शरद यादव के प्रति फिर नरम पड़े जेडीयू के सुर...
पटना:
जेडीयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव के लिए अभी भी उनकी पार्टी में दरवाजे बंद नहीं हुए हैं. पार्टी ने भले ही उन्हें राज्यसभा के पार्टी के संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया हो लेकिन पार्टी भी उनकी वापसी को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ रही हैं. शायद यही वजह है कि पार्टी नेता केसी त्यागी ने उनके वापस लौटने की उम्मीद जताई लेकिन इसके साथ उन्होंने एक शर्त भी जोड़ दी.
जदयू ने सोमवार को कहा कि शरद यादव स्वेच्छा से पार्टी से बाहर चले गए और इसमें दरार के उनके दावे से इंकार करते हुए जोर दिया कि प्रत्येक पदाधिकारी और सभी विधायक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हैं. भाजपा के साथ हाथ मिलाने के फैसले का विरोध करने पर पार्टी ने यादव पर अपना हमला तेज कर दिया है . पार्टी ने कथित दल विरोधी गतिविधियों के आरोप में राज्य में उन 21 नेताओं को निलंबित कर दिया जो कि यादव के वफादार माने जाते हैं .
पढ़ें: शरद यादव 'स्वेच्छा' से पार्टी से चले गए, कोई फूट नहीं : जदयू
जदयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि यादव अब भी पार्टी में लौट सकते हैं लेकिन अगर वह 27 अगस्त को राजद प्रमुख लालू प्रसाद की रैली में गए तो उसके लिए यह ‘‘बेकार’’ होगा. उन्होंने दावा किया कि 98 प्रतिशत पदाधिकारी, 100 प्रतिशत विधायक और 75 प्रतिशत राज्य समितियां कुमार के साथ है जो कि पार्टी अध्यक्ष भी हैं . उन्होंने यादव के 14 राज्य इकाइयों के समर्थन के दावे को भी खारिज कर दिया .
VIDEO : शरद यादव का रास्ता आरजेडी तक जाता है- केसी त्यागी
हालांकि, यादव के प्रति थोड़ा सुर नरम करते हुए कहा कि उन्होंने समाजवाद के लिए काफी 'कुर्बानी' दी है और अगर वह वापस आते हैं तो बड़े भाई की तरह उनका सम्मान होगा. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पार्टी में दरार नहीं है. यह नीतीश कुमार के लिए एकजुट है, जैसा पहले था. एक या दो नेता जाते हैं तो पार्टी नहीं टूटती ...जहां तक शरदजी की बात है उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ दी."
(इनपुट भाषा से भी)
जदयू ने सोमवार को कहा कि शरद यादव स्वेच्छा से पार्टी से बाहर चले गए और इसमें दरार के उनके दावे से इंकार करते हुए जोर दिया कि प्रत्येक पदाधिकारी और सभी विधायक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हैं. भाजपा के साथ हाथ मिलाने के फैसले का विरोध करने पर पार्टी ने यादव पर अपना हमला तेज कर दिया है . पार्टी ने कथित दल विरोधी गतिविधियों के आरोप में राज्य में उन 21 नेताओं को निलंबित कर दिया जो कि यादव के वफादार माने जाते हैं .
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जदयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि यादव अब भी पार्टी में लौट सकते हैं लेकिन अगर वह 27 अगस्त को राजद प्रमुख लालू प्रसाद की रैली में गए तो उसके लिए यह ‘‘बेकार’’ होगा. उन्होंने दावा किया कि 98 प्रतिशत पदाधिकारी, 100 प्रतिशत विधायक और 75 प्रतिशत राज्य समितियां कुमार के साथ है जो कि पार्टी अध्यक्ष भी हैं . उन्होंने यादव के 14 राज्य इकाइयों के समर्थन के दावे को भी खारिज कर दिया .
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हालांकि, यादव के प्रति थोड़ा सुर नरम करते हुए कहा कि उन्होंने समाजवाद के लिए काफी 'कुर्बानी' दी है और अगर वह वापस आते हैं तो बड़े भाई की तरह उनका सम्मान होगा. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पार्टी में दरार नहीं है. यह नीतीश कुमार के लिए एकजुट है, जैसा पहले था. एक या दो नेता जाते हैं तो पार्टी नहीं टूटती ...जहां तक शरदजी की बात है उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ दी."
(इनपुट भाषा से भी)
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