इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में एक और बड़ा इतिहास रच दिया है. पाकिस्तान के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट की दूसरी पारी में अर्धशतक जमाते ही रूट ने सचिन तेंदुलकर के 68 टेस्ट अर्धशतकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. अब उनके नाम 69 टेस्ट फिफ्टी दर्ज हो गई हैं और वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. रूट की इस शानदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली.
| रैंक | खिलाड़ी | 50+ स्कोर (अर्धशतक) |
|---|---|---|
| 1 | जो रूट | 69* |
| 2 | सचिन तेंदुलकर | 68 |
| 3 | शिवनारायण चंद्रपॉल | 66 |
| 4 | एलन बॉर्डर | 63 |
| 5 | राहुल द्रविड़ | 63 |
| 6 | रिकी पोंटिंग | 62 |
इसके साथ ही इंग्लैंड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 की अंक तालिका में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. एजबेस्टन में मिली जीत के बाद इंग्लैंड के 16 मैचों में 74 अंक हो गए हैं और उसका जीत प्रतिशत बढ़कर 38.54 हो गया है. हालांकि टीम अभी भी छठे स्थान पर है, लेकिन उसने श्रीलंका से अपना फासला बढ़ा लिया है और भारत के करीब पहुंच गई है.
इससे पहले जो रूट और जॉर्डन कॉक्स ने अर्धशतक लगाकर टीम की अगुवाई की और इंग्लैंड टीम ने 130 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए 8 विकेट से जीत दर्ज की. इसके साथ ही उन्होंने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम करते हुए घरेलू मैदान पर पाकिस्तान का पहली बार क्लीन स्वीप किया. हालांकि, उनके अगले साल ओवल में होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने की संभावना कम है, लेकिन उन्होंने 9 टीमों की स्टैंडिंग में अपना छठा स्थान मजबूत कर लिया है. वे श्रीलंका से और आगे निकल गए हैं और दो बार फाइनल तक का सफर तय करने वाली भारतीय टीम के करीब पहुंच गए हैं.
तीसरे टेस्ट से पहले धीमी ओवर-रेट की गलतियों के कारण 14 प्वाइंट काटे जाने के बाद इंग्लैंड के नाम 15 मैचों में 62 प्वाइंट और जीत प्रतिशत 34.44 था. एजबेस्टन में मिली जीत से उनके 16 मैचों में कुल प्वाइंट 74 हो गए और उनका जीत प्रतिशत बढ़कर 38.54 प्रतिशत हो गया, जो अभी भी भारत के 51.51 के जीत प्रतिशत से काफी पीछे है.
वहीं, डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो गई है. बर्मिंघम में मिली हार से पहले ही वे सबसे निचले पायदान पर थे और अब उनका जीत प्रतिशत 16.67 प्रतिशत से घटकर 14.81 प्रतिशत हो गया है, क्योंकि उन्होंने केवल दो मैच जीते हैं और धीमी ओवर-रेट के कारण उनके आठ अंक भी काटे गए थे.
ऑस्ट्रेलिया डब्ल्यूटीसी स्टैंडिंग में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ के बाद उनके 96 प्वाइंट और जीत प्रतिशत 80 है. साउथ अफ्रीका 36 प्वाइंट (चार मैचों में) और 75 के जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि न्यूजीलैंड छह मैचों में 72.22 के जीत प्रतिशत संग तीसरे स्थान पर है.
बांग्लादेश डार्विन में मिली जीत के कारण भारत से आगे है और छह मैचों में उनका जीत प्रतिशत 55.56 है और टीम चौथे स्थान पर काबिज है. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 1-0 से जीतने के बाद भारत के 11 मैचों में 68 प्वाइंट्स और 51.52 के जीत प्रतिशत के साथ पांचवें नंबर पर है. प्वाइंट्स टेबल में श्रीलंका और वेस्टइंडीज क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर हैं. श्रीलंकाई टीम के छह मैचों में जीत प्रतिशत 33.33 है, जबकि वेस्टइंडीज का 12 मैचों में जीत प्रतिशत 20.83 है.
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