
मुलायम सिंह यादव की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन से समाजवादी पार्टी (सपा) के अलग होने के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि मुलायम सिंह यादव की पार्टी के इस फैसला की वजह उम्मीद से कम सीटें मिलना भर नहीं है।
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि इसकी वजह बस पांच सीटें मिलना है। गांधी मैदान की रैली में मौजूद भीड़ पीएम मोदी की रैली की चौथाई भर थी। समाजवादी पार्टी ने इसे देख महसूस किया कि इस गठबंधन में वैसी ताकत नहीं।'
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि महागठबंधन चुनाव के पहले ही बिखर गया, तो ये भला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से क्या मुकाबला करेंगे। शाहनवाज ने संवाददाताओं से कहा, "एनडीए से मुकाबला करने के लिए गठबंधन तैयार किया गया था और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को माला पहना दी गई थी, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर उनसे पूछा तक नहीं गया। अब सपा अलग हो गई है। यह तो होना ही था।" उन्होंने कहा, "आगामी बिहार विधानसभा चुनाव तक लालू और नीतीश भी साथ रहेंगे या नहीं, यह भी अब देखना होगा। पहले ही कहा गया था कि महागठबंधन का भविष्य नहीं है।"
इधर, बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, 'राजनीति में बड़े परिदृश्य को ध्यान में रखकर गठबंधन बनाया गया था। वैसे अभी हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। गठबंधन के बड़े नेता अभी सपा प्रमुख का फैसला बदलने की कोशिश करेंगे।'
गौरतलब है कि लखनऊ में सपा के संसदीय दल की बैठक के बाद पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), जेडीयू, कांग्रेस और सपा में गठबंधन हुआ था, जिसे 'महागठबंधन' नाम दिया गया था। महागठबंधन में सीट बंटवारे में सपा को पांच सीटें दी गई थीं, जिसे लेकर सपा की बिहार इकाई नाराज बताई जा रही थी।
इसके साथ ही बीजेपी ने इन अटकलों को खारिज किया है कि मुलायम सिंह के इस कदम से उनकी पार्टी को फायदा पहुंचेगा। पार्टी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'मुलायम सिंह के साथ किसी तरह के समझौते का सवाल ही नहीं उठता।'
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा, 'हमें नहीं लगता कि इसकी वजह बस पांच सीटें मिलना है। गांधी मैदान की रैली में मौजूद भीड़ पीएम मोदी की रैली की चौथाई भर थी। समाजवादी पार्टी ने इसे देख महसूस किया कि इस गठबंधन में वैसी ताकत नहीं।'
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि महागठबंधन चुनाव के पहले ही बिखर गया, तो ये भला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से क्या मुकाबला करेंगे। शाहनवाज ने संवाददाताओं से कहा, "एनडीए से मुकाबला करने के लिए गठबंधन तैयार किया गया था और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को माला पहना दी गई थी, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर उनसे पूछा तक नहीं गया। अब सपा अलग हो गई है। यह तो होना ही था।" उन्होंने कहा, "आगामी बिहार विधानसभा चुनाव तक लालू और नीतीश भी साथ रहेंगे या नहीं, यह भी अब देखना होगा। पहले ही कहा गया था कि महागठबंधन का भविष्य नहीं है।"
इधर, बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, 'राजनीति में बड़े परिदृश्य को ध्यान में रखकर गठबंधन बनाया गया था। वैसे अभी हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। गठबंधन के बड़े नेता अभी सपा प्रमुख का फैसला बदलने की कोशिश करेंगे।'
गौरतलब है कि लखनऊ में सपा के संसदीय दल की बैठक के बाद पार्टी के महासचिव राम गोपाल यादव ने बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), जेडीयू, कांग्रेस और सपा में गठबंधन हुआ था, जिसे 'महागठबंधन' नाम दिया गया था। महागठबंधन में सीट बंटवारे में सपा को पांच सीटें दी गई थीं, जिसे लेकर सपा की बिहार इकाई नाराज बताई जा रही थी।
इसके साथ ही बीजेपी ने इन अटकलों को खारिज किया है कि मुलायम सिंह के इस कदम से उनकी पार्टी को फायदा पहुंचेगा। पार्टी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'मुलायम सिंह के साथ किसी तरह के समझौते का सवाल ही नहीं उठता।'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
बिहार चुनाव 2015, मुलायम सिंह यादव, बिहार महागठबंधन, समाजवादी पार्टी, नीतीश कुमार, BiharPolls2015, Mulayam Singh Yadav, Nitish Kumar, JDU, SP