चेन्नई:
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क ने मंगलवार को स्वीकार किया कि महेंद्र सिंह धोनी के दोहरे शतक ने पहले क्रिकेट टेस्ट का नक्शा ही बदल दिया।
क्लार्क ने मैच के बाद कहा, ‘‘उन्होंने हमें उन्नीस साबित कर दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने मोर्चे से अगुवाई की और विराट कोहली ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। धोनी ने मैच का नक्शा बदल दिया।’’ उन्होंने स्वीकार किया कि धोनी की पारी का मैच पर सबसे ज्यादा फर्क पड़ा हालांकि उन्होंने 12 विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर आर अश्विन की भी तारीफ की।
क्लार्क ने कहा, ‘‘धोनी की पारी निर्णायक रही। इस टेस्ट में भारत की सफलता का अधिकांश श्रेय उसी को जाता है लेकिन कोहली ने भी बेहतरीन शतक बनाया। अश्विन ने पहली पारी में सात और दूसरी में पांच विकेट लिये। हमें पूरी तरह से उन्नीस साबित कर दिया।’’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कमजोरियों का वे फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों टीमों को कुछ पहलुओं पर फोकस करने की जरूरत थी। भारतीय टीम में भी कुछ कमजोरियां हैं जिन पर हम पूरा काम नहीं कर सके। यदि हम उन्हें 150 या 200 रन का लक्ष्य दे पाते तो पता चलता कि टूटती विकेट पर वे कैसा खेल रहे हैं।’’
उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया दो स्पिनरों को लेकर उतरेगा या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘इस टेस्ट से पहले भी हमारे पास समान विकल्प थे। हमें हैदराबाद में हालात का आकलन करना होगा। पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने तीन विकेट लिये जबकि बाकी विकेट तेज गेंदबाजों को मिले।’’
क्लार्क ने मैच के बाद कहा, ‘‘उन्होंने हमें उन्नीस साबित कर दिया। महेंद्र सिंह धोनी ने मोर्चे से अगुवाई की और विराट कोहली ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। धोनी ने मैच का नक्शा बदल दिया।’’ उन्होंने स्वीकार किया कि धोनी की पारी का मैच पर सबसे ज्यादा फर्क पड़ा हालांकि उन्होंने 12 विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर आर अश्विन की भी तारीफ की।
क्लार्क ने कहा, ‘‘धोनी की पारी निर्णायक रही। इस टेस्ट में भारत की सफलता का अधिकांश श्रेय उसी को जाता है लेकिन कोहली ने भी बेहतरीन शतक बनाया। अश्विन ने पहली पारी में सात और दूसरी में पांच विकेट लिये। हमें पूरी तरह से उन्नीस साबित कर दिया।’’
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की कमजोरियों का वे फायदा नहीं उठा सके। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों टीमों को कुछ पहलुओं पर फोकस करने की जरूरत थी। भारतीय टीम में भी कुछ कमजोरियां हैं जिन पर हम पूरा काम नहीं कर सके। यदि हम उन्हें 150 या 200 रन का लक्ष्य दे पाते तो पता चलता कि टूटती विकेट पर वे कैसा खेल रहे हैं।’’
उन्होंने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया दो स्पिनरों को लेकर उतरेगा या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘इस टेस्ट से पहले भी हमारे पास समान विकल्प थे। हमें हैदराबाद में हालात का आकलन करना होगा। पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने तीन विकेट लिये जबकि बाकी विकेट तेज गेंदबाजों को मिले।’’
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