दिल्ली में आने वाले समय में बसें 'कचरे' से चलेंगी. जी हां, सही पढ़ा आपने. दिल्ली में बसें पेट्रोल, डीजल या CNG से नहीं, बल्कि कचरे से बनी हाइड्रोजन गैस से चलेंगी. और ये हम नहीं कह रहे, ये कहना है, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का. उन्होंने सोमवार को दिल्ली BJP के एक युवा सम्मेलन में ये बात कही है. उन्होंने कहा कि भविष्य में दिल्ली की बसें अलग-अलग किए गए म्युनिसिपल कचरे से बनी हाइड्रोजन से चल सकती हैं. केंद्रीय मंत्री ने एक ऐसे समय की कल्पना की, जहां गाड़ियों के चलने के लिए हाइड्रोजन का इस्तेमाल होगा और इस हाइड्रोजन को बनाने के लिए पानी का इस्तेमाल होगा.
क्या सच में ऐसा संभव है?
केंद्रीय मंत्री ने संबोधन के दौरान कहा, 'लोग पूछते हैं कि ये कैसे होगा. क्या पिछले 50 सालों में ऐसा कभी हुआ है कि मेरी कोई भविष्यवाणी सच न हुई हो?'
Live: महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी विचारक एवं जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष में युवा सम्मेलन। @nitin_gadkari @hdmalhotra @gupta_rekha https://t.co/ZJ4TI3JDbr
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) July 6, 2026
2027 तक पूरे देश से कचरा खत्म करेंगे
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली में लैंडफिल साइटों से 80 लाख टन कचरे का इस्तेमाल पहले ही एक्सप्रेसवे बनाने में किया जा चुका है और उन्होंने 2027 तक पूरे देश से कचरा खत्म करने की योजना का भी जिक्र किया.
गडकरी ने कहा, 'इस (कचरे) को अलग-अलग किया जाएगा और बायो-डाइजेस्टर के जरिए हाइड्रोजन बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा. दिल्ली की बसें इसी से चलेंगी. ये सब मुमकिन है.'
टॉयलेट का पानी बेचकर 325 करोड़ की कमाई
इसके अलावा, उन्होंने कचरा प्रबंधन की आर्थिक संभावनाओं पर जोर देते हुए बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र की म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ट्रीट किए गए वेस्ट-वॉटर (टॉयलेट तक का गंदा पानी) बेचकर हर साल लगभग 325 करोड़ रुपये कमा रही है.
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