बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात शरद यादव.
पटना:
बिहार में महागठबंधन की सरकार गिर जाने के बाद और बीजेपी-जेडीयू की सरकार बन जाने के बाद से लालू प्रसाद यादव लगातार नीतीश कुमार पर हमलावर रहे हैं. इतना ही नहीं जेडीयू के नाराज नेताओं के बारे में भी वह मीडिया से लगातार बात करते रहे हैं. अब आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद यादव 8 अगस्त को उनसे मिलने के लिए पटना आ रह हैं. लालू यादव ने यह बात रांची में मीडिया कर्मियों से कही और इसी के साथ यह कयास लगाए जाने लगे हैं और जेडीयू के सूत्रों ने साफ कर दिया है कि अगर ऐसा है तब उन्हें मनाने की कोशिशें अब बंद हो जाएंगी.
बता दें कि नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ बिहार में सरकार बनाने के बाद से शरद यादव लगातार नाराज चल रहे हैं. उनके करीबी लोगों ने स्पष्ट कहा कि वह पार्टी के इस फैसले से खुश नहीं है. उधर, यह भी गौर करने की बात है कि शरद यादव ने अभी तक नीतीश कुमार पर कोई सीधा हमला नहीं किया है लेकिन वह लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते आ रहे हैं. यह स्पष्ट है कि अब बिहार में जेडीयू और बीजेपी की मिली जुली सरकार है.
यह भी पढ़ें : क्या शरद यादव की नाराजगी अभी भी खत्म नहीं हुई? लालू का दावा - भाजपा के साथ नहीं जा सकते
शरद यादव ने समान विचारों वाली पार्टियों की एक बैठक 17 अगस्त को बुलाई है. वहीं, जेडीयू की कार्यकारिणी की बैठक 19 अगस्त को बुलाई गई है. यह माना जा रहा है कि पार्टी की अहम बैठक से पहले इस प्रकार की बैठक का आह्वान कहीं उनके अगले राजनीतिक इरादों की ओर इशारा तो नहीं है.
शरद यादव कई मंचों से कई बार बीजेपी को सांप्रदायिक पार्टी करार दे चुके हैं और नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने के फैसले से वह नाराज बताए जा रहे हैं.
VIDEO : मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर करते शरद यादव
राजनीतिक हल्कों में यह विचार हो रहा है कि अगर शरद यादव लालू प्रसाद यादव के साथ जाते हैं तब यह करीब 20 सालों बाद होगा जब चारा घोटाले और पार्टी में वर्चस्व के बाद शरद यादव ने लालू का साथ छोड़ा था. याद दिला दें कि 1997 में लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी का गठन किया था जब शरद यादव ने पार्टी प्रमुख के पद के लिए नामांकन दाखिल किया था.
बता दें कि नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़कर बीजेपी के साथ बिहार में सरकार बनाने के बाद से शरद यादव लगातार नाराज चल रहे हैं. उनके करीबी लोगों ने स्पष्ट कहा कि वह पार्टी के इस फैसले से खुश नहीं है. उधर, यह भी गौर करने की बात है कि शरद यादव ने अभी तक नीतीश कुमार पर कोई सीधा हमला नहीं किया है लेकिन वह लगातार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला करते आ रहे हैं. यह स्पष्ट है कि अब बिहार में जेडीयू और बीजेपी की मिली जुली सरकार है.
यह भी पढ़ें : क्या शरद यादव की नाराजगी अभी भी खत्म नहीं हुई? लालू का दावा - भाजपा के साथ नहीं जा सकते
शरद यादव ने समान विचारों वाली पार्टियों की एक बैठक 17 अगस्त को बुलाई है. वहीं, जेडीयू की कार्यकारिणी की बैठक 19 अगस्त को बुलाई गई है. यह माना जा रहा है कि पार्टी की अहम बैठक से पहले इस प्रकार की बैठक का आह्वान कहीं उनके अगले राजनीतिक इरादों की ओर इशारा तो नहीं है.
शरद यादव कई मंचों से कई बार बीजेपी को सांप्रदायिक पार्टी करार दे चुके हैं और नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने के फैसले से वह नाराज बताए जा रहे हैं.
VIDEO : मीडिया के सामने नाराजगी जाहिर करते शरद यादव
राजनीतिक हल्कों में यह विचार हो रहा है कि अगर शरद यादव लालू प्रसाद यादव के साथ जाते हैं तब यह करीब 20 सालों बाद होगा जब चारा घोटाले और पार्टी में वर्चस्व के बाद शरद यादव ने लालू का साथ छोड़ा था. याद दिला दें कि 1997 में लालू प्रसाद यादव ने आरजेडी का गठन किया था जब शरद यादव ने पार्टी प्रमुख के पद के लिए नामांकन दाखिल किया था.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Lalu Prasad Yadav, Laloo Yadav, Nitish Kumar, Sharad Yadav, JDU, RJD