
नॉथन लियोन में पारी में 8 विकेट लेकर टीम इंडिया को 189 रन पर समेट दिया (BCCI फोटो)
बेंगलुरू:
पुणे टेस्ट का बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन बेंगलुरू में भी जारी रहा. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन टीम इंडिया पहली पारी में महज 189 रन बनाकर आउट हो गई. लोकेश राहुल अकेले ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के आगे संघर्ष का जज्बा दिखाया. उन्होंने सर्वाधिक 90 रन बनाए और नौवें विकेट के रूप में आउट हुए. बेंगलुरू टेस्ट में भी टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाजी के जाल में उलझी. यह अलग बात है कि इस बार स्टीव ओकीफी के बजाय ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ज्यादा मारक साबित हुए. उन्होंने मैच में 50 रन देकर आठ विकेट लिए.चेतेश्वर पुजारा (17) , विराट कोहली (12), अजिंक्य रहाणे (17) जैसे दिग्गज बल्लेबाज इस मैच में भी नाकाम रहे.
मैच के पहले दिन ही ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया पर दबाव बना लिया है. पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 16 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 40 रन बना लिए थे.डेविड वॉर्नर 23 और मैट रेनशॉ 15 रन बनाकर क्रीज पर थे. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ परेशानी में दिखाई दिए.पारी के छठे ओवर में मैट रेनशॉ के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की दो जोरदार अपील हुईं. डेविड वॉर्नर को भी तब जीवनदान मिला जब ईशांत शर्मा की गेंद पर गली में अजिंक्य रहाणे ने उनका कैच छोड़ दिया.वॉर्नर का स्कोर उस समय 9 रन था.
बेंगलुरू टेस्ट के पहले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेटप्रेमियों से कहा था कि पुणे जैसा प्रदर्शन आपको आगे देखने के लिए नहीं मिलेगा, लेकिन लगता नहीं कि उनके बल्लेबाजों ने इस पर कोई अमल किया है, विराट ने कहा था कि हमने पुणे की करारी हार से सबक सीखा है लेकिन कम से कम पहले दिन तो ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया.
भारत में किसी विदेशी गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
लियोन का बेंगलुरू का प्रदर्शन किसी भी विदेशी गेंदबाज का भारत में अब तक का सर्वश्रेष्ठ है. उनसे पहले का सर्वश्रेष्ठ विश्लेषण दक्षिण अफ्रीका के लांस क्लूजनर के नाम पर था जिन्होंने वर्ष 1996 में कोलकाता में 64 रन देकर आठ विकेट लिए थे. उनके अलावा पाकिस्तान के सिकंदर बख्त वर्ष 1979 में दिल्ली में 69 रन देकर 8, ऑस्ट्रेलिया के जेसन क्रेजा नागपुर में वर्ष 2008 में 215 रन देकर आठ और पाकिस्तान के फजल मेहमूद लखनऊ में वर्ष 1952 में 42 रन देकर सात विकेट ले चुके हैं.
पुजारा और कोहली को पांच-पांच बार आउट कर चुके लियोन
ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली को आउट किया. वे अब तक इन दोनों बल्लेबाजों को पांच-पांच बार शिकार बना चुके हैं, चेतेश्वर पुजारा तो अब तक सबसे अधिक बार लियोन के ही शिकार बने हैं. जहां पुजारा को लियोन की गेंद पर हैंड्सकोंब ने कैच किया वहीं कोहली एलबीडब्ल्यू हुए.
