पूर्व टेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाज़ 63 साल के किरण मोरे ने टेनिस क्रिकेट से प्रतिभाओं को ढूंढने और तराशने की नई ज़िम्मेदारी संभाली है. ग़ाज़ियाबाद के ट्राइडेंट क्रिकेट अकादमी में पिछले दो दिनों में हज़ारों युवा क्रिकेटरों ने टेनिस बॉल क्रिकेट की Beyond Reach Premier League BRPL के लिए किरण मोरे और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर गुरुशरण सिंह के सामने अपने ट्रायल्स दिये. टीम इंडिया के लिए 49 टेस्ट और 94 वनडे खेल चुके किरण मोरे NDTV संवाददाता विमल मोहन से ख़ास बातचीत के दौरान वैभव सूर्यवंशी से लेकर टेनिस बॉल क्रिकेट, टेस्ट क्रिकेट और IPL 2026 के ख़िताब की दावेदारी पर खुलकर बातें कीं.
सवाल - सर, आपने बहुत सारे क्रिकेटरों को तराशा है. एमएस धोनी को भी आपने पिक किया. अब आप Beyond Reach Premier League -BRPL (बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग) में प्रतिभाओं को तलाश रहे हैं. इस मुहिम से क्या उम्मीदें हैं?
किरण मोरे - देखिए, ये एक अलग तरह की लीग है. इस लीग से आप काफ़ी लोगों को क्रिकेट खेलते देख सकेंगे. बड़ी बात क्या है कि हमलोग सारे टेनिस बॉल क्रिकेट लीग के खिलाड़ी रहे हैं. आपने एमएस धोनी की बात छेड़ी, आप किसी भी क्रिकेटर की बात कर लें, सबने टेनिस बॉल से ही शुरुआत की. आज भी मैं कोचिंग करता हूं तो टेनिस बॉल से ही प्रैक्टिस करवाता हूं. छोटे बच्चे टेनिस बॉल से खेलते हैं. सीनियर्स को विकेटकीपिंग की ड्रिल टेनिस बॉल से ही करवाता हूं. टेनिस बॉल से बेसिक्स बहुत सीखते हैं और ग़लतियां भी ठीक होती हैं. इस लीग से जो क्रिकेटर आएंगे, वो रणजी ट्रॉफ़ी खेल सकते हैं. कई लोग आईपीएल खेल सकते हैं. ये छिपा टैलेंट दिखता नहीं है. इसका टीवी पर प्रसारण होगा. लोग अच्छे क्रिकेटर देख सकेंगे.
वाल - आप कई छोटे शहरों में जा रहे हैं, आपको कैसा टैलेंट दिख रहा है?
किरण मोरे - बहुत टैलेंट दिख रहा है. दूसरे स्काउट्स भी आए हुए हैं यहां पर. वो बताते हैं कि सर, मुझे इनमें से कुछ लड़के मिल जाएं तो हम इन्हें अच्छा क्रिकेटर बना सकते हैं.
सवाल - आप BRPL को बिहार भी लेकर जानेवाले हैं. बिहार से ही वैभव सूर्यवंशी भी आए हैं, उन्हें कैसे देखते हैं?
किरण मोरे - वैभव सूर्यवंशी बहुत स्पेशल टैलेंट हैं. उन्हें संभालकर रखना चाहिए. उनपर ज़्यादा प्रेशर नहीं बनाना चाहिए. सचिन आए थे तो हम सब उनकी तारीफ़ कर रहे थे. अभी सूर्यवंशी आ गए. दूसरे कई प्लेयर भई आईपीएल में आए. प्रियांश आर्या हैं, दूसरे काफ़ी यंग खिलाड़ी हैं. बीसीसीआई बहुत अच्छा काम कर रही है. नेशनल क्रिकेट अकादमी है. अंडर-19, अंडर-16 के हाई परफ़ोरमेंस कैंप लग रहे हैं. वहां से टैलेंट उभरकर आ रहे हैं.
सवाल – बिहार क्रिकेट से एकाएक कई टैलेंटेड खिलाड़ी सामने आ रहे हैं..
