बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
पटना:
बिहार में रेत यानी बालू संकट पर नीतीश ने कहा है कि लोग इस व्यापार को धंधा न बनाएं. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद आम लोगों को परेशानी देना नहीं बल्कि इसमें लगे धंधेबाजों को सबक सीखना है, इसलिए सरकार नई नियमावली लाई है. हालांकि बालू के व्यापार में हो रही परेशानियों एवं बालू के बढ़े दामों पर नीतीश ने राज्य के मुख्य सचिव को जांच के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नियमावली पर हाई कोर्ट की रोक के बाद पुराने नियम से ही तत्काल काम किया जा रहा है. नई नियमावली का मकसद है कि आम लोगों को सहज ढंग से निर्माण संबंधी सामग्री मिल सके. लेकिन इसमें बालू माफिया लोग दो नंबर का काम करने लगे थे, उसी को सही रास्ते पर लाने के लिए नये नियम बनाये गए हैं.
बालू के दाम पहले से ज्यादा होने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि इसकी पूछताछ करेंगे और इसकी जानकारी लेकर मुख्य सचिव के स्तर से जांच की जाएगी. दरअसल नीतीश कुमार जब हेलीकॉप्टर से दौरा करते थे तो देखते थे कि किस प्रकार से इलाके में बालू खनन किया जा रहा है और वे उसी समय अपने अधिकारियों को कहा करते थे कि इसमें कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है, इसकी जांच कीजिए. नीतीश को शक था कि इस व्यापार में घपला किया जा रहा है.
नीतीश को शिकायत मिली थी कि इस व्यापार में लोगों को जिस इलाके में जगह दी गई और जितनी गहराई तक खनन का आदेश था, उसको नजरअंदाज कर लोग ज्यादा उठाव कर रहे थे. धंधेबाज लोग एक जगह से दूसरी जगह भी खनन के लिए चले जाते थे. इसमें पुलिस के द्वारा कार्रवाई भी की जाती रही मगर ये अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा था. इसकी कमाई कागजों पर नहीं दिखाई दे रही थी मगर खुलेआम दिखाई दे रही थी.
बहरहाल, सरकार को इस अवैध कारोबार से राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा था साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था. इसके कारण बिहार की कई सड़कें ख़राब हो रही थीं. सरकार का मकसद है कि इस व्यापार को धंधेबाजी से मुक्त किया जाये.
VIDEO: अवैध खनन के चलते यमुना से नोएडा को खतरा
बालू के दाम पहले से ज्यादा होने के सवाल पर नीतीश ने कहा कि इसकी पूछताछ करेंगे और इसकी जानकारी लेकर मुख्य सचिव के स्तर से जांच की जाएगी. दरअसल नीतीश कुमार जब हेलीकॉप्टर से दौरा करते थे तो देखते थे कि किस प्रकार से इलाके में बालू खनन किया जा रहा है और वे उसी समय अपने अधिकारियों को कहा करते थे कि इसमें कोई गड़बड़ी तो नहीं हो रही है, इसकी जांच कीजिए. नीतीश को शक था कि इस व्यापार में घपला किया जा रहा है.
नीतीश को शिकायत मिली थी कि इस व्यापार में लोगों को जिस इलाके में जगह दी गई और जितनी गहराई तक खनन का आदेश था, उसको नजरअंदाज कर लोग ज्यादा उठाव कर रहे थे. धंधेबाज लोग एक जगह से दूसरी जगह भी खनन के लिए चले जाते थे. इसमें पुलिस के द्वारा कार्रवाई भी की जाती रही मगर ये अवैध कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा था. इसकी कमाई कागजों पर नहीं दिखाई दे रही थी मगर खुलेआम दिखाई दे रही थी.
बहरहाल, सरकार को इस अवैध कारोबार से राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा था साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था. इसके कारण बिहार की कई सड़कें ख़राब हो रही थीं. सरकार का मकसद है कि इस व्यापार को धंधेबाजी से मुक्त किया जाये.
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