- बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है
- भाजपा को मिले विभागों का बजट 2025 से 41 प्रतिशत ज्यादा है, जबकि जदयू के विभागों का बजट घटा है
- शिक्षा विभाग बीजेपी के खाते में आ गया है, जिसका संयुक्त बजट 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है
बिहार में सम्राट चौधरी की अगुआई वाली सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट विस्तार किया. विभागों का बंटवारा भी किया गया. इस बंटवारे में जेडीयू को घाटा हो गया है. 2025 में विभागों के बंटवारे में जदयू भाजपा से बीस थी, लेकिन अब उसके हिस्से का बजट घट गया है. बीजेपी ने शिक्षा जैसा बड़े बजट वाला विभाग अपने हिस्से में ले लिया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग जदयू के खाते में चला गया है.
6 महीने में बीजेपी को हुआ बड़ा फायदा
2025 के बाद समय का पहिया ऐसा घूमा है कि भाजपा अब बड़ी भूमिका में आ चुकी है, वहीं जदयू के हाथ से न सिर्फ मुख्यमंत्री पद चला गया, बल्कि अब विभागीय बजट में उसे घाटा हो गया है. आंकड़े बता रहे हैं कि भाजपा को मिले विभागों का बजट नवंबर 2025 के मुकाबले 44 हजार 876 करोड़ रुपए बढ़ गया है. वहीं जदयू के विभागों के संयुक्त बजट में 42 हजार 147 करोड़ रुपये की कटौती हो गई है.
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भाजपा के विभागों का बजट 41% बढ़ा
2025 में कैबिनेट विस्तार के वक्त भाजपा को जो विभाग मिले थे, उनका कुल बजट 1 लाख 7 हजार 596 करोड़ है. उस समय जदयू को मिले विभागों का कुल बजट 1 लाख 57 हजार 540 करोड़ रुपये था. गुरुवार को कैबिनेट फेरबदल के बाद बंटवारे में जदयू को जो विभाग मिले, उनका बजट 1 लाख 15 हजार 393 करोड़ है जबकि भाजपा के पास मौजूद विभागों का बजट 1 लाख 52 हजार 472 करोड़ रुपए हो गया है. इस तरह बीजेपी को मिले विभागों के बजट में 41% की बढ़ोतरी हुई है.
शिक्षा लिया, स्वास्थ्य-आपदा प्रबंधन दिया
बिहार में शिक्षा विभाग का बजट सबसे ज्यादा है. भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षा विभाग को जनता दल यूनाइटेड के खाते से ले लिया है. शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग को मिलाकर बजट 68 हजार 216 करोड़ रुपए तक पहुंचता है. इसके बदले में, भाजपा ने अपने खाते से स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग जदयू को दिए हैं.
निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. इस विभाग का बजट 21 हजार 270 करोड़ रुपए है. वहीं रत्नेश सादा को आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जिसका बजट 4799 करोड़ रुपये है. इस तरह विभागों के बजट में देखा जाए तो जदयू को इस फेरबदल में घाटा हो गया. है.
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