सुशील मोदी ने बेनामी संपत्ति मामले को लेकर तेजस्वी यादव को निशाना बनाया है.
- आयकर विभाग बेनामी संपत्ति मामले की कर रहा है जांच
- मोदी ने तेजस्वी से पूछा क़ीमती मकान ख़रीदने के लिए पैसे कहां से आए?
- कम्पनी में न कोई कर्मचारी था, न ही कोई टर्नोवर और न ही कोई व्यापार
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पटना:
बिहार में आयकर विभाग ने पटना में एक बंगले को बेनामी संपत्ति बताते हुए जांच की. इस बंगले का रजिस्ट्रेशन जिस कम्पनी के नाम से है पूर्व में उसके निदेशक मंडल में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव भी रहे हैं.
शनिवार को इसी मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने तेजस्वी यादव से कई सवाल पूछे. मोदी ने तेजस्वी यादव से इस बात पर सफ़ाई देने के किए कहा कि जिस कम्पनी के वे निदेशक थे उसके पास यह क़ीमती मकान ख़रीदने के लिए पैसे कहां से आए?
यह भी पढ़ें : आयकर विभाग ने लालू परिवार की एक और संपत्ति पटना में जब्त की
मोदी के अनुसार इस कम्पनी के सभी शेयर होल्डर और कम्पनी का पता बोगस था. इस कम्पनी में न कोई कर्मचारी था, न ही कोई टर्नोवर और न ही कोई व्यापार. सुशील मोदी ने इसे आधार बनाकर तेजस्वी से पूछा है कि इस कम्पनी में लगा कलाधन किसका था. किन लोगों ने अपना काला धन इस कम्पनी में लगाया?
VIDEO : अगला चुनाव जय श्रीराम-जय भीम समर्थकों के बीच
सुशील मोदी ने पार्टी कार्यालय में आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि लालू यादव ने बेनामी कम्पनी के माध्यम से संपत्ति बनाई. जांच में जब इसका ख़ुलासा हो रहा है तब पूछताछ से तेजस्वी और तेजप्रताप बच रहे हैं. दरअसल इस मामले में जब आयकर विभाग ने दोनों भाइयों को समन किया तो उन्होंने घर में शादी होने के आधार पर और समय की मांग की है.
शनिवार को इसी मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने तेजस्वी यादव से कई सवाल पूछे. मोदी ने तेजस्वी यादव से इस बात पर सफ़ाई देने के किए कहा कि जिस कम्पनी के वे निदेशक थे उसके पास यह क़ीमती मकान ख़रीदने के लिए पैसे कहां से आए?
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मोदी के अनुसार इस कम्पनी के सभी शेयर होल्डर और कम्पनी का पता बोगस था. इस कम्पनी में न कोई कर्मचारी था, न ही कोई टर्नोवर और न ही कोई व्यापार. सुशील मोदी ने इसे आधार बनाकर तेजस्वी से पूछा है कि इस कम्पनी में लगा कलाधन किसका था. किन लोगों ने अपना काला धन इस कम्पनी में लगाया?
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सुशील मोदी ने पार्टी कार्यालय में आयोजित इस संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि लालू यादव ने बेनामी कम्पनी के माध्यम से संपत्ति बनाई. जांच में जब इसका ख़ुलासा हो रहा है तब पूछताछ से तेजस्वी और तेजप्रताप बच रहे हैं. दरअसल इस मामले में जब आयकर विभाग ने दोनों भाइयों को समन किया तो उन्होंने घर में शादी होने के आधार पर और समय की मांग की है.
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