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नेटफ्लिक्स की 'ऑपरेशन सफेद सागर' सीरीज में दिखाया था जीतेंद्र मिश्रा का किरदार, अब बने राम मंदिर के CEO

जीतेंद्र मिश्रा का देश के लिए बड़ा योगदान रहा है. उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से जुड़ा है, जिसे हाल ही में इस नाम से आई नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज में भी दर्शाया गया है.

नेटफ्लिक्स की 'ऑपरेशन सफेद सागर' सीरीज में दिखाया था जीतेंद्र मिश्रा का किरदार, अब बने राम मंदिर के CEO
नेटफ्लिक्स की 'ऑपरेशन सफेद सागर' सीरीज में दिखाया था जीतेंद्र मिश्रा का किरदार
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला सीईओ नियुक्त किया. लगभग चार दशक की सैन्य सेवा के बाद अब वे राम मंदिर के प्रशासनिक और परिचालन प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे. जीतेंद्र मिश्रा का देश के लिए बड़ा योगदान रहा है. उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर' से जुड़ा है, जिसे हाल ही में इस नाम से आई नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज में भी दर्शाया गया है.

18 से ज्यादा तरह के लड़ाकू विमान उड़ाए

जीतेंद्र मिश्रा 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे. करीब 40 साल के करियर में उन्होंने तीन हजार घंटे से अधिक उड़ान भरी. उन्होंने 18 से ज्यादा तरह के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए. स्क्वाड्रन लीडर के रूप में वे उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज-2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल बनाया. इन्हीं बमों का इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सफेद सागर' के दौरान टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर हुए सटीक हमलों में किया गया, जिसने युद्ध के रुख को बदलने में अहम भूमिका निभाई.

‘ऑपरेशन सफेद सागर' में किरदार

वायुसेना में रहते हुए उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट में चीफ टेस्ट पायलट और एयर हेडक्वार्टर में ऑपरेशन प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप के डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया. उनके इस योगदान को वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर' में भी दिखाया गया है, जो कारगिल युद्ध में वायुसेना की भूमिका को केंद्र में रखती है. ‘ऑपरेशन सफेद सागर' में उनका किरदार दिशानिर्देश तय करता हुआ दिखता है.

कठोर प्रक्रिया के बाद बने सीआईओ

ट्रस्ट की बैठक में मिश्रा का चयन 5,585 आवेदनों में से एक कठोर प्रक्रिया के बाद किया गया. उनकी नियुक्ति मंदिर के दैनिक प्रशासन, श्रद्धालु सुविधाओं, सुरक्षा समन्वय और वित्तीय पारदर्शिता को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है. सैन्य अनुशासन, बड़े पैमाने के ऑपरेशन की योजना और प्रबंधन का उनका अनुभव राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के लिए उपयुक्त माना जा रहा है.

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से आने वाले मिश्रा ने हाल ही में वायुसेना से रिटायरमेंट लिया था. सैन्य जीवन से नागरिक प्रशासन की इस यात्रा में वे ‘ऑपरेशन सफेद सागर' जैसे ऐतिहासिक अभियान की यादों को साथ लेकर राम मंदिर की सेवा में जुड़ रहे हैं. ट्रस्ट के अधिकारियों का मानना है कि उनकी नेतृत्व क्षमता मंदिर परिसर के सुचारू संचालन और भक्तों की सुविधाओं में सुधार लाने में मदद करेगी.

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