विकेट पतन: 1-11 (मुकुंद, 2.5ओवर), 2-72 (पुजारा, 27.5 ओवर), 3-88 (कोहली, 33.5 ओवर), 4-118 (रहाणे, 47.3 ओवर), 5-156 (नायर, 57.2 ओवर), 6-174 (अश्विन, 61.5 ओवर), 7-178 (साहा, 65.3ओवर), 8-188 (जडेजा, 69.2ओवर), 9-189 (राहुल, 71.1ओवर), 10-189 (ईशांत शर्मा, 71.2ओवर)
पहले सेशन में टीम इंडिया ने दो विकेट गंवाए
लोकेश राहुल अकेले ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने विकेट पर रुकने की इच्छाशक्ति दिखाई (BCCI फोटो)
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को तीसरे ही ओवर में अभिनव मुकुंद (0) का विकेट गंवाना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया टीम के प्रमुख गेंदबाज स्टार्क की फुलटॉस गेंद को मुकुंद ने अक्रास द लाइन खेलने की कोशिश की और एलबीडब्ल्यू हुए. एक नजर में ऐसा लगा कि गेंद लेग स्टंप को छोड़ रही है, लेकिन टीम इंडिया ने अधिक सचेत होकर डीआरएस का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया.ओपनिंग में बड़ी साझेदारी नहीं होना टीम इंडिया के समस्या बना हुआ है. एक और तथ्य यह है कि चोट अथवा खराब फॉर्म जैसी समस्या के चलते टीम इंडिया 2015 से 9 अलग-अलग प्रारंभिक जोड़ियों को आजमा चुकी है. इंग्लैंड (10) के बाद यह संख्या सर्वाधिक है.
मुकुंद के आउट होने के बाद राहुल ने नए बल्लेबाज पुजारा के साथ पारी को संवारने का काम किया. पहले ओवर में स्टार्क के खिलाफ आक्रामक अंदाज में दिखे राहुल लंच से पहले कई बार मुश्किल में फंसते दिखे लेकिन विकेट पर टिके रहने में कामयाब रहे. राहुल जब 30 रन के स्कोर पर थे, तब हैंड्सकोंब उनका कठिन कैच लपकने से चूक गए. लंच के ठीक पहले स्टार्क की गेंदों पर भी वे मुश्किल में नजर आए. ऐसा लग रहा था कि पहले सेशन की समाप्ति टीम इंडिया एक विकेट (मुकुंद) गंवाकर ही करेगी.राहुल और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 25 ओवर में 61 रन जोड़े. लंच के ठीक पहले ऑफ स्पिनर नाथन लियोन कंगारू टीम के लिए दूसरी कामयाबी लेकर आए. उनकी गेंद पुजारा के बल्ले का किनारा लेकर पैड से टकराती हुई हवा में उछली और फारवर्ड शार्ट लेग पर हैंड्सकोंब से कैच लपकने में कोई गलती नहीं की. लंच के समय राहुल 48 रन बनाकर नाबाद थे.
लंच के बाद विराट और रहाणे भी सस्ते में हुए आउट
लंच के बाद राहुल ने अपने 50 रन पूरे किए. उनका अर्धशतक 105 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से पूरा हुआ. दूसरे सेशन में कुछ देर के लिए ऑस्ट्रेलिया के स्ट्राइक गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क और टीम इंडिया के कप्तान के बीच अलग 'जंग' देखने को मिली. पारी के 31वें ओवर में स्टॉर्क की धीमी गति से फेंकी गई गेंद पर विराट ऑफ स्टंप के बाहर बीट हुए लेकिन अगली ही गेंद पर भारतीय कप्तान ने कवर और मिड ऑफ के बीच चौका जमा दिया. हालांकि राहुल के साथ विराट की साझेदारी ज्यादा देर नहीं चल पाई. विराट 12 रन के निजी स्कोर पर (17 गेंद, दो चौके) नाथन लियोन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए. 100 रन के पहले ही तीन विकेट गंवाकर टीम इंडिया मुश्किल में आ गई. नए बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ असहज स्थिति में दिख रहे थे. आखिरकार उन्हें 17 रन के निजी स्कोर पर स्पिनर लियोन ने विकेटकीपर मैथ्यू वेड से स्टंप कराया. विकेट पतन के इस दौर में दूसरे छोर पर राहुल की पारी जारी रही. हालांकि राहुल ने अपनी पारी के दौरान कई बार जोखिम भरे शॉट भी खेले.चायकाल के पहले टीम इंडिया ने करुण नायर का विकेट भी गंवाया.भरोसेमंद पारी खेल रहे करुण को अति आत्मविश्वास भारी पड़ा. लेग स्पिनर स्टीव ओकीफी के खिलाफ आक्रामक शॉट खेलने के इरादे से करुण क्रीज से बाहर निकले और वेड ने उन्हें स्टंप कर दिया. करुण ने 26 रन की पारी के लिए 39 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाए.
