तेजस्वी यादव प्रेस कॉन्फेंस करते हुए
- तेजस्वी यादव ने बीजेपी-नीतीश कुमार पर साधा निशाना
- लालू प्रसाद यादव के खिलाफ साजिश करने का आरोप
- सजा से पहले की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
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पटना:
आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाए जाने से पहले उनके बेटे तेजस्वी यादव ने प्रेस कांन्फ्रेस कर कहा है कि लालू जी ने बिहारवासियों के नाम खत लिखा था. आज हमारी महत्वपूर्ण मीटिंग में खत पढ़ा गया. पार्टी के सभी लोगों को निर्देश दिया गया है कि गांव-गांव तक उनका संदेश भेजा पहुंचाया जाए. संदेश को जन-जन तक पहुंचाना. मकर संक्रांति से पहले लोगों के बीच जाकर अपनी बातों को जनता के बीच रखेंगे.
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तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार और आरएसएस को लालू का डर ही था. 18-19 पार्टियां रैली में आई थीं. गुजरात चुनाव के बाद साफ हो गया कि अगर भाजपा को कोई चुनौती दे सकता है वो लालू जी हैं. कोर्ट का फैसला हमें स्वीकार हैं. सीबीआई ने लालू को फंसाया और इससे पहले हम कोर्ट से बरी हुए. उसके बाद एक-एक करके परिवार पर केस किया गया.
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चाईबासा वाले मामले में हम हाईकोर्ट में है. हाईकोर्ट का फैसले के आने के बाद तक सभी मामले एक थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अलग-अलग कर दिया. थोड़े दिन की खुशी है लोगों को खुश होने दो. हमारे यहां कभी बिखराव नहीं हुआ बल्कि हम एकजुट हैं. लालू जी जेल में हैं फिर लोग इतने भयभीत है कि उनको फंसाने के लिए ताबड़तोड साजिश रची जा रही है. लालू जी ने समझौता कर लिया होता तो राजा हरिशचंद्र के खिताब से नवाजा जाता. बिहार के विकास के लिए नीतीश के साथ समझौता किया. पता नहीं क्या डर था कि बीजेपी के साथ वापस आना पड़ा. बिहार की जनता और देश की जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला. बिहार की जनता बटन दबाकर इन्हें जवाब देगी.
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