- राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों में झालावाड़ में बीजेपी को लगा झटका
- वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है
- झालावाड़ नगर परिषद की कुल 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है
राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों में राज्य की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के गढ़झालावाड़ में बीजेपी को तगड़ा झटका लगा है. जिले के आठ निकायों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर आ रहा है. झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने बीजेपी का लगभग सफाया करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है. वहीं खानपुर, भवानीमंडी और डग में भी कांग्रेस ने शानदार बढ़त बनाई है. दूसरी ओर झालरापाटन, मनोहरथाना और अकलेरा में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. पिड़ावा में कांग्रेस सबसे बड़ा दल है, लेकिन यहां बोर्ड गठन के लिए दूसरे दलों और निर्दलीयों की भूमिका अहम हो सकती है.
झालावाड़ में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत
सबसे पहले बात झालावाड़ नगर परिषद की, जिसे बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का सियासी गढ़ माना जाता है. यहां इस बार कांग्रेस ने बीजेपी को बड़ा झटका दिया है. झालावाड़ नगर परिषद की कुल 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की है. बीजेपी महज 13 सीटों पर सिमट गई. वहीं 2 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी एक सीट पर खाता खोला है. यानी झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है और बोर्ड गठन की राह पूरी तरह साफ दिखाई दे रही है.
खानपुर में कांग्रेस का जलवा
खानपुर में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है. कुल परिणाम में कांग्रेस को 18 सीटें, जबकि बीजेपी को 7 सीटें मिली हैं. इस तरह खानपुर में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. पिड़ावा में मुकाबला कुछ अलग नजर आया. यहां कांग्रेस 8 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल बनकर सामने आई है. बीजेपी को 6, आम आदमी पार्टी को 5, जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है. ऐसे में पिड़ावा में बोर्ड गठन के लिए सियासी जोड़तोड़ और दूसरे दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और कुल 20 सीटों में बहुमत के लिए 11 सीटों की जरूरत होगी.
झालरापाटन में बीजेपी का दबदबा
झालरापाटन में बीजेपी ने अपना दबदबा कायम रखा है. यहां बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 8 सीटें मिलीं. आम आदमी पार्टी ने भी यहां 5 सीटें जीती हैं. इस तरह झालरापाटन में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है और बोर्ड गठन की स्थिति उसके पक्ष में दिखाई दे रही है. भवानीमंडी में कांग्रेस ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन किया है. यहां कांग्रेस के खाते में 26 सीटें आई हैं, जबकि बीजेपी को 13 सीटों पर संतोष करना पड़ा. एक सीट निर्दलीय के खाते में गई है. भवानीमंडी में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला है.
जानिए बाकी सीटों का हाल
मनोहरथाना में तस्वीर कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी के पक्ष में रही. यहां बीजेपी ने 11 सीटें जीती हैं। कांग्रेस के खाते में 6 सीटें, जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं. बीजेपी यहां सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. अकलेरा में भी बीजेपी ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया. बीजेपी ने यहां 25 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 8 सीटें मिलीं. दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं. अकलेरा में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला है.वहीं डग में कांग्रेस ने बढ़त बनाई है। यहां कांग्रेस ने 14 सीटें जीती हैं, जबकि बीजेपी को 6 सीटें मिली हैं. निर्दलीयों के खाते में भी सीटें गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक डग में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है. कुल मिलाकर झालावाड़ जिले के आठ निकायों के नतीजों में कांग्रेस ने कई महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों में बढ़त बनाई है, जबकि बीजेपी ने झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना में अपना प्रभाव बरकरार रखा है.
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