चायकाल के बाद टीम इंडिया ने गंवाए पांच विकेट
चायकाल के बाद भी भारतीय विकेटों की पतझड़ का यह सिलसिला जारी रहा. ज्यादातर बल्लेबाजों ने विकेट पर रुकने की इच्छाशक्ति दिखाए बिना आक्रामक शॉट लगाने की कोशिश में विकेट गंवाए. शीर्ष बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बाद निचले क्रम पर टीम को ठीकठाक स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी थी लेकिन इसने भी निराश किया. चायकाल के बाद पांच विकेट पर 168 रन आगे खेलते हुए टीम इंडिया ने महज 21 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए. ये विकेट अश्विन (7 ), ऋद्धिमान साहा (1), रवींद्र जडेजा (3), लोकेश राहुल (90) और ईशांत शर्मा (0) के रहे. राहुल ने अपनी 90 रन की पारी में 205 गेंदों का सामना किया और 9 चौके जमाए.
टीम इंडिया में मैच में अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए गए हैं. चोटग्रस्त मुरली विजय की जगह अभिनव मुकुंद और जयंत यादव की जगह चेन्नई टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले करुण नायर को टीम में स्थान दिया गया है. ऑस्ट्रेलिया ने वही टीम उतारी है जो पुणे के पहले टेस्ट में खेली थी.
स्मिथ की नजर 5000 टेस्ट रन के आंकड़े पर
बेंगलुरू टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अगर वे 112 रन बनाने में कामयाब रहे तो टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन के आंकड़े को छू लेंगे. स्मिथ जिस अंदाज में बैटिंग कर रहे हैं, उसे देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बेंगलुरू टेस्ट में ही वे इस आंकड़े को छू लेंगे. भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह स्मिथ को जल्द आउट कर न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव बनाए बल्कि बेंगलुरू में उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने से वंचित करे. इसके लिए टीम इंडिया के खिलाड़ियों को कैच ड्रॉप करने की अपने कमजोरी को दूर करना होगा.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं...
भारत : केएल राहुल, अभिनव मुकुंद चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, करुण नायर,रिद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, उमेश यादव और ईशांत शर्मा.
ऑस्ट्रेलिया : मैट रेनशॉ, डेविड वॉर्नर, शॉन मार्श, स्टीव स्मिथ (कप्तान), पीटर हैंड्सकाम्ब, मिचेल मार्श, मैथ्यू वेड, मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, जोश हेजलवुड और स्टीव ओकीफी,
मैच के पहले दिन ही ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया पर दबाव बना लिया है. पहले दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 16 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 40 रन बना लिए थे.डेविड वॉर्नर 23 और मैट रेनशॉ 15 रन बनाकर क्रीज पर थे. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भी रविचंद्रन अश्विन के खिलाफ परेशानी में दिखाई दिए.पारी के छठे ओवर में मैट रेनशॉ के खिलाफ एलबीडब्ल्यू की दो जोरदार अपील हुईं. डेविड वॉर्नर को भी तब जीवनदान मिला जब ईशांत शर्मा की गेंद पर गली में अजिंक्य रहाणे ने उनका कैच छोड़ दिया.वॉर्नर का स्कोर उस समय 9 रन था.
बेंगलुरू टेस्ट के पहले टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेटप्रेमियों से कहा था कि पुणे जैसा प्रदर्शन आपको आगे देखने के लिए नहीं मिलेगा, लेकिन लगता नहीं कि उनके बल्लेबाजों ने इस पर कोई अमल किया है, विराट ने कहा था कि हमने पुणे की करारी हार से सबक सीखा है लेकिन कम से कम पहले दिन तो ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया.
भारत में किसी विदेशी गेंदबाज का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
लियोन का बेंगलुरू का प्रदर्शन किसी भी विदेशी गेंदबाज का भारत में अब तक का सर्वश्रेष्ठ है. उनसे पहले का सर्वश्रेष्ठ विश्लेषण दक्षिण अफ्रीका के लांस क्लूजनर के नाम पर था जिन्होंने वर्ष 1996 में कोलकाता में 64 रन देकर आठ विकेट लिए थे. उनके अलावा पाकिस्तान के सिकंदर बख्त वर्ष 1979 में दिल्ली में 69 रन देकर 8, ऑस्ट्रेलिया के जेसन क्रेजा नागपुर में वर्ष 2008 में 215 रन देकर आठ और पाकिस्तान के फजल मेहमूद लखनऊ में वर्ष 1952 में 42 रन देकर सात विकेट ले चुके हैं.
