- तेजस्वी का कहना था कि यह शिष्टाचार के तहत मुलाकात थी
- तेजस्वी ने कहा कि जो कयास लगाया जा रहा है वह कभी नहीं होगा
- चाय पर चर्चा के दौरान भाजपा के सभी मंत्री नदारद क्यों रहे
बिहार की राजनीति में अटकलों का बाजार पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद गर्म हो गया है. मंगलवार को जहां तेजस्वी यादव ने एनपीआर पर विशेष चर्चा के बाद प्रस्ताव पारित कराने के लिए नीतीश से उनके चेम्बर में जाकर मुलाकात की. वहीं बुधवार को वे विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधरी के कक्ष में मिले और एक साथ चाय की चुस्कियां लीं.
वहां उपस्थित राजद विधायकों के अनुसार हालांकि चाय के दौरान कोई चर्चा नहीं हुई. तेजस्वी यादव से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि यह शिष्टाचार के तहत मुलाकात थी. खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते थे कि वे उनके साथ चाय पियें. तेजस्वी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जाते हैं तब कोई सवाल नहीं करता.
तेजस्वी के अनुसार सदन में जब राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हो रही थी तब उन्होंने अपने भाषण में सरकार के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई और सरकार की कमियां गिनाईं. तेजस्वी ने कहा कि जो कयास लगाया जा रहा है वह कभी नहीं होगा.
उन्होंने मंगलवार की बैठक के बारे में कहा कि वे प्रस्ताव लाने के सम्बंध में आग्रह करने के लिए मिले थे. लेकिन चाय पर चर्चा के दौरान भाजपा के सभी मंत्री नदारद क्यों रहे, फ़िलहाल सब उसका जवाब ढूंढ रहे हैं.
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