टीम श्रेयस अय्यर ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को आसानी से अफगानिस्तान को 7 विकेट मात देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. 'द अभिषेक शर्मा शो' का भी फैंस ने जमकर लुत्फ उठाया, लेकिन फिर बड़ी संख्या में फैंस को लगा कि कुछ छूट गया. लगा कि जीत तो मिली, लेकिन कुछ छूट गया. वास्तव में यह महसूस भी हुआ और दिखाई भी पड़ा. और वह रहा वैभव सूर्यवंशी को न खिलाना. बड़ी संख्या में फैंस वैभव सूर्यवंशी के लिए जमा हुए थे. जब भी सूर्यवंशी बाउंड्री के नजदीक से गुजरे, तो उनके आकर्षण को महसूस किया गया. उनके न खेलने से पैदा हुई कमी या फैंस की बेचैनी को साफ महसूस किया गया. बड़ी संख्या में ये फैंस नाराज भी दिखाई पड़े क्योंकि वह वैभव के चौके-छक्के देखने के लिए आए थे, लेकिन यह भी सच है कि खेल की क्रूर दुनिया चाहने और भावनाओं से नहीं ही चलती. चलिए समझते हैं कि वैभव क्यों नहीं खेले या भविष्य में उनका पेंच कहां फंसा हुआ दिखाई पड़ रहा है ?
प्रदर्शन और कॉम्पटीशन
इस साल भारत के लिए करियर का आगाज करने वाले वैभव सूर्यवंशी अभी तक भारत के लिए खेले 6 मैचों की इतनी ही पारियों में 32.16 के औसत से 193 रन बना चुके हैं. उनका स्ट्राइक-रेट 189.21 का रहा है. निश्चित रूप से यह ठीक-ठाक प्रदर्शन है लेकिन सूर्यवंशी जहां खड़े हैं, वह प्रतिस्पर्धा, 'टीम पॉलिसी' और सर्वश्रेष्ठ संतुलन के बीच फंस गए हैं. चलिए वैभव स्टोरी को डिटेल से समझिए.
टीम इंडिया की हालिया पॉलिसी
मतलब अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन. और संजू नाकाम रहते हैं, तो ईशान किशन! हालांकि, ईशान किशन पहले से ही फाइनल XI में बतौर बल्लेबाज जगह बना ले रहे हैं, लेकिन अगर ईशान या टीम इंडिया कभी मुश्किल या "अति जरूरी" हालात में फंसे, तो प्रबंधन उन्हें ओपनर ट्राई कर सकता है! उस "संतुलन" के लिए , जो विकेटकीपर को ओपनर बनाने से हासिल होता है. जब कोई विकेटकीपर ओपनर बनता है, तो कप्तान के पास अतिरिक्त बल्लेबाज, बॉलर या ऑलराउंडर खिलाने का विकल्प मिल जाता है. वैभव यहीं फंसते दिखाई दे रहे हैं.

सूर्यवंशी की बड़ी मुश्किल यह भी है कि...
वैभव अब पॉलिसी, संतुलन, और कम्पटीशन के बीच फंस गए हैं, तो उसकी एक बड़ी वजह आप इस उदाहरण से समझें कि एक बार को अभिषेक शर्मा से कप्तान कुछ ओवर गेंदबाजी करा सकता है, लेकिन वैभव पर यह बात लागू नहीं होती. सूर्यवंशी के साथ सबसे मुश्किल यही बात है कि वह पूरी तरह विशुद्ध बल्लेबाज हैं, और जब भारतीय प्रबंधन गला-काट प्रतिस्पर्धा और खेल का स्तर ऊंचा करने के लिए "सर्वश्रेष्ठ संतुलन" पर सवारी करने का मन बना चुका है, तो बैटिंग के अलावा कुछ न करना तो बहुत बड़ा नेगेटिव है ही, वहीं विशेषज्ञ ओपनर होना भी उनकी राह में मुश्किलें पैदा करता है.
कैसे निकलेगा वैभव के लिए रास्ता?
