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This Article is From Aug 14, 2017

बिहार: नहीं थम रहा बाढ़ का तांडव, 35 लाख लोग हैं 'पानी-पानी'

पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्घि दर्ज की जा रही है. वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में वृद्घि देखी जा रही है.

बिहार: नहीं थम रहा बाढ़ का तांडव, 35 लाख लोग हैं 'पानी-पानी'
बाढ़ से बिहार के 40 प्रखंड प्रभावित हैं.
  • नेपाल में बारिश की वजह से बिहार में बाढ़
  • CM नीतीश कुमार ने केंद्र से मांगी मदद
  • एनडीआरएफ की कई कंपनियां तैनात
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पटना: नेपाल के जलभराव क्षेत्रों में सप्ताहभर से हो रही बारिश की वजह से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. राज्य की प्रमुख नदियां विभिन्न जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य के विभिन्न जिलों के 40 प्रखंडों की लगभग 35 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है. पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्घि दर्ज की जा रही है. वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में वृद्घि देखी जा रही है. नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता शेषनाथ सिंह ने सोमवार को बताया कि सुबह 10 बजे वीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्तर 2.66 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि वाल्मीकिनगर बैराज में गंडक का जलस्तर 3.92 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया. 

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उन्होंने बताया कि कोसी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, क्योंकि नेपाल के बराह क्षेत्र में कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्घि दर्ज की जा रही है. 

सिंह ने बताया कि बागमती नदी डूबाधार, सोनाखान और बेनीबाद में जबकि कमला बलान नदी झंझारपुर और जानकीबियर क्षेत्र में खतरे के निशान को पार कर गई है. अधवारा समूह की नदियां भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 

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राज्य के अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है. किशनगंज और अररिया जिले की स्थिति सबसे बदतर बताई जा रही है. राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद मांगी है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

बाढ़ के कारण कई प्रखंड़ों को सड़क सपंर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है. सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है. 

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में लग गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीम भी सोमवार को किसी भी समय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच जाएगी. सेना के 80 जवान और अधिकारी भी रात को पटना के दानापुर से किशनगंज के लिए रवाना हो गए हैं. 


वीडियो: नेपाल के पानी से बिहार में बाढ़


अधिकारी ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
 

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