पुजारा और कोहली को पांच-पांच बार आउट कर चुके लियोन
ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली को आउट किया. वे अब तक इन दोनों बल्लेबाजों को पांच-पांच बार शिकार बना चुके हैं, चेतेश्वर पुजारा तो अब तक सबसे अधिक बार लियोन के ही शिकार बने हैं. जहां पुजारा को लियोन की गेंद पर हैंड्सकोंब ने कैच किया वहीं कोहली एलबीडब्ल्यू हुए.
विकेट पतन: 1-11 (मुकुंद, 2.5ओवर), 2-72 (पुजारा, 27.5 ओवर), 3-88 (कोहली, 33.5 ओवर), 4-118 (रहाणे, 47.3 ओवर), 5-156 (नायर, 57.2 ओवर), 6-174 (अश्विन, 61.5 ओवर), 7-178 (साहा, 65.3ओवर), 8-188 (जडेजा, 69.2ओवर), 9-189 (राहुल, 71.1ओवर), 10-189 (ईशांत शर्मा, 71.2ओवर)
पहले सेशन में टीम इंडिया ने दो विकेट गंवाए

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया को तीसरे ही ओवर में अभिनव मुकुंद (0) का विकेट गंवाना पड़ा. ऑस्ट्रेलिया टीम के प्रमुख गेंदबाज स्टार्क की फुलटॉस गेंद को मुकुंद ने अक्रास द लाइन खेलने की कोशिश की और एलबीडब्ल्यू हुए. एक नजर में ऐसा लगा कि गेंद लेग स्टंप को छोड़ रही है, लेकिन टीम इंडिया ने अधिक सचेत होकर डीआरएस का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया.ओपनिंग में बड़ी साझेदारी नहीं होना टीम इंडिया के समस्या बना हुआ है. एक और तथ्य यह है कि चोट अथवा खराब फॉर्म जैसी समस्या के चलते टीम इंडिया 2015 से 9 अलग-अलग प्रारंभिक जोड़ियों को आजमा चुकी है. इंग्लैंड (10) के बाद यह संख्या सर्वाधिक है.
मुकुंद के आउट होने के बाद राहुल ने नए बल्लेबाज पुजारा के साथ पारी को संवारने का काम किया. पहले ओवर में स्टार्क के खिलाफ आक्रामक अंदाज में दिखे राहुल लंच से पहले कई बार मुश्किल में फंसते दिखे लेकिन विकेट पर टिके रहने में कामयाब रहे. राहुल जब 30 रन के स्कोर पर थे, तब हैंड्सकोंब उनका कठिन कैच लपकने से चूक गए. लंच के ठीक पहले स्टार्क की गेंदों पर भी वे मुश्किल में नजर आए. ऐसा लग रहा था कि पहले सेशन की समाप्ति टीम इंडिया एक विकेट (मुकुंद) गंवाकर ही करेगी.राहुल और पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 25 ओवर में 61 रन जोड़े. लंच के ठीक पहले ऑफ स्पिनर नाथन लियोन कंगारू टीम के लिए दूसरी कामयाबी लेकर आए. उनकी गेंद पुजारा के बल्ले का किनारा लेकर पैड से टकराती हुई हवा में उछली और फारवर्ड शार्ट लेग पर हैंड्सकोंब से कैच लपकने में कोई गलती नहीं की. लंच के समय राहुल 48 रन बनाकर नाबाद थे.
