
पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने ऑस्ट्रेलिया टीम को विराट के खिलाफ स्लेजिंग न करने की सलाह दी है (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ को आज विश्व क्रिकेट की नंबर 1 टक्कर के तौर पर जाना जाता है. ये दोनों ही टीमें हारने से नहीं डरतीं और जीतने के लिए कुछ भी कर गुज़रने से पीछे नहीं हटतीं. जब टक्कर इस स्तर की है, और दांव पर वनडे रैंकिग का ताज है तो थोड़ी नोंकझोंक होना भी लाज़मी है. ऐसे में स्लेजिंग अगर होती है तो टीम इंडिया उससे निपटने के लिए तैयार है. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने अगर मैदान पर स्लेजिंग की तो हम भी उनका उसी लहजे में जवाब देंगे.
मो. शमी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई जिस भाषा में वो स्लेज करेंगे हम उसी लहजे में जवाब देंगे
मोहम्मद शमी ने कहा, 'स्लेजिंग आज के क्रिकेट का हिस्सा है. अगर एक लंबी साझेदारी हो रही है तो ध्यान भटकाने के लिए आप स्लेज करते हैं लेकिन इसमें टीम इंडिया कभी गलत शब्दों का उपयोग नहीं करती. जहां तक बात ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्लेज करने की है तो जिस भाषा में वो स्लेज करेंगे हम उनको उसी लहजे में जवाब देंगे. उधर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को विराट के खिलाफ स्लेजिंग नहीं करने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इसका असर उलटा हो सकता है.
यह भी पढ़ें : खिलाड़ियों के बीच झगड़े के किस्से, जब विराट बोले- चुपचाप बॉलिंग करो...
स्लेजिंग आज के क्रिकेट का हिस्सा है..अगर एक लंबी साझेदारी हो रही है तो ध्यान भटकाने के लिए आप स्लेज करते हैं लेकिन इसमें टीम इंडिया कभी गलत शब्दों का उपयोग नहीं करती..जहां तक बात ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्लेज करने की है तो जिस भाषा में वो स्लेज करेंगे हम उनको वैसा ही जवाब देंगे.
-मोहम्मद शमी, टीम इंडिया के तेज गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क की इस बारे में राय ऐसी ही है. उनके मुताबिक ये वर्ल्ड क्रिकेट की नंबर 1 टक्कर है... जिसमें दोनों टीमों को आक्रामक रुख अख्तियार करना होगा. स्लेजिंग ज़रूरी नहीं लेकिन इस तरह की 2 टीमें जब आमने-सामने हों तो टक्कर ज़ोरदार ही होगी.
यह भी पढ़ें : लड़ाई-झगड़े के बादशाह हैं ऑस्ट्रेलियाई, कुछ इस तरह लड़ चुके हैं ग्राउंड पर
आपको मैदान पर दोस्ताना होने की ज़रूरत नहीं. लेकिन दोनो टीमों को अहसास है कि विपक्षी टीम को हराने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा. इसका मतलब ये नहीं कि आपको स्लेजिंग करनी होगी बल्कि बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में आक्रामकता दिखानी होगी..मुझे यक़ीन है दोनो टीमों को इस बात का अंदाज़ा है..ये विश्व क्रिकेट की नंबर-1 जंग है.
-माइकल क्लार्क, पूर्व कप्तान ऑस्ट्रेलिया
जहां हर तरफ़ बात स्लेजिंग की हो रही है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ जेसन गिलेस्पी का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम विराट के खिलाफ़ अगर स्लेज करती है तो अपना ही नुकसान करेगी. इस नीति को ऑस्ट्रेलिया ने पिछली टेस्ट सीरीज़ में भी अपनाया जहां विराट 3 टेस्ट की 5 पारियों में महज़ 46 रन ही जोड़ सके थे.
विराट कोहली को गलती से भी स्लेज नहीं करना है. उनके खिलाफ़ आक्रामक गेंदबाज़ी करो, बाउंसर फेंको. लेकिन अहम है कि उसके बाद आप कौन सी गेंद डालते हैं. अगर स्विंग मौजूद है तो बल्ले का एज लेने की कोशिश होनी चाहिए.आक्रामक गेंदबाज़ी से विराट को बैकफ़ुट पर धकेलो और हावी हो जाओ.स्लेजिंग की ज़रूरत नहीं.
