Bonus Calculation Formula | हर साल केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए फेस्टिव बोनस का ऐलान करती है, जिसके कैलकुलेशन का एक तय फॉर्मूला है. फेस्टिव सीजन से पहले से ही कर्मचारियों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि इस बार सरकार कितना बोनस तय करेगी. केंद्र सरकार ने हाल ही में इस संबंध में नोटिफकेशन जारी किया है कि किसी पात्र कर्मचारी को मिलने वाले बोनस का कैलकुलेशन किस तरह किया जाएगा.इस बीच कर्मचारी संघ AINPSF का सुझाव है कि केंद्र सरकार को केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस के कैलकुलेशन के लिए हर सेक्टर में निर्धारित न्यूनतम मूल वेतन (बेसिक सैलरी) का उपयोग करना चाहिए.
नोटिफिकेशन में क्या कहा गया है?
25 अगस्त 2026 को श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी कि गए नोटिफिकेशन में, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019) की धारा 26 की उप-धारा (1) और (3) के तहत स्पष्ट किया गया है कि जहां बोनस के लिए पात्र किसी कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपये प्रति माह से ज्यादा है, वहां बोनस का कैलकुलेशन '7,000 रुपये प्रति माह या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन (इन दोनों में से जो भी अधिक हो)' के आधार पर की जाएगी.
बोनस का कैलकुलेशन समझ लीजिए
ऑल इंडिया NPS एम्पलॉइज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने इस पर अपनी बात रखी है. बकौल मंजीत, 'भारत सरकार ने ये कहा है कि यदि न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से अधिक माना जाता है, तो बोनस का भुगतान उस ज्यादा सैलरी के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा.'
आगे उन्होंने समझाया कि इस आधार पर, यदि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर बोनस का भुगतान करे, तो कुल बोनस राशि 17 हजार से ज्यादा बनेगी.
फॉर्मूला देखिए -
18,000 × 30 ÷ 30.4= 17,763.00 रुपये
- इस तरह 18,000 रुपये के न्यूनतम मूल वेतन वाले लेवल-1 के कर्मचारी के लिए फार्मूले के तहत सांकेतिक बोनस 17,763 रुपये होगा.
- इसी तरह, 35,400 रुपये के न्यूनतम मूल वेतन वाले लेवल-6 के कर्मचारी के लिए इसी फार्मूले के तहत सांकेतिक बोनस 34,934 रुपये होगा.
वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस प्राइवेट सेक्टर के सबसे कम वेतनमान यानी 7,000 रुपये के आधार पर तय किया जाता है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा कि वेतन आयोग के तहत बोनस को 27,694 रुपये करने की अपील पहले ही की जा चुकी है.
फिर भी यदि सरकार अपने ही तरीके से बोनस देने का फैसला करती है, तो भी इससे एक दशक के बाद कुछ बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बन सकती है.
सिंह ने कहा, 'इसलिए, हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह बोनस भुगतान की गणना के लिए प्रत्येक सेक्टर में निर्धारित न्यूनतम मूल वेतन को ही आधार बनाए.'
NC-JCM की मांग- 7,000 से बढ़ाकर 21,000 किया जाए बोनस
इस बीच, स्टाफ साइड एनसी-जेसीएम (NC-JCM) ने केंद्र से मांग की है कि दशहरे के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों को 21,000 रुपये तक का संशोधित बोनस जारी किया जाए. बीते 27 अगस्त 2026 को NC-JCM के सचिव ने पत्र में लिखा, 'चूंकि दशहरा का त्योहार नजदीक आ रहा है और सरकार पीएलबी (प्रोडक्शन-लिंक्ड बोनस) / बोनस / तदर्थ बोनस के भुगतान के आदेश जारी करेगी, इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए देय बोनस की सीमा को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये किया जाना चाहिए.' संगठन ने केंद्र सरकार से इस संबंध में जरूरी आदेश जारी करने का आग्रह किया है.
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