
नई दिल्ली:
5 जुलाई 2015 से वनडे क्रिकेट की सूरत बदलने वाली है। बार्बेडॉस में हुए अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट संघ यानी ICC की सालाना बैठक में कुछ ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनसे अब गेंदबाज़ को थोड़ी राहत मिल सकती है। एक नज़र डालते हैं वनडे क्रिकेट में आए उन नए नियमों पर जो इस बैठक में पारित हुए हैं...
पहले 10 ओवर में कोई कैचिंग फील्डर की ज़रूरत नहीं
पहले 10 ओवर बल्लेबाज़ों के लिए पावर-प्ले होता है यानी की 30 गज़ के सर्कल से सिर्फ़ दो ही खिलाड़ी बाहर रह सकते हैं। लेकिन पहले दो फील्ड़रों का बल्लेबाज़ के नज़दीक रहकर कैचिंग पोज़िशन में खड़े रहना अनिवार्य होता था, जिससे बल्लेबाज़ को अपने हाथ खोलकर खुलकर शॉट खेलने का मौका मिलता था।
अब पहले 10 ओवर पावर-प्ले के ही रहेंगे, लेकिन दो खिलाड़ियों का कैचिंग पोज़िशन में रहना ज़रूरी नहीं।
हर नो-बॉल पर होगी फ़्री-हिट
अब अगर गेंदबाज़ ने किसी भी तरह नो-बॉल फेंकी तो अगली गेंद पर फ्री हिट मिलेगी। पहले सिर्फ़ उसी नो-बॉल पर फ्री हिट मिलती थी, जिस पर गेंदबाज़ का पैर गेंद फेंकते समय उनका पैर क्रीज़ की आगे वाली लाइन से बाहर जाता था। लेकिन अब अगर गेंदबाज़ किसी भी तरह की नो-बॉल फेंकेगा तो बल्लेबाज़ को फ़्री-हिट मिलेगी।
अब अतिरिक्त पावर प्ले नहीं
पिछले नियमों के हिसाब से बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को पारी में दो पावर-प्ले मिलते थे, जिसमें पहले 10 ओवर का पावर-प्ले अनिवार्य होता था। उसके बाद 15 से 40 ओवर के बीच टीम कभी भी पांच ओवरों का पावर-प्ले ले सकती थी। इन पांच ओवरों में सिर्फ़ 3 खिलाड़ी ही 30 गज़ के दायरे के बाहर रह सकते थे। नए नियमों के हिसाब से इस अतिरिक्त पावर-प्ले को हटा दिया गया है।
आखिरी 10 ओवर में बाउन्ड्री पर 5 फील्डर
पुराने नियमों के हिसाब से पारी के आखिरी 10 ओवर में बाउन्ड्री लाइन पर सिर्फ़ 4 खिलाड़ी ही रह सकते थे, यानी 5 खिलाड़ियों को 30 गज़ के दायरे के अंदर रहना होता था। मगर अब 5 खिलाड़ी बाउन्ड्री लाइन पर रह सकते हैं... यानी गेंदबाज़ों को आखिरी 10 ओवरों में अब थोड़ी राहत मिल सकती है।
पहले 10 ओवर में कोई कैचिंग फील्डर की ज़रूरत नहीं
पहले 10 ओवर बल्लेबाज़ों के लिए पावर-प्ले होता है यानी की 30 गज़ के सर्कल से सिर्फ़ दो ही खिलाड़ी बाहर रह सकते हैं। लेकिन पहले दो फील्ड़रों का बल्लेबाज़ के नज़दीक रहकर कैचिंग पोज़िशन में खड़े रहना अनिवार्य होता था, जिससे बल्लेबाज़ को अपने हाथ खोलकर खुलकर शॉट खेलने का मौका मिलता था।
अब पहले 10 ओवर पावर-प्ले के ही रहेंगे, लेकिन दो खिलाड़ियों का कैचिंग पोज़िशन में रहना ज़रूरी नहीं।
हर नो-बॉल पर होगी फ़्री-हिट
अब अगर गेंदबाज़ ने किसी भी तरह नो-बॉल फेंकी तो अगली गेंद पर फ्री हिट मिलेगी। पहले सिर्फ़ उसी नो-बॉल पर फ्री हिट मिलती थी, जिस पर गेंदबाज़ का पैर गेंद फेंकते समय उनका पैर क्रीज़ की आगे वाली लाइन से बाहर जाता था। लेकिन अब अगर गेंदबाज़ किसी भी तरह की नो-बॉल फेंकेगा तो बल्लेबाज़ को फ़्री-हिट मिलेगी।
अब अतिरिक्त पावर प्ले नहीं
पिछले नियमों के हिसाब से बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को पारी में दो पावर-प्ले मिलते थे, जिसमें पहले 10 ओवर का पावर-प्ले अनिवार्य होता था। उसके बाद 15 से 40 ओवर के बीच टीम कभी भी पांच ओवरों का पावर-प्ले ले सकती थी। इन पांच ओवरों में सिर्फ़ 3 खिलाड़ी ही 30 गज़ के दायरे के बाहर रह सकते थे। नए नियमों के हिसाब से इस अतिरिक्त पावर-प्ले को हटा दिया गया है।
आखिरी 10 ओवर में बाउन्ड्री पर 5 फील्डर
पुराने नियमों के हिसाब से पारी के आखिरी 10 ओवर में बाउन्ड्री लाइन पर सिर्फ़ 4 खिलाड़ी ही रह सकते थे, यानी 5 खिलाड़ियों को 30 गज़ के दायरे के अंदर रहना होता था। मगर अब 5 खिलाड़ी बाउन्ड्री लाइन पर रह सकते हैं... यानी गेंदबाज़ों को आखिरी 10 ओवरों में अब थोड़ी राहत मिल सकती है।
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