मैं सिडनी क्रिकेट ग्राउंड हूं। जब मैच मेरे इस मैदान पर होता है सिर्फ उस वक़्त आप लोग मुझे याद करते हो। ज्यादा बातें खिलाड़ी और उनके रिकॉर्ड की बारे में आप लोग करते रहते हो। आप जानते हो मैंने कितने खिलाड़ियों का करियर बनाया, भविष्य बनाया।
कितने खिलाड़ियों का रिकॉर्ड मेरी वजह से बना है, लेकिन जब रिकॉर्ड बन जाता है तब सब खुश होते हैं, मुझे सब भूल जाते हैं। जरा मुझे भी सुनिए... दूसरों की तरह में भी चाहता हूं कि लोग मेरे बारे में जाने।
ज्यादा समय न लेते हुए चलिए मैं अपने बारे में बताता हूं। मेरा जन्म 1854 को हुआ। लेकिन, उस वक़्त मैं छोटा था। इसीलिए जब मैं 28 साल का था तब 1882 में यहां पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया। ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच पांच विकेट से जीता था। आपको बता दूं उस वक़्त बैट्समैन यहां तेज़ी से रन नहीं बना पाते थे।
जी हां, इंग्लैंड पहले बैटिंग करते हुए पहली पारी में 115 ओवर में सिर्फ 133 रन बना पाया था। आपको याद दिला दूं, जॉर्ज पामर ने उस मैच में शानदार बोलिंग करते हुए मैच में 11 विकेट हासिल किए थे, जो उनके करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। मेरे इस मैदान पर जिसने पहला अर्द्धशतक बनाया वह था डिक बार्लो, यह भी उनके करियर का सबसे बड़ा स्कोर था। तो देखा आपने किस तरह दो खिलाड़ियों ने यहां पर पहले मैच में रिकॉर्ड बनाया।
अभी तक मेरे ऊपर 108 टेस्ट मैच हो चुके हैं और मेरी सबसे प्रिय टीम ही ऑस्ट्रेलिया रही है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने सबसे ज्यादा मैच यहीं जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया 108 मैच से 57 मैच जीता है और मेरा सबसे प्रिय खिलाड़ी रिकी पोंटिंग है। रिकी ने मेरे इस मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। मेरे इस मैदान में सबसे ज्यादा टेस्ट शतक रिकी पोंटिंग ने मारे हैं।
मैं सचिन तेंदुलकर से भी बहुत प्यार करता हूं। मेरे प्रिय सचिन ने पांच मैच में 785 रन बनाए हैं और उनका औसत मेरे इस मैदान पर 157 रहा और इससे बेहतरीन औसत हो ही नहीं सकता। हां और एक बात बता दूं कि सचिन ने यहां खेलते हुए विदेश मैदान पर अपना पहला दोहरा शतक भी मारा। जहां तक मुझे याद हैं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2004 में उन्होंने 241 रन की बेहतरीन पारी खेली थी और भारत अपने पहली पारी में 705 का विशाल स्कोर खड़ा किया था जो एक रिकॉर्ड है। आज तक कोई भी टीम एक पारी में इतने रन नहीं बना पाई है।
10 फरवरी 1888 को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुआ टेस्ट मैच मुझे याद है। उस दिन मैं थोड़ा सा नाराज़ हो गया था। ऑस्ट्रेलिया ने यहां एक पारी में सबसे कम रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया। ऑस्ट्रेलिया अपनी पहली पारी में सिर्फ 42 रन बना पाया था और यह मैच हार गया था। कोई बात नहीं ऐसा होता रहता है।
अब बात कुछ बॉलरों के बारे में भी बता दूं नहीं बात कुछ अधूरी लगेगी... शेन वार्न मेरा सबसे प्यारा बॉलर रहा है। मेरे इस मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड उसके नाम पर है। उसने 14 मैच में 64 विकेट लिए हैं। मैक्ग्राथ ने भी 12 मैचों में 50 विकेट लिए हैं लेकिन, मैं आप को बताना चाहता हूं कि मैक्ग्राथ यहां पर बैटिंग करते हुए सबसे ज्यादा शून्य पर आउट भी हुए हैं। कोई बात नहीं वह ऐसे भी अच्छा बैट्समैन नहीं था। अच्छा चलिए अब आपका मन किसी भारतीय के बारे में जानने का कर रहा होगा... आपको बता दूं, भारत की तरफ से अनिल कुंबले ने यह पर सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। उसने तीन मैच में 20 विकेट लिए हैं।
25 नवंबर 2014 की तारीख को मैं कभी भूल नहीं सकता। उस दिन मेरी ज़िन्दगी का सबसे काला दिन था। मुझे पता नहीं था कि एक बाउंसर फिलिप ह्यूज की मौत का कारण बनेगा। लेकिन, क्या करूं यह किस्मत का खेल था और मैं कोशिश करूंगा कि आगे ऐसी घटना न हो। फिलिप्स मेरे दिल में हमेशा रहेगा।
मैं बहुत खुश हूं कि 6 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चौथा टेस्ट शुरू होने वाला है। मैं मानता हूं कि भारत ने 10 मैचों में सिर्फ एक मैच मेरे इस मैदान पर जीता है, लेकिन उम्मीद करता हूं कि दोनों टीम अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
This Article is From Jan 05, 2015
मैं सिडनी क्रिकेट ग्राउंड : जरा मुझे भी सुनिए
Sushil Mohapatra, Rajeev Mishra
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Updated:जनवरी 05, 2015 15:03 pm IST
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Published On जनवरी 05, 2015 14:56 pm IST
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Last Updated On जनवरी 05, 2015 15:03 pm IST
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