-जेसन गिलेस्पी, पूर्व क्रिकेटर, ऑस्ट्रेलिया
वीडियो: विराट ने इंटरनेशनल मैचों में पूरे किए 15 हजार रन
मतलब स्लेजिंग ऑस्ट्रेलिया के लिए उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है जिसे वे बल्लेबाज़ का ध्यान भटकाने और उसे आउट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस बार विराट कोहली ब्रिगेड से उनका सामना है, उन्हें खुद भी इसका स्वाद चखने के लिए तैयार रहना होगा.

मोहम्मद शमी ने कहा, 'स्लेजिंग आज के क्रिकेट का हिस्सा है. अगर एक लंबी साझेदारी हो रही है तो ध्यान भटकाने के लिए आप स्लेज करते हैं लेकिन इसमें टीम इंडिया कभी गलत शब्दों का उपयोग नहीं करती. जहां तक बात ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्लेज करने की है तो जिस भाषा में वो स्लेज करेंगे हम उनको उसी लहजे में जवाब देंगे. उधर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को विराट के खिलाफ स्लेजिंग नहीं करने की सलाह दी है. उनका मानना है कि इसका असर उलटा हो सकता है.
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स्लेजिंग आज के क्रिकेट का हिस्सा है..अगर एक लंबी साझेदारी हो रही है तो ध्यान भटकाने के लिए आप स्लेज करते हैं लेकिन इसमें टीम इंडिया कभी गलत शब्दों का उपयोग नहीं करती..जहां तक बात ऑस्ट्रेलियाई टीम के स्लेज करने की है तो जिस भाषा में वो स्लेज करेंगे हम उनको वैसा ही जवाब देंगे.
-मोहम्मद शमी, टीम इंडिया के तेज गेंदबाज
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क की इस बारे में राय ऐसी ही है. उनके मुताबिक ये वर्ल्ड क्रिकेट की नंबर 1 टक्कर है... जिसमें दोनों टीमों को आक्रामक रुख अख्तियार करना होगा. स्लेजिंग ज़रूरी नहीं लेकिन इस तरह की 2 टीमें जब आमने-सामने हों तो टक्कर ज़ोरदार ही होगी.
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आपको मैदान पर दोस्ताना होने की ज़रूरत नहीं. लेकिन दोनो टीमों को अहसास है कि विपक्षी टीम को हराने के लिए आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा. इसका मतलब ये नहीं कि आपको स्लेजिंग करनी होगी बल्कि बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में आक्रामकता दिखानी होगी..मुझे यक़ीन है दोनो टीमों को इस बात का अंदाज़ा है..ये विश्व क्रिकेट की नंबर-1 जंग है.
-माइकल क्लार्क, पूर्व कप्तान ऑस्ट्रेलिया
जहां हर तरफ़ बात स्लेजिंग की हो रही है. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ जेसन गिलेस्पी का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम विराट के खिलाफ़ अगर स्लेज करती है तो अपना ही नुकसान करेगी. इस नीति को ऑस्ट्रेलिया ने पिछली टेस्ट सीरीज़ में भी अपनाया जहां विराट 3 टेस्ट की 5 पारियों में महज़ 46 रन ही जोड़ सके थे.
विराट कोहली को गलती से भी स्लेज नहीं करना है. उनके खिलाफ़ आक्रामक गेंदबाज़ी करो, बाउंसर फेंको. लेकिन अहम है कि उसके बाद आप कौन सी गेंद डालते हैं. अगर स्विंग मौजूद है तो बल्ले का एज लेने की कोशिश होनी चाहिए.आक्रामक गेंदबाज़ी से विराट को बैकफ़ुट पर धकेलो और हावी हो जाओ.स्लेजिंग की ज़रूरत नहीं.
-जेसन गिलेस्पी, पूर्व क्रिकेटर, ऑस्ट्रेलिया
वीडियो: विराट ने इंटरनेशनल मैचों में पूरे किए 15 हजार रन
मतलब स्लेजिंग ऑस्ट्रेलिया के लिए उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है जिसे वे बल्लेबाज़ का ध्यान भटकाने और उसे आउट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन इस बार विराट कोहली ब्रिगेड से उनका सामना है, उन्हें खुद भी इसका स्वाद चखने के लिए तैयार रहना होगा.
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