Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और इमरजेंसी सेवाओं की पोल खोलती एक विचलित करने वाली तस्वीर आरा से सामने आई है. जहां एक ओर सरकार 'हाईटेक' सेवाओं का दावा करती है वहीं हकीकत यह है कि एक तड़पते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस तक नसीब नहीं हुई. आखिर में मानवता के नाते स्थानीय लोगों ने युवक को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाया.
जानें क्या है पूरी घटना
घटना नवादा थाना क्षेत्र के धोबी घटवा मोड़ की है. अरवल जिले के बलिदाद का रहने वाला राकेश कुमार सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़प रहा था. उसे तत्काल इलाज की जरूरत थी. हादसे के तुरंत बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा 102 पर कई बार फोन किया. 20 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई मदद नहीं पहुंची तो लोगों ने आपातकालीन सेवा 112 को भी डायल किया. लेकिन बात यह है कि दोनों ही महत्वपूर्ण सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाईं.

लोगों ने ठेले को ही बनाया एंबुलेंस
जब चारों तरफ से निराशा हाथ लगी तो स्थानीय लोगों ने हिम्मत नहीं हारी. सिस्टम की बेरुखी देख लोगों ने सड़क किनारे से एक ठेला लिया और घायल राकेश को उसी पर लिटाकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े. सड़क पर ठेले पर लदे घायल की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग बिहार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को कोस रहे हैं.
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