देश के एनर्जी सेक्टर के लिए अहम खबर आई है. देश की सरकारी महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान के समुद्री एरिया में नेचुरल गैस के एक नए और बड़े भंडार की खोज की है. इस बात की जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. ये बड़ी कामयाबी देश के अंदर हाइड्रोकार्बन के मामले में अंडमान को एक नए पावरहाउस के रुप में पहचान दिलाएगा. आइए इस खबर में समझते हैं कि अंडमान के हुई ये खोज भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कितनी अहम साबित हो सकती है.
कहां मिला नेचुरल गैस का भंडार?
कंपनी ने बताया कि अंडमान के समुद्री इलाके में एक नए कुएं विजयपुरम-1 में नेचुरल गैस मिली है. ये कुआँ सरकार की ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी के तहत खोदा गया है. अंडमान द्वीप के पूर्वी किनारे से करीब 15 किलोमीटर दूर समुद्र में मौजूद है, जहां पानी की गहराई करीब 355 मीटर है. ऑयल इंडिया की टीम ने इस जगह पर 1900 मीटर से भी ज्यादा गहराई तक ड्रिलिंग की और वहां पुराने इयोसीन लेयर में गैस के बारे में पता चला.
Congratulations @OilIndiaLimited !
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026
An ocean of energy opportunities reinforced in the Andaman Sea!
Very happy to report the presence of natural gas in Sri Vijayapuram-3 an exploratory well drilled by Oil India Ltd. 15 km off the east coast of the Andaman Islands at a water… pic.twitter.com/j6QvWqZkFx
एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज पर खुशी जताते हुए इसके लॉन्ग टर्म में फायदों के बारे में बताया. भारत अभी अपनी ऊर्जा जरूरतों में कच्चे तेल के साथ नेचुरल गैस के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है. हरदीप सिंह पुरी के अनुसार घरेलू स्तर पर गैस की खोज बढ़ने से देश ना केवल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि विदेशी करेंसी की भी बचत होगी.
गैस की चल रही जांच
कंपनी को टेस्टिंग के समय जैसे ही कुएं में परफोरेशन यानी छेद किया, तभी वहां दबाव तेजी से बढ़ने लगा. इसके बाद ऊपरी लेयर पर गैस लगातार जलती हुई नजर आई. ये जलती हुई गैस इस बात का संकेत है कि समुद्र के नीचे गैस का बड़ा और एक्टिव भंडार मौजूद है. अभी फिलहाल साइंटिस्ट इस गैस के सैंपल लेकर लैब में जांच कर रहे हैं, जिससे इसकी क्वालिटी और एनर्जी देने की कैपेसिटी के बारे में सही आंकड़े जुटाए जा सकें.
अंडमान ब्लॉक में पहले भी मिले थे संकेत
ये खोज कोई तुक्का नहीं है, बल्कि ऑयल इंडिया की सोची-समझी प्लानिंग का नतीजा है. इससे पहले सितंबर 2025 में भी कंपनी ने अपने दूसरे कुएं विजयपुरम-2 में भी नेचुरल गैस होने की पुष्टि की थी. इस ब्लॉक में अब तक ड्रिल किए तीन कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन का मिलना इस बात का संकेत है कि अंडमान का ये पूरा एरिया एनर्जी का नया हब बनने के लिए तैयार है.
ये खोज भारत के लिए कितनी अहम?
इस खोज से देश की आत्मनिर्भर महिम को तेजी मिलेगी. विदेशी आयात पर निर्भरता कम होगी. साथ ही क्लीन एनर्जी के टारेगट को एक नई रफ्तार मिलेगी. नेचुरल गैस का ज्यादा इस्तेमाल खाद बनाने और बिजली बनाने के लिए होता है. ऐसे में किसानों को सस्ती खाद मिल सकेगी और आम नागरिक के लिए बिजली भी कम रेट में मिल सकेगी. साथ ही अंडमान में इस खोज के जरिए वहां का इंफ्रा मजबूत होगा. पाइपलाइन के साथ प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे लोकल लेवल पर नई नौकरियां मिल पाएंगी.