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This Article is From Dec 10, 2017

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अपने 21 कर्मचारियों को सस्पेंड किया

एफआईआर दर्ज कराई गई, अपने साथियों के बचाव में काम छोड़कर कार्यालय में प्रदर्शन करने का आरोप

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने अपने 21 कर्मचारियों को सस्पेंड किया
प्रतीकात्मक फोटो.
पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने शनिवार को अपने 21 पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया. उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. विभाग इन सभी 21 लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी करेगा. इन पर आरोप है कि ये सभी अपने साथियों के बचाव में काम छोड़कर कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे.

दरअसल, बिहार बोर्ड में मल्टी टास्किंग कर्मचारी की बहाली की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी से फोन पर रुपये मांगने की शिकायत सामने आई थी. इसके बाद पुलिस ने बोर्ड ऑफिस के तीन कर्मियों को हिरासत में लिया था. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बोर्ड के तीन लोगों को हिरासत में लिया. इनमें असिस्टेंट दीपक कुमार वर्मा, चंदन और प्रशाखा पदाधिकारी राम सकल शामिल हैं.  इन तीनों को कोतवाली थाना ले जाया गया. जहां उनसे पूछताछ की गई. हालांकि इन तीनों को पूछताछ के बाद साक्षय नहीं मिलने के कारण छोड़ दिया गया.

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इसी के विरोध में शनिवार को बिहार बोर्ड के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और आंदोलन के मूड में दिखे. इसके कारण बोर्ड ऑफिस आए छात्रों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी. पूरे दिन कामकाज ठप कर कर्मचारी बोर्ड ऑफिस के बाहर हंगामा कर रहे थे. अपने स्टाफ की गिरफ्तारी को लेकर बिहार बोर्ड का स्टाफ काफी आक्रोशित था. बोर्ड के स्टाफ ने कैंपस में जबर्दस्त प्रदर्शन किया. स्टाफ इस बात को लेकर नाराज था कि बिना सबूत के उनके साथियों को हिरासत में क्यों लिया गया.

गौरतलब है कि पटना के रहनेवाले राजेश गुंजन एवं अन्य लोगों ने टेंडर पर कंप्यूटर ऑपरेटर पद के लिए एमटीएस का फॉर्म भरा था. छात्रों ने इसके लिए परीक्षा भी दी थी.  इन्होंने टाइपिंग स्पीड टेस्ट को को भी पास कर लिया. वहीं 5 दिसंबर को इन लोगों के पास फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को बोर्ड ऑफिस का स्टाफ बताया. फोन करने वाले ने खुद को दीपक वर्मा बताते हुए कहा कि अगर नौकरी चाहिए तो 80 हजार रुपये जमा करने होंगे.  गुंजन ने उसकी बातों को रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत बिहार बोर्ड प्रशासन और पटना एसएसपी मनु महाराज को दी थी.

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बहरहाल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एक बार फिर से चर्चा में है. वह कभी रिजल्ट में सेटिंग कर पास को फेल या फेल को पास कर देती है. मगर इस बार नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. बोर्ड के इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद अब कर्मचारियों का क्या रुख होता है ये देखने की बात होगी.

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