किरण मोरे - बिल्कुल. बिहार में कई साल से क्रिकेट चल रही थी- नहीं चल रही थी. अभी वहां क्रिकेट भूख दिख रही है. बिहार के टैलेंटेड खिलाड़ी झारखंड, बंगाल जाकर खेल रहे थे. ईशान, साकिब और बहुत सारे टैलेंट वहां से निकले हैं. अभी बिहार में क्रिकेट लीग BRPL होने जा रही है. वहां से आप और भी कई प्रतिभाओं को निकलता देखेंगे.
सवाल - वैभव में किस तरह का टैलेंट देखते हैं ...क्या कह सकते हैं कि सचिन या धोनी के यूथ में उनमें जिस तरह का टैलेंट दिखता था...वैभव में कुछ वैसी ही लीग दिखती है ...उसी तरह की लीग में पहुंचने का माद्दा भी दिखता है..
किरण मोरे - देखिए मैं चाहता हूं कि वैभव अभी जिस तरह का क्रिकेट खेल रहा है, जब वो इंटरनेशनल क्रिकेट खेले तो वैसा ही क्रिकेट खेले. देखो, परफ़ोरमेंस होता है, नहीं होता है, कंपैरिज़न या तुलना मैं करता नहीं हूं किसी के साथ. वैभव बहुत स्पेशल टैलेंट है. कुछ, भगवान ने बनाकर भेजा है. ऐसे प्लेयर बहुत कम देखने को मिलते हैं. ये दिख गया है थोड़ा-सा. ये स्पेशल है. जब हम धोनी की बात करते हैं, सचिन की बात करते हैं, गावस्कर, कपिलदेव की बात करते हैं.... तो ये अभी वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत है अभी. ये बेहद स्पेशल टैलेंट हैं. ऐसा टैलेंट 10 साल, 20 साल में एकाध बार आता है, तो ये बेहद स्पेशल टैलेंट है.
सवाल - मौजूदा IPL में आप किस दो टीम को फ़ाइनल खेलता हुआ देखते हैं?
किरण मोरे - इस वक्त कहना मुश्किल है. लेकिन गुजरात टाइटंस है. पंजाब भी वापसी कर सकती है. बैंगलोर की टीम भी है. SRH या हैदराबाद भी है, तो 4-5 टीमें हैं. मुझे अच्छा ये लग रहा है कि जितने भी इंडियन खिलाड़ी हैं वो अच्छा खेल रहे हैं उनके लिए मैं बहुत खुश हूं. बहुत अच्छा क्रिकेट देखने को मिल रहा है.
सवाल- भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा प्रॉब्लम पिछले दो साल में टेस्ट क्रिकेट में देखने को मिला है.. क्या हम रिकवरी के रास्ते पर हैं?
किरण मोरे - नहीं देखो, क्रिकेट में एक साइकिल होती है. कन्टिनुएशन में टीम को अच्छी रखना बहुत मुश्किल हो जाता है. एक फेज़ में हमारे पास बहुत अच्छे खिलाड़ी थे. अच्छे बॉलर्स थे. वो रन भी बनाते थे. विकेट भी लेते थे. मैं मानता हूं हमेशा कि टेस्ट क्रिकेट में आप 20 विकेट लेते हो तभी टेस्ट मैच जीतते हो. तो मुझे लगता है हमें बॉलर्स और डेवलप करने पड़ेंगे. बल्लेबाज़ तो मिल जाएंगे, मगर आपके पास गेंदबाज़ अच्छे रहेंगे तो आप टेस्ट मैच ज़्यादा जीतोगे.
सवाल- क्या अब भी टीम इंडिया ट्रान्ज़िशन के दौर में है? -
किरण मोरे - बिलकुल, अभी टीम इंडिया का ट्रान्ज़िशन फ़ेज़ है ये. ये फ़ेज़ जल्दी ही ख़त्म हो जाएगा. मुझे भी टेस्ट क्रिकेट बहुत पसंद है. और पिछले दो साल में हमारा प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में अच्छा नहीं रहा है. तो मुझे लगता है आगे अच्छा होगा. इस फ़ेज़ से सभी टीमें गई हैं. ऑस्ट्रेलिया भी गई है, इंग्लैंड भी गई है. अब इंडिया का दौर आया है. इंडिया ने जो बदलाव किए हैं, मुझे लगता है कि आगे की श्रृंखला में टीम इंडिया का अच्छा प्रदर्शन होगा.
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