- भागलपुर में सुल्तानगंज नगर परिषद के EO कृष्ण भूषण कुमार की दिनदहाड़े उनके कार्यालय में हत्या हुई थी
- हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 7-8 घंटे बाद मुठभेड़ में मार गिराया
- जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अपराध करने वालों को फटाफट गोली लगने के लिए तैयार रहना चाहिए
बिहार के भागलपुर में दिनदहाड़े एक प्रशासनिक अधिकारी की हत्या के आरोपी के एनकाउंटर का सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की सहयोगी जेडीयू ने समर्थन किया है. कल, 28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की उनके कार्यालय में ही हत्या कर दी गई थी और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बाद विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे जंगल राज बताते हुए बीजेपी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसा था. लेकिन, इस हत्या के अगले ही दिन पुलिस ने मुख्य आरोपी रामधनी यादव को एक मुठभेड़ में मार डाला और अब जेडीयू ने भी तेजस्वी यादव को जवाब दिया है.
'फटाफट गोली लगने के लिए तैयार है'
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में इस कार्रवाई को अपराध के खिलाफ सम्राट सरकार की सख्ती का उदाहरण बताया है. नीरज कुमार ने कहा, "हमने हमले के 7-8 घंटे के अंदर अपराधी को चिह्नित किया. रामधनी यादव ने समझ रखा था कि हम अपराध करेंगे और हमारा कुछ नहीं होगा. नाम था रामधनी और काम कर रहे थे रावणधनी का. कार्यपालिका पर हमला, लोकतंत्र पर हमला, मजाक बना देना कानून के राज का, उसने पुलिस पर हमले की कोशिश की. लेकिन इसके बाद फटाफट गोली चली. ये है कानून का राज. फटाफट, फटाफट."

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार (File)
Photo Credit: @Jduonline
नीरज कुमार ने आगे कहा, "हमारी उम्मीद है कि तेजस्वी यादव जिस तरह से सम्राट चौधरी की सरकार पर हमला कर रहे थे, अब वो खटाखट ट्वीट कर बताएं लोगों कि कानून का राज किसको कहते हैं. अपराध करोगे तो फटाफट गोली लगेगी."
जेडीयू प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अब पहले कार्रवाई में अपराधियों पर पैर पर गोली चलती थी, लेकिन अब सरकार के इरादे साफ हैं. उन्होंने कहा, "अब अपराध करनेवाले समझ लें. फटाफट गोली लगने के लिए तैयार है. कानून को चुनौती देंगे तो गोली के जबड़े में फंसेंगे."

रामधनी यादव की मुठभेड़ में मौत
इससे पहले भागलपुर के एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस ने जांच के बाद हत्या के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ के दौरान उसने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को सुल्तानगंज के ग्रामीण इलाके में छिपाने की बात स्वीकार की थी. जब पुलिस की टीम उसे लेकर हथियारों की बरामदगी के लिए मौके पर पहुंची, तभी पीछे से आए रामधनी के सहयोगियों ने उसे छुड़ाने के उद्देश्य से पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रामधनी यादव के सीने में गोली लगी. उसे तुरंत मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मौके से दीपक नाम के एक अन्य अपराधी को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई के दौरान अपराधियों की ओर से की गई फायरिंग में डीएसपी समेत 3 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है.
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