तारीफ में कप्तान ने कहा, "वे काफी प्रभावशाली रहे. सबसे पहले, गुरनूर ने जिस तरह गेंदबाजी की, वह शानदार थी. उनकी गति बेहतरीन थी. वे गेंद को स्विंग करवा रहे थे. इसके साथ ही जिस लंबाई पर उन्होंने लगातार गेंदबाजी की, वह काबिल-ए-तारीफ थी. इसी तरह हर्ष ने भी शानदार वापसी की. मुझे लगता है कि पहले ओवर में उन्होंने 16-17 रन दिए थे, लेकिन उसके बाद जिस तरह उन्होंने मैच में वापसी की, खुद पर भरोसा बनाए रखा और लगातार गेंद को ऊपर टप्पा देकर फेंकते रहे, वह बहुत प्रभावशाली था."
धर्मशाला में बारिश के चलते मैच शाम 5 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुआ और 25-25 ओवरों की कटौती की गई. पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगान टीम 24.5 ओवरों में 194 रन पर सिमट गई. इसके जवाब में भारत ने 22.5 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया.
अफगानिस्तान की तरफ से रहमानुल्लाह गुरबाज ने 48 गेंदों में शतक पूरा किया. उन्होंने 51 गेंदों में 8 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 102 रन की पारी खेली. गिल ने विपक्षी टीम के सलामी बल्लेबाज की तारीफ में कहा, "यह किसी टी20 मुकाबले जैसा था. मुझे लगता है कि हमने जिस तरह शुरुआत की, उसके बाद उन्होंने मैच को हमसे दूर ले जाना शुरू कर दिया.
गुरबाज ने शानदार बल्लेबाजी की. जिस तरह उन्होंने शतक लगाया, वह बेहतरीन था, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह हमने मिडिल ओवर्स और डेथ ओवरों में वापसी की, वह भी शानदार था. ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि यह बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन विकेट था. जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, तब स्पिनर्स को थोड़ी पकड़ मिल रही थी, लेकिन जब वे गेंदबाजी कर रहे थे, तब गेंद बल्ले पर काफी अच्छी तरह आ रही थी."
स्लिप में लिए गए कैच के बारे में गिल ने कहा, "मैंने निश्चित रूप से वह कैच पकड़ा था. मैं काफी अभ्यास कर रहा हूं और स्लिप में बहुत सारे कैच ले रहा हूं. यहां तक कि मैच से पहले मैं एक दोस्त से बात कर रहा था. उसने कहा था कि मैंने अब तक अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कोई बहुत शानदार, एक हाथ से लिया गया कैच नहीं पकड़ा है. इसलिए वह कैच लेकर मैं बहुत खुश हूं."
भारतीय कप्तान ने कहा, "मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट में मिडिल ओवर्स बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. अगर गेंदबाजी इकाई के तौर पर हम मिडिल ओवरों में लगातार दबाव बनाते रहें और मौके तैयार करते रहें, और बल्लेबाजी के दौरान स्ट्राइक रोटेट करते हुए बिना ज्यादा विकेट गंवाए 6 से 6.5 रन प्रति ओवर की स्वस्थ रन गति बनाए रखें, तो डेथ ओवर्स में मैच को अपने पक्ष में मोड़ा जा सकता है. टीम बैठकों में हम इन्हीं अहम बिंदुओं पर चर्चा करते हैं कि गेंदबाजी समूह के तौर पर मिडिल ओवरों में अवसर कैसे बनाए जाएं और बल्लेबाजी करते समय रन बनाने की रफ्तार को लगातार कैसे बरकरार रखा जाए."
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