दिल्ली सरकार ने स्कूलों में मैनेजमेंट कोटा खत्म करने का सर्कुलर जारी कर दिया है, जिसमें अब सिर्फ गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत कोटा रहेगा और 75 फीसदी सीटें आम बच्चों के लिए रहेगी... यह फॉर्मूला सभी स्कूलों पर लागू होगा - यानी प्राइवेट, अन-एडेड या रिकग्नाइज़्ड - और जो स्कूल इस आदेश को नहीं मानेंगे, उनकी मान्यता खत्म होगी... उन स्कूलों को सरकार टेकओवर भी कर सकती है...
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इस कदम से 'एडमिशन का कारोबार' खत्म होगा... मैनेजमेंट कोटा के तहत शाकाहारी, शराब नहीं पीने वाले, धूम्रपान नहीं करने वाले, लिखित परीक्षा और लिंग जैसे 62 बिंदुओं के आधार पर मनमानी नहीं चलेगी...
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट की एक-सदस्यीय बेंच ने स्कूलों की स्वायत्तता बनाए रखने के लिए कहा था, लेकिन स्कूलों से भी पारदर्शिता बनाए रखने को कहा था... इस पर दिल्ली के उपराज्यपाल ने पिछले साल इसे बड़ी बेंच में भेजने को कहा था... अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री का कहना है कि स्कूलों को पारदर्शी और वाजिब नियम बनाने थे, लेकिन पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट इसका विरोध कर रहे हैं... उनका कहना है कि सरकार के इस कदम की कोई कानूनी मान्यता नहीं है... दिल्ली स्कूल शिक्षा एक्ट के तहत ऐसे आदेश देने का अधिकार सरकार को नहीं है...
स्कूलों का आरोप है कि ऑड-ईवन में बस नहीं देने पर सरकार बदला ले रही है, और कोटा खत्म कर रही है... परिवहन मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली के 283 प्राइवेट स्कूलों पर धोखा देने का आरोप लगाया था, और उनका कहना था कि इन स्कूलों ने 15 जनवरी तक बसें देने का वादा किया था, जो नहीं निभाया गया... पब्लिक स्कूल टाइमिंग को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं... वे कह रहे हैं कि इससे दाखिले की प्रक्रिया में असमंजस और देरी होगी... हालांकि 21 तारीख को बड़ी बेंच में सुनवाई होनी है, लेकिन तब तक अभिभावक दुविधा में हैं...
साथ ही जानकारों का यह भी कहना है कि दिल्ली सरकार अगर विधानसभा में कोई प्रस्ताव पारित कर ठोस कदम उठाती तो वह ज़्यादा कारगर साबित होता... बहरहाल, क्या दिल्ली सरकार मैनेजमेंट कोटा सिर्फ खत्म करती दिखना चाहती है या सचमुच कर पाएगी, फिलहाल नज़रें कोर्ट पर हैं...
(निधि कुलपति NDTV इंडिया में सीनियर एडिटर हैं)
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं। इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति एनडीटीवी उत्तरदायी नहीं है। इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं। इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार एनडीटीवी के नहीं हैं, तथा एनडीटीवी उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है।
OPINION
This Article is From Jan 08, 2016
'आम आदमी' की स्कूलों पर 'नकेल' : नज़रें कोर्ट के फैसले पर...
जानकारों का कहना है कि दिल्ली सरकार अगर विधानसभा में कोई प्रस्ताव पारित कर ठोस कदम उठाती तो वह ज़्यादा कारगर साबित होता... बहरहाल, क्या दिल्ली सरकार मैनेजमेंट कोटा सिर्फ खत्म करती दिखना चाहती है या सचमुच कर पाएगी, फिलहाल नज़रें कोर्ट पर हैं...
- जनवरी 08, 2016 18:29 pm IST
- Read Time: 3 mins
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
दिल्ली के स्कूल, नर्सरी एडमिशन, मैनेजमेंट कोटा, स्कूलों में दाखिला, अरविंद केजरीवाल, दिल्ली सरकार, Delhi Schools, Arvind Kejriwal, Delhi Government