विज्ञापन
This Article is From Dec 03, 2016

हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरने का मौक़ा...

हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरने का मौक़ा...
चंडीगढ़: शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरने का भारत के पास बेहतरीन मौक़ा होगा और इसमें अफ़ग़ानिस्तान का साथ मिलने की पूरी उम्मीद है. भारत और अफ़ग़ानिस्तान दोनों ख़ुद को पड़ोसी देश की ज़मीन से प्रायोजित आतंकवाद का शिकार बताते रहे हैं.

3 और 4 दिसंबर को होने वाले इस सम्मेलन में 40 देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे. यूँ तो हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन का मुख्य अजेंडा अफ़ग़ानिस्तान का विकास है. लेकिन पहले उड़ी और फिर नगरोटा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के सबूत मिले हैं, ऐसे में भारत की कोशिश रहेगी कि सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद का मुद्दा सम्मेलन के दौरान प्रमुखता से उठाया जाए.

4 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफ़ग़निस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ गनी सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. सम्मेलन में पाकिस्तान की अगुवाई प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़ करेंगे. हालाँकि इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच द्वीपक्षीय बातचीत की सम्भावना बेहद कम है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अस्वस्थ होने चलते हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन में भारत की अगुवाई वित्त मंत्री अरुण जेटली करेंगे.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
हार्ट ऑफ़ एशिया, भारत और अफ़ग़ानिस्तान, आतंकवाद, Heart Of Asia, Heart Of Asia Conference, Terrorism, India And Afghanistan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com