E-मेल लिखना हो या कोई भी जानकारी चाहिए हो, हम तुरंत AI चैटबॉट्स की मदद लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी यह सुविधा धीरे-धीरे हमारी धरती की प्यास बढ़ा रही है? यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने एक बेहद डरावनी सच्चाई सामने ला दी है. इस रिसर्च के अनुसार, जब आप बिना सोचे-समझे किसी AI प्लेटफॉर्म से मात्र 100 शब्दों का एक छोटा सा ई-मेल लिखवाते हैं, तो उसके सर्वर को ठंडा करने में लगभग 519 मिलीलीटर साफ पानी खर्च हो जाता है यानी आधी बोतल पानी.

पानी क्यों पी रहा है AI?
शोधकर्ताओं ने पाया है कि अगर AI के साथ 10 से 50 सवालों-जवाबों की एक लंबी बातचीत होती है, तो पानी की खपत का यह पैमाना उसी अनुपात में कई गुना बढ़ जाता है. यह शोध 'कम्युनिकेशन्स ऑफ द एसीएम' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नए AI डेटा सेंटर वर्ष 2010 के सामान्य क्लाउड डेटा सेंटर्स की तुलना में बहुत बड़े और गर्म हैं. यह डेटा सेंटर एक दिन में उतना पानी पी जाते हैं, जितना 10 हजार आबादी का एक पूरा कस्बा कुल प्रयोग करता है. दरअसल, AI के सुपर कंप्यूटर और सर्वर भारी गर्मी पैदा करते हैं. एआई ट्रेनिंग में इस्तेमाल एनवीडिया (Nvidia) की एक-एक जीपीयू (GPU) चिप 300 से 700 वॉट बिजली खर्च करती है और भारी गर्मी छोड़ती है. इस गर्मी को बाहर निकालने के लिए कमर्शियल कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसमें उपकरणों के ऊपर से पानी की पाइपें गुजारी जाती हैं, जो गर्मी को सोखती हैं.
कहां से आ रहा है पानी?
इस रिपोर्ट के अनुसार, टेक कंपनियां पानी उन क्षेत्रों से ले रही हैं जहां पहले से ही पानी की किल्लत है. इसमें चिली, मेक्सिको और उरुग्वे जैसे देश पहले से शामिल हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 2023 में 42 प्रतिशत हिस्सा पानी की कमी वाले क्षेत्रों से लिया था. वहीं, गूगल का 15 प्रतिशत पानी उच्च जल कमी वाले क्षेत्रों से निकाला गया था.
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अगर आंकड़ों पर नज़र डालें तो गूगल ने वर्ष 2024 में वैश्विक स्तर पर 8.1 अरब गैलन पानी का इस्तेमाल किया था. इसका 95 फीसदी हिस्सा अकेले डेटा सेंटर्स में इस्तेमाल हुआ था. साल 2022 में पानी का खर्च 2021 की तुलना में 20 फीसदी अधिक रहा था. वहीं, 2023 की तुलना में यह खर्च आठ गुना ज्यादा रहा है. दूसरी तरफ माइक्रोसॉफ्ट की बात करें तो जीपीटी-4 (GPT-4) को ट्रेन करने के लिए, सिर्फ एक ट्रेनिंग रन के दौरान जुलाई 2022 में 11.5 मिलियन गैलन और अगस्त 2022 में 13.4 मिलियन गैलन पानी की खपत हुई थी. यही नहीं, मेटा ने वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर 813 मिलियन गैलन पानी का इस्तेमाल किया था.
अमेरिका के डेटा सेंटर
साल 2023 में अमेरिकी डेटा सेंटर्स ने कूलिंग के लिए 17.4 अरब गैलन पानी का इस्तेमाल किया था. बिजली बनाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से 211 अरब गैलन पानी खर्च हुआ था, जो सीधे खर्च से 12 गुना अधिक है.
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