लालू यादव ने सोमवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके नीतीश पर वार किए..
- नीतीश कुमार ने पहली बार मीडिया को संबोधित किया
- नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोड़ने की वजह बताई
- तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर जमकर वार किए
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पटना:
बिहार में जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को मीडिया के सामने आकर महागठबंधन से नाता तोड़ने और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के कारणों को बताया. उन्होंने तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव पर जमकर वार किए. उन्होंने कहा कि जेडीयू की नीति रही है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं. हमारा तेजस्वी से कहना था कि वह अपने मामले में सफाई दें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
उधर, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने सोमवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके नीतीश पर वार किए. लालू ने प्रधानमंत्री मोदी की स्टाइल में पूछा - मित्रों, क्या हत्या जैसे संगीन जुर्म में आरोपित मुख्यमंत्री को कुर्सी पर बैठने का नैतिक अधिकार है जहाँ केस ही CM Versus State of Biharहो?
नीतीश ने कहा लालू अपने बेटे का बचाव करते रहे. मेरे ऊपर सवालिया निशान थे. फर्जी कंपनियों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी. तेजस्वी से मुलाकात में भी मैंने कहा था कि आरोपों पर सफाई दें लेकिन वे सीबीआई के आरोपों पर सफाई देने को तैयार नहीं थे. जेडीयू के किसी नेता ने लालू यादव के खिलाफ बयान नहीं दिया. लालू ने कभी मुझसे बात नहीं की. 26 जून को जब आरजेडी ने अपना पुराना राग अलापा तो मैंने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया. मेरे मन मे ये बात आई कि ये सरकार चलाना संभव नहीं है.
2019 में दिल्ली की गद्दी पर मोदी के अलावा कोई और नहीं बैठ सकता : नीतीश कुमार
एक और ट्वीट में लालू ने कहा कि एक व्यक्ति की नृशंस हत्या करने व 302 के तहत हत्या के संगीन जुर्म में आरोपित नीतीश को CM बनते वक़्त अंतरात्मा ने पुकारा था या कुर्सीआत्मा ने?
VIDEO : 2019 में भी नरेंद्र मोदी ही बनेंगे पीएम : नीतीश
नीतीश पर 302, हत्या और आर्म्स ऐक्ट का केस है लेकिन फिर भी कंबल ओढ़कर व दूसरो को मायावी छवि का सफ़ेद कंबल ओढ़ाकर “God of Morality”बना हुआ है.
उधर, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने सोमवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करके नीतीश पर वार किए. लालू ने प्रधानमंत्री मोदी की स्टाइल में पूछा - मित्रों, क्या हत्या जैसे संगीन जुर्म में आरोपित मुख्यमंत्री को कुर्सी पर बैठने का नैतिक अधिकार है जहाँ केस ही CM Versus State of Biharहो?
नीतीश ने कहा लालू अपने बेटे का बचाव करते रहे. मेरे ऊपर सवालिया निशान थे. फर्जी कंपनियों के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी. तेजस्वी से मुलाकात में भी मैंने कहा था कि आरोपों पर सफाई दें लेकिन वे सीबीआई के आरोपों पर सफाई देने को तैयार नहीं थे. जेडीयू के किसी नेता ने लालू यादव के खिलाफ बयान नहीं दिया. लालू ने कभी मुझसे बात नहीं की. 26 जून को जब आरजेडी ने अपना पुराना राग अलापा तो मैंने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया. मेरे मन मे ये बात आई कि ये सरकार चलाना संभव नहीं है.
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एक और ट्वीट में लालू ने कहा कि एक व्यक्ति की नृशंस हत्या करने व 302 के तहत हत्या के संगीन जुर्म में आरोपित नीतीश को CM बनते वक़्त अंतरात्मा ने पुकारा था या कुर्सीआत्मा ने?
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