Team India Win U19 WC Vaibhav Suryavanshi: 175 एक ऐसा नंबर है जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. पूर्व कप्तान कपिल देव ने 1983 वर्ल्ड कप में ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ मैच में यह जादुई आंकड़ा बनाया था, एक ऐसी पारी जिसने दुनिया को भारतीय क्रिकेट टीम पर ध्यान देने के लिए मजबूर कर दिया. चौदह साल के होनहार खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन बनाकर भारत को इंग्लैंड के खिलाफ़ टाइटल मुकाबले में 411/9 के रिकॉर्ड टोटल तक पहुंचाया. भारत के प्रतिद्वंद्वी लक्ष्य से 100 रन पीछे रह गए.
इस जीत का मतलब था कि भारत ने रिकॉर्ड छठी बार U-19 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती. अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सूर्यवंशी और उनकी टीम की जमकर तारीफ की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में गौतम अदाणी ने लिखा: "छह खिताब. एक भारत. 1983 में कपिल देव से लेकर आज वैभव सूर्यवंशी तक, '175' युगों को परिभाषित करने के लिए तय है. एक शानदार पारी जिसने न सिर्फ मैच जिताया, बल्कि एक और दिग्गज के आने का संकेत दिया.
"हमारे U19 चैंपियंस ने साबित कर दिया है कि आज के युवाओं के लिए महानता एक लक्ष्य नहीं है, यह उनकी पहचान है. दुनिया देख रही है. भविष्य आ गया है." जय हिंद."
Six titles. One Bharat. Undisputed. 🇮🇳
— Gautam Adani (@gautam_adani) February 6, 2026
From Kapil Dev in 1983 to Vaibhav Suryavanshi today, "175" is destined to define eras. A breathtaking knock that did not just win a game, but signalled the arrival of another titan.
Our U19 champions have proven that for the youth of… https://t.co/Ufw7x1RypW
इस जीत से भारत की स्थिति पांच प्रमुख ICC खिताबों के मौजूदा धारक के रूप में भी मज़बूत हुई है: पुरुष T20 विश्व कप (2024), ICC चैंपियंस ट्रॉफी (2025), महिला ODI विश्व कप (2025), महिला U19 विश्व कप (2025), और अब पुरुष U19 विश्व कप (2026).
पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करने के बाद, भारत ने वैभव सूर्यवंशी की 80 गेंदों में शानदार 175 रनों की पारी की बदौलत रिकॉर्ड तोड़ 411/9 का स्कोर बनाया, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. कप्तान आयुष म्हात्रे ने 51 गेंदों में 53 रन जोड़े, जबकि अभिज्ञान कुंडू ने 31 गेंदों में तेज़ 40 रन बनाए. 412 रनों का पीछा करते हुए, इंग्लैंड को केलब फाल्कनर के शानदार 115 रनों के बावजूद संघर्ष करना पड़ा, जिन्होंने नौ चौके और सात छक्के लगाए. इंग्लैंड 142/2 से 177/7 तक लड़खड़ा गया, जिससे 1998 के बाद से दूसरे U-19 विश्व कप खिताब के लिए उनका इंतजार और बढ़ गया.
भारत द्वारा लगाए गए 31 छक्कों ने किसी भी यूथ ODI फाइनल के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले 23 के रिकॉर्ड को पार कर गया. यह जीत एक दुर्लभ दोहरा खिताब भी पूरा करती है, जिसमें भारत एक साथ ICC अंडर-19 पुरुष और महिला विश्व कप दोनों खिताब रखता है.
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत के अजेय अभियान में कई युवा सितारों के लगातार प्रदर्शन शामिल थे. वैभव सूर्यवंशी की तूफानी 175 रनों की पारी, जो अंडर-19 विश्व कप नॉकआउट मैच में पहला 150 से अधिक का स्कोर था वो फाइनल में निर्णायक साबित हुई, जिससे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई.
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