"सर्वश्रेष्ठ संतुलन" की सवारी को देखा जाए, तो यह बहुत मुश्किल दिखाई पड़ता है. अगर संजू की नाकामी पर वैभव को इलेवन में लाया जाता है, तो यह "सर्वश्रेष्ठ संतुलन" के साथ समझौता करना ही होगा. और अगर प्रतियोगिता बड़ी या विश्व कप जैसी है, तो गंभीर एंड कंपनी ईशान किशन को एक बार को ओपनर बनाकर "सर्वश्रेष्ठ संतुलन" साध सकती है. वहीं, अगर संतुलन साधने के साथ-साथ वैभव को भी टीम का हिस्सा बनाना है, तो फिर ऐसे में ईशान किशन से पारी शुरू कराकर सूर्यवंशी को नंबर-3 पर फिट करना एक "स्थायी कदम" होगा. पर सवाल यह है कि क्या यह सही फैसला होगा? क्या वैभव इस नंबर पर भी चिर-परिचित अंदाज में खेल पाएंगे? और अगर खेल पाएंगे, तो क्या बतौर ओपनर जितने सफल हो पाएंगे?
हालात बहुत ही गंभीर हैं!!
इसके अलावा एक और विकल्प बचता है रोटेशन पॉलिसी का. लेकिन सवाल यह भी है कि परफॉर्म कर रहा बल्लेबाज आखिर क्यों अपनी जगह छोड़ना चाहेगा? आखिर प्रबंधन ब्रॉडकास्टर के दबाव में कुछ महीने पहले इंग्लैंड में संजू सैमसन को बाहर रखकर वैभव को खिलाने के कितने फैसले लेगा? और अगर लेगा भी, तो क्या यह पॉलिसी (विकेटकीपर ही ओपनर हो) से पीछे हटने और "सर्वश्रेष्ठ संतुलन" से समझौता करने के जैसा नहीं होगा? निश्चित रूप से वैभव को लेकर सवाल बहुत ही बड़ा और वजनदार है? हालांकि, फैंस की दीवानगी, ब्रॉडकास्टर्स के दबाव, भावनाओं के बीच वास्तविक हालात "गुम" हो जाते हैं, लेकिन वास्तव में यह बहुत ही "गंभीर" परिस्थिति है. इसका जवाब ढूंढना बिल्कुल भी आसान होने नहीं जा रहा! समाधान और जवाब क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में ही छिपा है.
F & Q: Frequently Asked Questions
प्र.: 1. पहले टी20 मैच में अफगानिस्तान को हराने के बावजूद फैंस के बीच किस बात को लेकर निराशा थी?
उ.: भारत द्वारा मैच जीतने और अभिषेक शर्मा के शानदार प्रदर्शन के बावजूद फैंस में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए जाने को लेकर निराशा थी.
प्र.: 2. टी20 प्रारूप में वैभव सूर्यवंशी का अब तक का अंतर्राष्ट्रीय रिकॉर्ड कैसा रहा है?
उ.: वैभव सूर्यवंशी ने अब तक खेले गए 6 टी20 मैचों में 32.16 के औसत और 189.21 के स्ट्राइक-रेट के साथ 193 रन बनाए हैं।
प्र.: 3. भारतीय टीम प्रबंधन की 'ओपनिंग पॉलिसी' क्या है और वैभव इसमें क्यों फिट नहीं बैठ पा रहे हैं?
उ.: टीम प्रबंधन ऐसे सलामी बल्लेबाज को प्राथमिकता देता है जो विकेटकीपिंग भी कर सके (जैसे संजू सैमसन या ईशान किशन), जिससे टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाज या ऑलराउंडर खिलाने का श्रेष्ठ संतुलन मिलता है. वैभव विशुद्ध बल्लेबाज हैं, इसलिए वे इस पॉलिसी में फिट नहीं हो पा रहे.
प्र.: 4. एक विशुद्ध सलामी बल्लेबाज (Specialist Opener) होना वैभव सूर्यवंशी के लिए नुकसानदायक क्यों साबित हो रहा है?
उ.: वैभव एक विशुद्ध बल्लेबाज हैं और गेंदबाजी नहीं करते हैं. टीम में बढ़ते कॉम्पटीशन और 'सर्वश्रेष्ठ संतुलन' की नीति के कारण केवल बल्लेबाजी करना और अन्य विकल्प (जैसे गेंदबाजी या कीपिंग) न होना उनके लिए एक बड़ा नेगेटिव पॉइंट साबित हो रहा है.
प्र.: 5. टीम संतुलन से समझौता किए बिना वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का क्या संभावित उपाय बताया गया है?
उ.: यदि ईशान किशन से पारी की शुरुआत कराई जाए (जिससे विकेटकीपर-ओपनर का संतुलन बना रहे), तो वैभव सूर्यवंशी को नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए टीम में जगह दी जा सकती है.
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