Cement Price Hike: अगर आप घर बनाने की योजना बना रहे हैं या आपका कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, तो यह खबर आपके बजट को झटका दे सकती है.. सीमेंट कंपनियों ने एक महीने के भीतर दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है.सीमेंट कंपनियां आज, 5 मई से कीमतों में प्रति बोरी ₹10 से लेकर ₹25 तक का इजाफा करने जा रही हैं. इससे पहले अप्रैल में भी कीमतों में करीब ₹10 प्रति बोरी की बढ़ोतरी की गई थी. यानी एक महीने से भी कम समय में यह दूसरा प्राइस रिवीजन है.
आपके शहर में कितनी बढ़ेगी सीमेंट की कीमत?
सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी पूरे देश में एक जैसी नहीं होगी.यह बढ़ोतरी अलग-अलग सेक्टर में अलग-अलग हो सकती है...
- दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा करीब ₹25 प्रति बोरी की बढ़ोतरी हो सकती है.
- पूर्वी भारत में ₹25-30 प्रति बोरी तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है.
- जबकि उत्तर और पश्चिम भारत में कीमतें ₹10-15 प्रति बोरी के बीच बढ़ सकती हैं.
क्यों बढ़ रहे हैं सीमेंट के दाम?
सीमेंट की कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं.कीमतों में इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी तनाव है. इसके कारण इनपुट कॉस्ट और लॉजिस्टिक्स खर्च दोनों बढ़ गए हैं, जिससे कंपनियों पर लागत का दबाव बना हुआ है.
इनपुट कॉस्ट में उछाल
सीमेंट की पैकिंग बैग बनाने में इस्तेमाल होने वाला पॉलीप्रोपाइलीन (Polypropylene) काफी महंगा हो गया है. इसकी कीमतों में 70% तक की भारी तेजी आई है, जिससे कंपनियों का खर्च काफी बढ़ गया है.
लॉजिस्टिक्स खर्च
पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव के कारण सिर्फ कच्चा माल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स लागत भी 10-15% तक बढ़ चुकी है. बता दें कि सीमेंट की कुल लागत में लॉजिस्टिक्स की हिस्सेदारी 20-25% तक होती है.
रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा असर
सीमेंट महंगा होने का सीधा असर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर पर पड़ता है.
- रियल एस्टेट की बात करें तो घर बनाने की कुल लागत में सीमेंट का हिस्सा 18-22% होता है. कीमतों में लगातार वृद्धि से डेवलपर्स के लिए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाएगी.
- इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सड़क, पुल और बांध जैसे प्रोजेक्ट्स में सीमेंट का इस्तेमाल 80-90% तक होता है. इसका मतलब है कि आगे चलकर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स महंगे हो सकते हैं.
सीमेंट शेयरों में गिरावट, मार्जिन गिरने का खतरा
कमजोर मांग की चिंताओं के बीच आज शेयर बाजार में सीमेंट स्टॉक्स पर भी दबाव देखा जा रहा है. आज UltraTech Cement, Ambuja Cements, Dalmia Bharat और JK Cement जैसे प्रमुख शेयर गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं जबकि Shree Cement में कुछ बढ़त देखी गई है.
एनालिस्ट्स का मानना है कि कीमत बढ़ाने के बावजूद कंपनियां पूरी लागत रिकवर नहीं कर पाएंगी.FY27 की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव रह सकता है. मार्जिन में 25-30% तक की गिरावट (QoQ) संभव है. वहीं सालाना आधार पर यह गिरावट 45% तक जा सकती है
पूरी लागत निकालने के लिए ₹50 की बढ़ोतरी जरूरी
जानकारों के मुताबिक, मौजूदा इनपुट लागत दबाव को पूरी तरह बैलेंस करने के लिए करीब ₹50 प्रति बोरी की कुल बढ़ोतरी की जरूरत है. लेकिन कमजोर मांग के चलते इतनी बड़ी बढ़ोतरी फिलहाल संभव नहीं दिख रही. डिस्ट्रीब्यूटर्स और बाजार के जानकारों का कहना है कि अभी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में खास तेजी नहीं आई है. ऐसे में कंपनियों के लिए पूरी लागत ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो सकता है. इससे बिक्री पर असर पड़ने का खतरा है. ऐसे में आने वाले समय में सीमेंट कंपनियों के लिए प्राइसिंग और मुनाफे दोनों को संतुलित रखना बड़ी चुनौती होगा.
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