- बिहार के कटिहार जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुशहा में टीसी के बदले पार्टी मांगने का आरोप लगाकर हंगामा हुआ.
- 8वीं पास छात्रा सबरी खातून ने बताया कि टीसी के बदले शिक्षकों ने मटन और मछली सहित पार्टी की मांग की थी.
- ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में जमा होकर शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी की.
बिहार के कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुशहा में टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) के बदले पार्टी लेने के आरोप को लेकर जमकर हंगामा हुआ. आरोप है कि 8वीं कक्षा पास कर चुकी एक छात्रा से टीसी जारी करने के नाम पर शिक्षकों ने पार्टी की मांग की. दबाव में आकर छात्रा ने विद्यालय परिसर में मटन, मछली, पुलाव, चावल, दाल और रोटी सहित कई लजीज व्यंजनों का इंतजाम किया, जिसे कुछ शिक्षकों ने खाया.
घटना की जानकारी जैसे ही गांव में फैली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर में पहुंच गए और स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ा विरोध जताया. ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की हरकत बेहद शर्मनाक है और इससे शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को इस तरह मजबूर करना पूरी तरह गलत है.

शिक्षकों द्वारा टीसी देने के बदले पार्टी की मांग की गई
8वीं कक्षा पास करने वाली छात्रा सबरी खातून ने बताया कि शिक्षकों द्वारा टीसी देने के बदले पार्टी की मांग की गई थी. इसी कारण वह घर से मांस–मछली सहित अन्य भोजन बनवाकर स्कूल लाई थीं. छात्रा का कहना है कि पार्टी देकर जब वह टीसी लेकर लौट रही थी, तभी मामला तूल पकड़ गया. वहीं, मामले में शामिल एक आरोपी शिक्षक ने स्वीकार किया कि स्कूल में भोजन किया गया, हालांकि उन्होंने इसे गलती मानते हुए जांच की बात कही. शिक्षक ने बताया कि विद्यालय में कुल पांच शिक्षक हैं और भोजन करने वालों में दो महिला और एक पुरुष शिक्षक शामिल थे.
मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद इजहार आलम ने कहा कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा टीसी देने के बदले पार्टी लेने की परंपरा बना ली गई है, जो पूरी तरह अनुचित है. उन्होंने कहा कि यदि कोई शिक्षक पार्टी लेना चाहता है, तो वह निजी स्तर पर ले, स्कूल को भोज स्थल बनाना सरासर गलत है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में मिड-डे मील व्यवस्था भी सही ढंग से नहीं चल रही है.

बीडीओ ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही आजमनगर बीडीओ सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सरोज कुमार और थाना प्रभारी नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया. बीडीओ सरोज कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और जांच के बाद यदि किसी शिक्षक की गलती पाई जाती है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
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