लंच के बाद विराट और रहाणे भी सस्ते में हुए आउट
लंच के बाद राहुल ने अपने 50 रन पूरे किए. उनका अर्धशतक 105 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से पूरा हुआ. दूसरे सेशन में कुछ देर के लिए ऑस्ट्रेलिया के स्ट्राइक गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क और टीम इंडिया के कप्तान के बीच अलग 'जंग' देखने को मिली. पारी के 31वें ओवर में स्टॉर्क की धीमी गति से फेंकी गई गेंद पर विराट ऑफ स्टंप के बाहर बीट हुए लेकिन अगली ही गेंद पर भारतीय कप्तान ने कवर और मिड ऑफ के बीच चौका जमा दिया. हालांकि राहुल के साथ विराट की साझेदारी ज्यादा देर नहीं चल पाई. विराट 12 रन के निजी स्कोर पर (17 गेंद, दो चौके) नाथन लियोन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए. 100 रन के पहले ही तीन विकेट गंवाकर टीम इंडिया मुश्किल में आ गई. नए बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ असहज स्थिति में दिख रहे थे. आखिरकार उन्हें 17 रन के निजी स्कोर पर स्पिनर लियोन ने विकेटकीपर मैथ्यू वेड से स्टंप कराया. विकेट पतन के इस दौर में दूसरे छोर पर राहुल की पारी जारी रही. हालांकि राहुल ने अपनी पारी के दौरान कई बार जोखिम भरे शॉट भी खेले.चायकाल के पहले टीम इंडिया ने करुण नायर का विकेट भी गंवाया.भरोसेमंद पारी खेल रहे करुण को अति आत्मविश्वास भारी पड़ा. लेग स्पिनर स्टीव ओकीफी के खिलाफ आक्रामक शॉट खेलने के इरादे से करुण क्रीज से बाहर निकले और वेड ने उन्हें स्टंप कर दिया. करुण ने 26 रन की पारी के लिए 39 गेंदों का सामना किया और तीन चौके लगाए.
चायकाल के बाद टीम इंडिया ने गंवाए पांच विकेट
चायकाल के बाद भी भारतीय विकेटों की पतझड़ का यह सिलसिला जारी रहा. ज्यादातर बल्लेबाजों ने विकेट पर रुकने की इच्छाशक्ति दिखाए बिना आक्रामक शॉट लगाने की कोशिश में विकेट गंवाए. शीर्ष बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बाद निचले क्रम पर टीम को ठीकठाक स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी थी लेकिन इसने भी निराश किया. चायकाल के बाद पांच विकेट पर 168 रन आगे खेलते हुए टीम इंडिया ने महज 21 रन जोड़कर पांच विकेट गंवा दिए. ये विकेट अश्विन (7 ), ऋद्धिमान साहा (1), रवींद्र जडेजा (3), लोकेश राहुल (90) और ईशांत शर्मा (0) के रहे. राहुल ने अपनी 90 रन की पारी में 205 गेंदों का सामना किया और 9 चौके जमाए.
टीम इंडिया में मैच में अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए गए हैं. चोटग्रस्त मुरली विजय की जगह अभिनव मुकुंद और जयंत यादव की जगह चेन्नई टेस्ट में तिहरा शतक लगाने वाले करुण नायर को टीम में स्थान दिया गया है. ऑस्ट्रेलिया ने वही टीम उतारी है जो पुणे के पहले टेस्ट में खेली थी.
#TeamIndia have won the toss and will bat first - Abhinav Mukund and @karun126 in place of Vijay & Jayant Yadav #INDvAUS @Paytm Test Cricket pic.twitter.com/4OOcvCO6N2
— BCCI (@BCCI) March 4, 2017
स्मिथ की नजर 5000 टेस्ट रन के आंकड़े पर
बेंगलुरू टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. चिन्नास्वामी स्टेडियम में अगर वे 112 रन बनाने में कामयाब रहे तो टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन के आंकड़े को छू लेंगे. स्मिथ जिस अंदाज में बैटिंग कर रहे हैं, उसे देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बेंगलुरू टेस्ट में ही वे इस आंकड़े को छू लेंगे. भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह स्मिथ को जल्द आउट कर न सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई टीम पर दबाव बनाए बल्कि बेंगलुरू में उन्हें यह रिकॉर्ड बनाने से वंचित करे. इसके लिए टीम इंडिया के खिलाड़ियों को कैच ड्रॉप करने की अपने कमजोरी को दूर करना होगा.
दोनों टीमें इस प्रकार हैं...
भारत : केएल राहुल, अभिनव मुकुंद चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, करुण नायर,रिद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, उमेश यादव और ईशांत शर्मा.
ऑस्ट्रेलिया : मैट रेनशॉ, डेविड वॉर्नर, शॉन मार्श, स्टीव स्मिथ (कप्तान), पीटर हैंड्सकाम्ब, मिचेल मार्श, मैथ्यू वेड, मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, जोश हेजलवुड और स्टीव ओकीफी,
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